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Mulayam Singh Yadav Death: चुनाव हारे शामली के कई नेताओं को राज्यसभा, विधान परिषद भेजकर दी ताकत

Tue, 11 Oct 2022 12:58 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 11 Oct 2022 12:58 AM IST
सार

राजनीति के दौर में मुलायम सिंह यादव ने कैराना, कांधला, शामली, थानाभवन में लोकसभा, विधानसभा की चुनावी सभाओं में आए। सपा नेताओं पर कांधला पुलिस द्वारा लाठी चार्ज के विरोध में मुलायम सिंह यादव ने कांधला में सभा की।

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Many leaders who lost elections were sent to Rajya Sabha, Legislative Council
मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सपा के संस्थापक और संरक्षक एवं पूर्व केंद्रीय रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव का जिले से गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री काल में सपा को वेस्ट यूपी के शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत समेत कई जिलों में स्थापित किया। कार्यकर्ताओं की लंबी फौज खड़ी कर दी। उनकी ताकत का विरोधी लोहा मानते थे। सपा कार्यकर्ताओं के दुख-दर्द को समझते हुए शादी समारोह में हिस्सा लेकर अपने करीबियों का हौसला बढ़ाया। सत्ता में रहते हुए आगे बढ़ाया।

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राजनीति के दौर में मुलायम सिंह यादव ने कैराना, कांधला, शामली, थानाभवन में लोकसभा, विधानसभा की चुनावी सभाओं में आए। सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं के दुख-दर्द को समझा। सहारनपुर के पूर्व केंद्रीय मंत्री रसूद मसूद, कैराना के पूर्व सांसद मुनव्वर हसन, गढ़ीपुख्ता के पूर्व सांसद अमीर आलम खां को राज्य सभा, जसाला परिवार के पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह को एमएलसी बनाकर ताकत दी।
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वर्ष 1993 में कांधला विधानसभा से भाजपा से विधायक बने रतनपाल पंवार ने सपा का दामन थाम लिया। पंवार के अनुरोध पर मुख्यमंत्री के रूप में मुलायम सिंह यादव 25 जून 2003 में किसान इंटर कॉलेज खरड़ में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के अनावरण समारोह में हिस्सा लिया। लिसाढ़ में मुख्यमंत्री रहते मुलायम सिंह यादव ने गत 25 फरवरी 1995 में आकर कृष्णा नदी के पुल का शिलान्यास किया। 29 फरवरी 1996 में एलम में पूर्व विधायक रतनपाल पंवार की पुत्री श्वेता पंवार के शादी समारोह में आशीर्वाद देने पहुंचे।

रतन पाल पंवार बताते हैं कि वर्ष 2000 में तत्कालीन गंगेरु के प्रधान मतलूब जंग को कांधला पुलिस द्वारा गिरफ्तारी को सपा ने आवाज उठाकर मुद्दा बनाया था। सपा के तत्कालीन सांसद मुनव्वर हसन के नेतृत्व में पार्टी नेता हरेंद्र मलिक, पूर्व विधायक ठाकुर जगत सिंह, पूर्व सांसद संजय चौहान, मुजफ्फरनगर जिले के सपा के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद त्यागी आदि ने कांधला थाने में सपा कार्यकर्ताओं के साथ बेमियादी धरना देने पहुंचे तो कांधला पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। सपा नेताओं पर कांधला पुलिस द्वारा लाठी चार्ज के विरोध में मुलायम सिंह यादव ने कांधला में सभा की।

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2003 में सहारनपुर विधानसभा के उप चुनाव में जाते समय कांधला क्षेत्र के जसाला गांव में पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र सिंह की बेटी की शादी में आशीर्वाद देने पहुंचे थे। थानाभवन के रालोद विधायक अशरफ अली खान बताते हैं कि जब उनके ताऊ गय्यूर अली खां राज्यसभा सदस्य थे। ताऊ के निमंत्रण पर वर्ष 1978-79 में जलालाबाद में उनके किले में आए थे। उमरपुर रोड पर पर बाग में आम की दावत में हिस्सा लिया। वर्ष 2009 में कैराना लोकसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी शादान मसूद के समर्थन में जलालाबाद किला में चुनावी सभा को संबोधित किया। वह 2004 में सहारनपुर क्षेत्र से स्थानीय निकाय विधान परिषद चुनाव वह प्रत्याशी थे। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। चुनाव हारने के बाद उन्हें फोन कर कहा कि घबराना मत, हार जीत तो होती रहती है।

थानाभवन, मोरना विधान सभा और कैराना लोकसभा से चुनाव लड़े पूर्व सांसद अमीर आलम खां बताते है कि वर्ष 1990 में मोरना विधानसभा से सपा विधायक बनने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी। तीन जनवरी 2004 में उनके बेटे नवाजिश आलम की शादी में आशीर्वाद देने पहुंचे। मुख्यमंत्री काल में मुलायम सिंह यादव वर्ष 2004 में कैराना लोकसभा रालोद-सपा गठबंधन प्रत्याशी अनुराधा चौधरी के चुनाव प्रचार के लिए शामली के वीवी पीजी कॉलेज के मैदान आए थे। वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह के समर्थन में चुनाव को संबोधित किया था। लोहिया विचारधारा मुलायम सिंह जनप्रिय नेता थे।

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