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Shahjahanpur News: गैरइरादतन हत्या में मां और बेटे को सात-सात वर्ष का कारावास
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शाहजहांपुर। थाना रोजा क्षेत्र के ग्राम चौरा अजीजपुर में पांच वर्ष पहले मारपीट के दौरान महिला की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश शिव कुमार-तृतीय ने मां-बेटे को दोषी करार दिया। अदालत ने रंजीत कुमार और उसकी मां गुड्डी देवी को गैरइरादतन हत्या में सात-सात वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला 18 सितंबर 2020 का है। वादी कप्तान लाल के अनुसार सरकारी भूमि और तालाब के किनारे लगे बेरी के पेड़ को काटने को लेकर विवाद हुआ था। वादी पक्ष ने पेड़ काटने से मना किया तो दोपहर करीब 1:30 बजे रंजीत कुमार और गुड्डी देवी ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
इसके बाद दोनों ने मारपीट की। मारपीट के दौरान वादी की मां सरवत्ता देवी के सिर पर ईंट से वार किया गया। गंभीर चोट लगने से उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। कप्तान लाल की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की।
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पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने रंजीत कुमार और गुड्डी देवी को दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों को सात-सात वर्ष के साधारण कारावास और 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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गैरइरादतन हत्या की कोशिश में दो भाइयों को चार-चार वर्ष की कैद
शाहजहांपुर। गैरइरादातन हत्या की कोशिश के दोषी दो सगे भाइयों को अदालत ने चार-चार वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। 12 वर्ष पुराने मामले में उन पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है
आरसी मिशन थाना क्षेत्र के विजयपुर रेती निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि तीन अगस्त 2014 को वह और उनके भाई दीपक त्रिपाठी पार्टी में थे। वहां पर किसी की भाई के फोन पर कॉल आई। दूसरी ओर से गालीगलौज की गई। इसके बाद वे लोग पार्टी छोड़कर घर आ गए। यहां पर दोनों पक्ष आमने-सामने आए और लाठी-डंडे से हमला किया गया।
आशुतोष के सिर पर गंभीर चोट आई और दीपक को भी चोटें लगीं। पुलिस ने विवेचना के बाद सुदीप और उसके भाई सुनील मिश्रा के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे को अदालत में साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। अदालत ने अभियोजन के गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद सुदीप मिश्रा और सुनील मिश्रा को दोषी माना। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा ने सुनील और सुदीप को चार-चार वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद
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मामला 18 सितंबर 2020 का है। वादी कप्तान लाल के अनुसार सरकारी भूमि और तालाब के किनारे लगे बेरी के पेड़ को काटने को लेकर विवाद हुआ था। वादी पक्ष ने पेड़ काटने से मना किया तो दोपहर करीब 1:30 बजे रंजीत कुमार और गुड्डी देवी ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
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इसके बाद दोनों ने मारपीट की। मारपीट के दौरान वादी की मां सरवत्ता देवी के सिर पर ईंट से वार किया गया। गंभीर चोट लगने से उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। कप्तान लाल की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की।
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पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने रंजीत कुमार और गुड्डी देवी को दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों को सात-सात वर्ष के साधारण कारावास और 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
गैरइरादतन हत्या की कोशिश में दो भाइयों को चार-चार वर्ष की कैद
शाहजहांपुर। गैरइरादातन हत्या की कोशिश के दोषी दो सगे भाइयों को अदालत ने चार-चार वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है। 12 वर्ष पुराने मामले में उन पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है
आरसी मिशन थाना क्षेत्र के विजयपुर रेती निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि तीन अगस्त 2014 को वह और उनके भाई दीपक त्रिपाठी पार्टी में थे। वहां पर किसी की भाई के फोन पर कॉल आई। दूसरी ओर से गालीगलौज की गई। इसके बाद वे लोग पार्टी छोड़कर घर आ गए। यहां पर दोनों पक्ष आमने-सामने आए और लाठी-डंडे से हमला किया गया।
आशुतोष के सिर पर गंभीर चोट आई और दीपक को भी चोटें लगीं। पुलिस ने विवेचना के बाद सुदीप और उसके भाई सुनील मिश्रा के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे को अदालत में साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। अदालत ने अभियोजन के गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद सुदीप मिश्रा और सुनील मिश्रा को दोषी माना। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा ने सुनील और सुदीप को चार-चार वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संवाद