{"_id":"69c03f937eafa6f1c509d74a","slug":"crime-news-shamli-news-c-26-1-sal1002-161889-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: फोन हैक कर खाते में 35 लाख डाले, फिर अन्य खातों में किए ट्रांसफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: फोन हैक कर खाते में 35 लाख डाले, फिर अन्य खातों में किए ट्रांसफर
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। जिला सहारनपुर के गंगोह स्थित अनाज मंडी के व्यापारी ने चार लोगों पर लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर बैंक खाते का इंटरनेट पासवर्ड बदलने और करीब 35 लाख रुपये डालकर अन्य खातों में ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है। एसपी के आदेश पर साइबर क्राइम थाने पर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव रंगाना निवासी परीक्षित ने एसपी एनपी सिंह को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि वह अनाज मंडी गंगोह में आढ़ती है। अप्रैल 2025 में उसने मंडी का लाइसेंस बनवाया और जीएसटी नंबर लिया था। उसके पास दो चालू खाते हैं। एक खाता एचडीएफसी बैंक शाखा गंगोह में है, जिसका इस्तेमाल वह मंडी में किसान का धान बेचने, पक्का बिल काटने और फसल का भुगतान के लिए इस्तेमाल करता है। दूसरा चालू खाता आरबीएल बैंक शाखा अंबाला में 10 लाख रुपये का चेक देकर अगस्त माह में खाता खुलवाने को दिया था। यह खाता उसने हरियाणा के राइस मिल के लिए अपनी मंडी से साठा धान खरीदारी करने के लिए खुलवाया था। पीड़ित का कहना है कि जब तक खाता खुला, तब तक साठ धान का सीजन खत्म हो गया था। खाता खुलने पर उसने अपने 10 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक में डाल दिए थे। कुछ समय बाद उसकी मुलाकात ब्रिजेश कुमार व सुदर्शन सैनी निवासी खतौली जिला मुजफ्फरनगर, अनिल त्यागी निवासी गांव कुरड़ी हाल निवासी देवबंद व नईम निवासी देवबंद जिला सहारनपुर से हुई। उन्होंने अपने को व्यापारी बताते हुए कहा कि उनके पास गंगोह मंडी का लाइसेंस नहीं है। व्यापार के लिए वे उनके लाइसेंस व चालू खाते का इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने आरबीएल बैंक के उनके साइन किए हुए चेक और एटीएम कार्ड मांगा, जो उसने देने से मना कर दिया था।
पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उन लोगों ने उसके मोबाइल फोन पर लिंक भेजा। लिंक भेजते ही उसका फोन हैक हो गया। उसने उन लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की और अपना फोन बंद कर लिया। उसके खाते में पैसे न होने पर उस समय उसने ध्यान नहीं दिया। पीड़ित का कहना है कि आरबीएल बैंक से उसके खाते से गलत राशि का लेनदेन होने का नोटिस मिला। बैंक की स्टेटमेंट देखने से पता चला कि जिस समय फोन हैक हुआ, उस समय आरोपियों ने उसका इंटरनेट बैंक का पासवर्ड बदलकर उसके खाते में 35 लाख रुपये डाले और तुरंत ही उन्हें अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिया। पीड़ित ने आरोपियों पर उसके बैंक खाते का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर साइबर क्राइम थाने पर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
-- -- -- -
आरोपियों ने म्यूल खाते की तरह किया इस्तेमाल
साइबर एक्सपर्ट संजीव भटनागर का कहना है कि व्यापारी के खाते का इस्तेमाल व्यापारियों ने म्यूल खाते की तरह किया। साइबर ठग खाताधारक को कमीशन का लालच देकर म्यूल खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाते हैं और फिर अन्य खातों में ट्रांजेक्शन करते हैं। इस मामले में व्यापारी को कमीशन देने या लेने की बात सामने नहीं आई है लेकिन आरोपियों ने म्यूल खाते की तरह व्यापारी के खाते का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि व्यापारी के खाते में साइबर ठगी की रकम ट्रांजेक्शन होने की शिकायत गाजियाबाद में भी दर्ज हुई है, जिससे यह मामला सामने आया है। इस प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने से साइबर ठगी हो सकती है। शामली में पूर्व में भी साइबर ठगी में इस्तेमाल हुए दो बैंक खाते पकड़े जा चुके हैं।
