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Shahjahanpur News: खुदागंज में आज रंगपंचमी को खेली जाएगी होली, उड़ेगा अबीर-गुलाल
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गधे पर बिठाकर प्रमुख मार्गों से निकाला जाएगा लाट साहब का जुलूस
संवाद न्यूज एजेंसी
खुदागंज (शाहजहांपुर)। देश के अधिकतर शहरों में होली पर होलिका दहन के अगले दिन परेवा को रंग खेला जा चुका है, लेकिन नगर में होली के पांचवें दिन रविवार को रंगपंचमी तिथि को रंग उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर लाट साहब को गधे पर बिठाकर नगर के प्रमुख मार्गों से परंपरागत जुलूस भी निकाला जाएगा।
नगर में होली के पांचवें दिन रंग खेलने की अनोखी परंपरा दूर-दूर तक विख्यात है। इस परंपरा के पीछे कई कारण गिनाए जाते हैं, लेकिन यहां के बड़े बुजुर्ग भी यह बताने में असमर्थ है कि यह परंपरा कैसे पड़ी। कुछ लोगों का कहना है कि हिंदू पंचांग और धर्म शास्त्रों में रंगपंचमी तिथि का उल्लेख रंग खेले जाने के उद्देश्य से ही किया गया है।
खास यह है कि रंगपंचमी को ही उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी रंगोत्सव मनाने की परंपरा है और उसी का अनुकरण करते हुए यहां भी इसी तिथि को रंग खेले जाने की परंपरा पड़ी है। जो भी हो, नगर में रंगोत्सव और लाटसाहब के जुलूस को धूमधाम से निकालने की तैयारी की गई है।
रंग खेलने का सिलसिला रविवार को सुबह से शुरू हो जाएगा। इस बीच, महादेवन मंदिर के पास से लाट साहब का जुलूस आरंभ होगा, जो नगर में विभिन्न मार्गों पर भ्रमण करने के बाद देवहा नदी के तट पर विसर्जित होगा। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता सुधीर सिंह ने लाट साहब के जुलूस के लिए स्थानीय गोशाला से गधा भी मंगवा लिया है।
एक बार लाट साहब की सवारी के लिए गधा नहींं मिलने पर उसे बाहर से मंगाया गया था। अब यह गधा पूरे वर्ष स्थानीय गोशाला में रहता है और सिर्फ रंगपंचमी के दिन ही लाट साहब की सवारी में काम आता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुदागंज (शाहजहांपुर)। देश के अधिकतर शहरों में होली पर होलिका दहन के अगले दिन परेवा को रंग खेला जा चुका है, लेकिन नगर में होली के पांचवें दिन रविवार को रंगपंचमी तिथि को रंग उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर लाट साहब को गधे पर बिठाकर नगर के प्रमुख मार्गों से परंपरागत जुलूस भी निकाला जाएगा।
नगर में होली के पांचवें दिन रंग खेलने की अनोखी परंपरा दूर-दूर तक विख्यात है। इस परंपरा के पीछे कई कारण गिनाए जाते हैं, लेकिन यहां के बड़े बुजुर्ग भी यह बताने में असमर्थ है कि यह परंपरा कैसे पड़ी। कुछ लोगों का कहना है कि हिंदू पंचांग और धर्म शास्त्रों में रंगपंचमी तिथि का उल्लेख रंग खेले जाने के उद्देश्य से ही किया गया है।
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खास यह है कि रंगपंचमी को ही उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी रंगोत्सव मनाने की परंपरा है और उसी का अनुकरण करते हुए यहां भी इसी तिथि को रंग खेले जाने की परंपरा पड़ी है। जो भी हो, नगर में रंगोत्सव और लाटसाहब के जुलूस को धूमधाम से निकालने की तैयारी की गई है।
रंग खेलने का सिलसिला रविवार को सुबह से शुरू हो जाएगा। इस बीच, महादेवन मंदिर के पास से लाट साहब का जुलूस आरंभ होगा, जो नगर में विभिन्न मार्गों पर भ्रमण करने के बाद देवहा नदी के तट पर विसर्जित होगा। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता सुधीर सिंह ने लाट साहब के जुलूस के लिए स्थानीय गोशाला से गधा भी मंगवा लिया है।
एक बार लाट साहब की सवारी के लिए गधा नहींं मिलने पर उसे बाहर से मंगाया गया था। अब यह गधा पूरे वर्ष स्थानीय गोशाला में रहता है और सिर्फ रंगपंचमी के दिन ही लाट साहब की सवारी में काम आता है।
