{"_id":"69f79040c1b53c7bc705c0ef","slug":"inflation-adds-a-touch-of-spice-to-biryani-and-chaat-shamli-news-c-26-1-aur1003-164709-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: बिरयानी और चाट की प्लेट पर लगा महंगाई का तड़का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: बिरयानी और चाट की प्लेट पर लगा महंगाई का तड़का
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 03 May 2026 11:43 PM IST
विज्ञापन
शहर के मुख्य मार्ग पर नाले के पुल के निकट कोयले की भट्ठी पर मिठाई बनाते हुए। संवाद
विज्ञापन
शामली। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी के बाद होटल, ढाबा और रेस्टोंरेंट संचालकों ने खाने की चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं और कई जगह मेन्यू भी संशोधित कर दिया है। अब इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि समोसे 15 से सीधा 20 रुपये में बिकने लगा है। रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों ने थाली और सब्जी के रेटों में 10 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। बिरयानी बीस रुपये वाली प्लेट 30 रुपये की हो गई है। चाट की हाफ प्लेट 30 रुपये से 35 रुपये हो गई और फुल प्लेट 50 से सीधी 60 रुपये पर पहुंच गई है।
मार्च के पहले सप्ताह से ही गैस की किल्लत बनी हुई थी, जिससे संचालकों को सिलिंडर के लिए जुगाड़ करना पड़ रहा था। अब कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने समस्या और बढ़ा दी है। विवाह मंडप संचालकों का कहना है कि गैस महंगी होने के कारण मांगलिक कार्यक्रमों में प्रति प्लेट भोजन का रेट भी बढ़ाना पड़ेगा। होटल संचालक रवि का कहना है कि गैस के दाम बढ़ने से खाने की लागत प्रभावित हुई है। ऐसे में पांच से 10 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाना जरूरी हो गया है।
विनायक, हलवाई राजेंद्र ने बताया कि मिठाई और साउथ व्यंजनों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि इनमें गैस की खपत अधिक होती है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नई दरें लागू करना आवश्यक हो गया है।
बोले कारोबारी
-चाट विक्रेता पवन का कहना है कि कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से मुश्किले बढ़ गई है। एक हजार रुपये बढ़ना उनके लिए बड़ी बात है, इस कारण उन्हें चाट की प्लेट पर पांच से 10 रुपये प्रति प्लेट बढ़ाने पड़े है।
-बिरयानी बेचने वाले सोहेल ने कहा कि पहले गैस मिलनी मुश्किल हो रही थी, अब दाम बढ़ गए है, उन्हें मजबूरी में प्लेट के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
- फास्टफूड संचालक टिंकू ने कहा कि बड़ा कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने से वह अभी तक छोटू सिलिंडर से काम चला रहे थे, लेकिन छोटू सिलिंडर पर भी 261 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। लागत बढ़ने से दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
-मिठाई बेचने वाले राजेंद्र ने कहा कि गैस के दाम बढ़ने से कारोबार पर असर पड़ रहा है दाम 10 से 15 प्रतिशत बढ़ाने पढ़ेंगे।
लकड़ी, कोयला ही पड़ेगा सस्ता
होटल संचालक सोनू का कहना है कि गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते पहले से ही आधे से ज्यादा व्यंजन लकड़ी/ कोयले की भट्ठी पर तैयार कर रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर के दाम जिस कदर बढ़े हैं, इससे तो लकड़ी ही सस्ती पड़ेगी। आने वाले दिनों में लकड़ी व कोयले में ज्यादा खाने के व्यंजन तैयार कराए जाएंगे।
Trending Videos
पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि समोसे 15 से सीधा 20 रुपये में बिकने लगा है। रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों ने थाली और सब्जी के रेटों में 10 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। बिरयानी बीस रुपये वाली प्लेट 30 रुपये की हो गई है। चाट की हाफ प्लेट 30 रुपये से 35 रुपये हो गई और फुल प्लेट 50 से सीधी 60 रुपये पर पहुंच गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मार्च के पहले सप्ताह से ही गैस की किल्लत बनी हुई थी, जिससे संचालकों को सिलिंडर के लिए जुगाड़ करना पड़ रहा था। अब कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने समस्या और बढ़ा दी है। विवाह मंडप संचालकों का कहना है कि गैस महंगी होने के कारण मांगलिक कार्यक्रमों में प्रति प्लेट भोजन का रेट भी बढ़ाना पड़ेगा। होटल संचालक रवि का कहना है कि गैस के दाम बढ़ने से खाने की लागत प्रभावित हुई है। ऐसे में पांच से 10 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाना जरूरी हो गया है।
विनायक, हलवाई राजेंद्र ने बताया कि मिठाई और साउथ व्यंजनों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि इनमें गैस की खपत अधिक होती है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नई दरें लागू करना आवश्यक हो गया है।
बोले कारोबारी
-चाट विक्रेता पवन का कहना है कि कॉमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से मुश्किले बढ़ गई है। एक हजार रुपये बढ़ना उनके लिए बड़ी बात है, इस कारण उन्हें चाट की प्लेट पर पांच से 10 रुपये प्रति प्लेट बढ़ाने पड़े है।
-बिरयानी बेचने वाले सोहेल ने कहा कि पहले गैस मिलनी मुश्किल हो रही थी, अब दाम बढ़ गए है, उन्हें मजबूरी में प्लेट के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
- फास्टफूड संचालक टिंकू ने कहा कि बड़ा कॉमर्शियल सिलिंडर न मिलने से वह अभी तक छोटू सिलिंडर से काम चला रहे थे, लेकिन छोटू सिलिंडर पर भी 261 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। लागत बढ़ने से दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
-मिठाई बेचने वाले राजेंद्र ने कहा कि गैस के दाम बढ़ने से कारोबार पर असर पड़ रहा है दाम 10 से 15 प्रतिशत बढ़ाने पढ़ेंगे।
लकड़ी, कोयला ही पड़ेगा सस्ता
होटल संचालक सोनू का कहना है कि गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते पहले से ही आधे से ज्यादा व्यंजन लकड़ी/ कोयले की भट्ठी पर तैयार कर रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडर के दाम जिस कदर बढ़े हैं, इससे तो लकड़ी ही सस्ती पड़ेगी। आने वाले दिनों में लकड़ी व कोयले में ज्यादा खाने के व्यंजन तैयार कराए जाएंगे।

शहर के मुख्य मार्ग पर नाले के पुल के निकट कोयले की भट्ठी पर मिठाई बनाते हुए। संवाद
