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Shamli News: ऑनलाइन सेवा में भी दलालों की सेंध, डीएल के लिए 4000 रुपये तक की वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:28 AM IST
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शामली। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद परिवहन विभाग में दलालों का खेल जारी है। एआरटीओ कार्यालय के बाहर सक्रिय दलाल लर्निंग लाइसेंस के लिए 1000 रुपये और ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के लिए 3500 से 4000 रुपये तक वसूल रहे हैं।
संवाददाता द्वारा छह दिन तक किए गए स्टिंग में सामने आया कि एआरटीओ कार्यालय के बाहर 20 से अधिक दलाल सक्रिय हैं, जो लोगों को जल्दी लाइसेंस बनवाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। दलाल दावा कर रहे हैं कि उन्हें टेस्ट देने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, सिर्फ कैमरे के सामने बैठना होगा और बाकी काम वह खुद करवा देंगे।
स्टिंग के दौरान दलालों से कुछ इस तरह से हुई बात...
दलाल-1
संवाददाता : लर्निंग और डीएल बनवाना है, कितने में बनेगा?
दलाल : लर्निंग के 1000 रुपये लगेंगे, जबकि डीएल के 3500 से 4000 रुपये।
संवाददाता : बाकी लोग तो 2000 रुपये में बना रहे हैं।
दलाल : वहां जाकर बनवा लो, हम टेस्ट भी नहीं देने देंगे। बस कैमरे के सामने बैठना है, टेस्ट भी हम ही हल करेंगे।
दलाल-2
संवाददाता : लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस कितने में बनेगा?
दलाल : लर्निंग के 1000 रुपये, जबकि पक्के लाइसेंस के 2000 रुपये।
संवाददाता : ज्यादा मांग रहे हो, एआरटीओ कार्यालय में कैसे करोगे?
दलाल: हमारी सेटिंग रहती है, उसकी टेंशन मत लो। हम सब करवा देंगे।
इस तरह ठगे जा रहे लोग
शामली निवासी अरुण कुमार ने बताया कि उसने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 2500 रुपये दलाल को दिए हैं। लर्निंग लाइसेंस बन चुका है, जबकि डीएल बनना बाकी है। सोनू का कहना है कि डीएल के लिए 2700 रुपये तय किए गए हैं। बताया कि दलालों का एआरटीओ कार्यालय के अंदर भी हस्तक्षेप है। अंकुर ने बताया कि डीएल बनवाने के लिए 3000 रुपये तय किए गए हैं, जिसमें आधे रुपये पहले और आधे लाइसेंस बनने के बाद देने हैं।
सरकारी फीस बेहद कम, फिर भी वसूली जारी
लर्निंग लाइसेंस की सरकारी फीस करीब 200 रुपये और हैवी ड्राइविंग लाइसेंस की फीस करीब 1000 रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद दलाल लोगों से कई गुना अधिक रकम वसूल रहे हैं।
बोले एआरटीओ
एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि कार्यालय के बाहर दलालों द्वारा अतिरिक्त रुपये वसूले जाने की जानकारी मिली है। मामला गंभीर है और जल्द ही अभियान चलाकर दलालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी दलाल के बहकावे में न आएं और सीधे कार्यालय में जाकर आवेदन करें।
पहले भी चल चुका है अभियान
28 अक्तूबर से 3 नवंबर 2023 और 5 मई 2024 को भी एआरटीओ कार्यालय में दलालों के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान चलाया गया था। अब कार्यालय के गोहरनी-भैंसवाल रोड पर शिफ्ट होने के बाद भी दलालों ने फिर से डेरा डाल लिया है।
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स्टिंग के दौरान दलालों से कुछ इस तरह से हुई बात...
दलाल-1
संवाददाता : लर्निंग और डीएल बनवाना है, कितने में बनेगा?
दलाल : लर्निंग के 1000 रुपये लगेंगे, जबकि डीएल के 3500 से 4000 रुपये।
संवाददाता : बाकी लोग तो 2000 रुपये में बना रहे हैं।
दलाल : वहां जाकर बनवा लो, हम टेस्ट भी नहीं देने देंगे। बस कैमरे के सामने बैठना है, टेस्ट भी हम ही हल करेंगे।
दलाल-2
संवाददाता : लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस कितने में बनेगा?
दलाल : लर्निंग के 1000 रुपये, जबकि पक्के लाइसेंस के 2000 रुपये।
संवाददाता : ज्यादा मांग रहे हो, एआरटीओ कार्यालय में कैसे करोगे?
दलाल: हमारी सेटिंग रहती है, उसकी टेंशन मत लो। हम सब करवा देंगे।
इस तरह ठगे जा रहे लोग
शामली निवासी अरुण कुमार ने बताया कि उसने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 2500 रुपये दलाल को दिए हैं। लर्निंग लाइसेंस बन चुका है, जबकि डीएल बनना बाकी है। सोनू का कहना है कि डीएल के लिए 2700 रुपये तय किए गए हैं। बताया कि दलालों का एआरटीओ कार्यालय के अंदर भी हस्तक्षेप है। अंकुर ने बताया कि डीएल बनवाने के लिए 3000 रुपये तय किए गए हैं, जिसमें आधे रुपये पहले और आधे लाइसेंस बनने के बाद देने हैं।
सरकारी फीस बेहद कम, फिर भी वसूली जारी
लर्निंग लाइसेंस की सरकारी फीस करीब 200 रुपये और हैवी ड्राइविंग लाइसेंस की फीस करीब 1000 रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद दलाल लोगों से कई गुना अधिक रकम वसूल रहे हैं।
बोले एआरटीओ
एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि कार्यालय के बाहर दलालों द्वारा अतिरिक्त रुपये वसूले जाने की जानकारी मिली है। मामला गंभीर है और जल्द ही अभियान चलाकर दलालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी दलाल के बहकावे में न आएं और सीधे कार्यालय में जाकर आवेदन करें।
पहले भी चल चुका है अभियान
28 अक्तूबर से 3 नवंबर 2023 और 5 मई 2024 को भी एआरटीओ कार्यालय में दलालों के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान चलाया गया था। अब कार्यालय के गोहरनी-भैंसवाल रोड पर शिफ्ट होने के बाद भी दलालों ने फिर से डेरा डाल लिया है।