रील बनाते समय छात्र की मौत: वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आया था अंकित, इकलौते बेटे का शव देख बेसुध हुई मां
शाहजहांपुर में रील बनाने के चक्कर में इंटर का छात्र वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसे मृत घोषित कर दिया गया। छात्र की मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में हंगामा और तोड़फोड़ की। वहीं इकलौते बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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शाहजहांपुर में मेरठ-वाराणसी वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आकर रविवार को निगोही के ढकिया तिवारी गांव निवासी अंकित चौहान (16 वर्ष) की मौत हो गई। एसपी राजेश द्विवेदी ने कहा कि रील बनाने के दौरान हादसा हुआ। मामले की जांच के बाद तथ्यों का पता लगेगा। पिता विमलेश चौहान का आरोप है कि ट्रेन की चपेट में आने के बाद भी अंकित जीवित था, लेकिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया और उसे मोरचरी में रखवा दिया। परिजनों ने हंगामा करते हुए ट्रॉमा सेंटर में तोड़फोड़ की। आरोप है कि डॉक्टर व स्टाफ के साथ अभद्रता की गई। वहीं छात्र की मौत से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इकलौते बेटे का शव देख मां बेसुध हो गई।
अंकित सरदार पटेल हिंदू इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र था। वह पैसेंजर ट्रेन से कोचिंग के लिए शाहजहांपुर आया था। अंकित कचहरी हाल्ट पर उतरने के बाद वहां रुक गया था तभी वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉ. मेराज आलम के अनुसार, पुलिस अंकित को मृत हालत में लेकर आई थी। एक घंटे के बाद परिजन पहुंचे और अंकित के जिंदा होने की बात कहकर फिर ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच सुरक्षा गार्डों ने परिजनों के साथ धक्का-मुक्की कर दी।
हंगामे के दौरान मची भगदड़, छिप गए लोग
ट्रॉमा सेंटर में हंगामे व तोड़फोड़ होने पर भगदड़ मच गई। इससे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई तीमारदार अपने मरीज को गैलरी में लेकर चले गए। तोड़फोड़ के दौरान लोगों ने छिपकर खुद को बचाया। कई शौचालय तो कुछ दवा स्टोर में जाकर छिप गए। डॉक्टर अपने कक्ष में चले गए। पुलिस के पहुंचने पर सभी सामने आए, लेकिन पूछताछ में किसी ने कुछ नहीं कहा। सिर्फ मामले की जांच कराने की बात कही गई। बताते हैं कि जूनियर महिला डॉक्टर का पहला दिन था। हंगामे के दौरान वह घबराकर चली गईं।
अंकित के नाराज परिजनों का कहना है कि अंकित का उपचार नहीं किया गया। यहां काफी लापरवाही बरती गई। जिस कारण अंकित की जान चली गई। सीसीटीवी फुटेज से सब कुछ साफ हो जाएगा। चचेरे भाई दिनेश सिंह ने बताया कि वह हादसे की सूचना पर आया था। यहां उनके साथ मारपीट की गई। उनकी अंगुलियों में काफी चोट आई है। साथ ही अंकित के पिता के साथ अभद्रता की गई। परिजनों का कहना है कि पुलिस कह रही थी कि अंकित रील बनाने के दौरान ट्रेन की चपेट में आया है, जबकि ऐसा नहीं हुआ है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में इकलौते बेटे अंकित का शव देख उनकी मां सोनी देवी बिलख पड़ीं। बेटे के शव से लिपटकर खूब रोईं। भाई के शव को देख सिद्धी की आंख के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। परिजनों ने बताया कि मृतक के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। अंकित कॉमर्स से पढ़ाई कर रहा था। 18 फरवरी से बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होनी थीं। वह सुबह करीब नौ बजे घर से कोचिंग के लिए निकला था।