Trending Videos
झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव रंगाना निवासी परीक्षित ने एसपी एनपी सिंह को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि वह अनाज मंडी गंगोह में आढ़ती है। अप्रैल 2025 में उसने मंडी का लाइसेंस बनवाया और जीएसटी नंबर लिया था। उसके पास दो चालू खाते हैं। एक खाता एचडीएफसी बैंक शाखा गंगोह में है, जिसका इस्तेमाल वह मंडी में किसान का धान बेचने, पक्का बिल काटने और फसल का भुगतान के लिए इस्तेमाल करता है। दूसरा चालू खाता आरबीएल बैंक शाखा अंबाला में 10 लाख रुपये का चेक देकर अगस्त माह में खाता खुलवाने को दिया था। यह खाता उसने हरियाणा के राइस मिल के लिए अपनी मंडी से साठा धान खरीदारी करने के लिए खुलवाया था। पीड़ित का कहना है कि जब तक खाता खुला, तब तक साठ धान का सीजन खत्म हो गया था। खाता खुलने पर उसने अपने 10 लाख रुपये एचडीएफसी बैंक में डाल दिए थे। कुछ समय बाद उसकी मुलाकात ब्रिजेश कुमार व सुदर्शन सैनी निवासी खतौली जिला मुजफ्फरनगर, अनिल त्यागी निवासी गांव कुरड़ी हाल निवासी देवबंद व नईम निवासी देवबंद जिला सहारनपुर से हुई। उन्होंने अपने को व्यापारी बताते हुए कहा कि उनके पास गंगोह मंडी का लाइसेंस नहीं है। व्यापार के लिए वे उनके लाइसेंस व चालू खाते का इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने आरबीएल बैंक के उनके साइन किए हुए चेक और एटीएम कार्ड मांगा, जो उसने देने से मना कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उन लोगों ने उसके मोबाइल फोन पर लिंक भेजा। लिंक भेजते ही उसका फोन हैक हो गया। उसने उन लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की और अपना फोन बंद कर लिया। उसके खाते में पैसे न होने पर उस समय उसने ध्यान नहीं दिया। पीड़ित का कहना है कि आरबीएल बैंक से उसके खाते से गलत राशि का लेनदेन होने का नोटिस मिला। बैंक की स्टेटमेंट देखने से पता चला कि जिस समय फोन हैक हुआ, उस समय आरोपियों ने उसका इंटरनेट बैंक का पासवर्ड बदलकर उसके खाते में 35 लाख रुपये डाले और तुरंत ही उन्हें अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिया। पीड़ित ने आरोपियों पर उसके बैंक खाते का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर साइबर क्राइम थाने पर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आरोपियों ने म्यूल खाते की तरह किया इस्तेमाल
साइबर एक्सपर्ट संजीव भटनागर का कहना है कि व्यापारी के खाते का इस्तेमाल व्यापारियों ने म्यूल खाते की तरह किया। साइबर ठग खाताधारक को कमीशन का लालच देकर म्यूल खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाते हैं और फिर अन्य खातों में ट्रांजेक्शन करते हैं। इस मामले में व्यापारी को कमीशन देने या लेने की बात सामने नहीं आई है लेकिन आरोपियों ने म्यूल खाते की तरह व्यापारी के खाते का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि व्यापारी के खाते में साइबर ठगी की रकम ट्रांजेक्शन होने की शिकायत गाजियाबाद में भी दर्ज हुई है, जिससे यह मामला सामने आया है। इस प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने से साइबर ठगी हो सकती है। शामली में पूर्व में भी साइबर ठगी में इस्तेमाल हुए दो बैंक खाते पकड़े जा चुके हैं।