World Bicycle Day: फिट रहने के साथ ईंधन की भी बचत, शाहजहांपुर में साइकिल की ओर बढ़ा रुझान
बाइक और ई-स्कूटी के दौर में लोग साइकिल का इस्तेमाल फिट रहने के साथ ही ईंधन बचाने के लिए भी करने लगे हैं। युवा और बच्चे गियर और फैंसी साइकिल की मांग कर रहे हैं। इससे हर महीने एक दुकान पर सौ से ज्यादा साइकिलें बिकने लगी हैं।
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शाहजहांपुर में साइकिल से पूरी तरह से मुंह मोड़ने वाले लोगों ने कोविड-19 के समय फिर से साइकिल की ओर रुख करना शुरू कर दिया था। फिट रहने, मोटापा कम करने के लिए साइकिल का प्रयोग शुरू किया। वर्तमान में ईंधन संकट के बीच साइकिल की तरफ रुझान और बढ़ा है। कैंट क्षेत्र में सुबह के समय तमाम लोग साइकिल चलाते मिल जाएंगे। डॉक्टरों के अनुसार, साइकिल चलाने से मांसपेशियां मजबूत होने के साथ ही बीपी, शुगर समेत कई तरह की बीमारियों से धीरे-धीरे निजात मिलती है। दूसरी ओर पेट्रोल और डीजल का संकट खड़ा होने से बुजुर्गों के साथ ही युवा भी साइकिल दौड़ा रहे हैं। फिट रहने के लिए जिले में साइकिल क्लब से जुड़ गए हैं।
25 प्रतिशत छात्र-छात्राएं साइकिल से जाते स्कूल
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग, सीबीएसई और सीआईएससीई के लगभग 426 विद्यालय हैं। सीबीएसई में अधिकतर छात्र वैन, बस आदि से जाते हैं। कुछ बच्चे ही साइकिल से जाते हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग में कक्षा आठ से 12 तक के छात्र-छात्राएं साइकिल का उपयोग करते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 25 प्रतिशत विद्यार्थी साइकिल का सफर करते हैं।
बंद हो गईं अधिकतर दुकानें, बेरोजगार हो गए मिस्त्री
साइकिलों की मांग कम होने पर शहर की अधिकतर साइकिल की दुकानें बंद हो गईं। इसके चलते साइकिल मिस्त्री बेरोजगार हो गए। अब शहर में गिनती की दस से 12 साइकिल की दुकानें हैं। यहां पर फैंसी की साइकिलों की बिक्री होती है। ग्रामीण क्षेत्र के कुछेक लोग 22 इंच वाली साइकिल जरूर खरीद ले जाते हैं।
एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि रोज पांच किलोमीटर तक साइकिल चलाने से हृदय रोग से बचाव होगा। सामान्य फिटनेस भी बरकरार रहती है। साइकिल प्रदूषण नहीं फैलाती। पर्यावरण संरक्षण होगा तो सांस संबंधी रोग नहीं होगा।
साइकिल कारोबारी तनवीत सिंह ने बताया कि अब बड़ी साइकिलें नहीं बिकती हैं। फैंसी ही पसंद की जाती हैं। साइकिल चार हजार से दस हजार रुपये तक उपलब्ध है। लोगों का रुझान फिर से साइकिल की तरफ बढ़ रहा है।
साइकिल क्लब के संस्थापक डॉ. विकास खुराना ने बताया कि विश्व के बड़े शहरों के समान ही अपने यहां भी साइकिल क्लब है। अचरज है कि उत्तरप्रदेश के दो या तीन शहरों में ही ऐसे सामुदायिक क्लब अस्तित्व में हैं। साइकिल चलाने में हर उम्र के लोग जुड़ रहे हैं।
फिट रहने को साइकिल चलाते हैं लोग
शाहजहांपुर साइकिल क्लब का गठन 20 सितंबर 2020 को कोविड के समय हुआ था। शुरुआत में डॉ.विकास खुराना, गजेंद्र गंगवार समेत गिनती के नाम थे। उसके बाद काफी लोग जुड़ते चले गए। अब लोग अपने समूहों में साइकिल चलाते हैं। डॉ. विकास खुराना लोगों को साइकिल क्लब से जुड़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।