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शामली धर्मांतरण: हाईकोर्ट के आदेश के बाद से घर नहीं लौटा आयुष, पिता ने कारी व मुफ्ती पर दर्ज कराई रिपोर्ट
Wed, 30 Sep 2026 06:15 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 30 Sep 2026 06:15 PM IST
सार
Shamli News: शामली के चर्चित धर्मांतरण केस में हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि आयुष अपनी मर्जी के अनुसार धर्म और जीवनसाथी चुन सकता है। अब आयुष के पिता देवराज मलिक ने याचिकाकर्ता समेत दो के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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देवराज मलिक और उनका बेटा आयुष मलिक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शामली शहर के चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण प्रकरण में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। दवा कारोबारी देवराज मलिक ने सुल्तान कारी और दारुल उलूम देवबंद के मुफ्ती अब्दुल्ला पर बेटे आयुष मलिक को अगवा करने, संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाने और परिवार समेत इस्लाम धर्म में परिवर्तन न करने पर जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दवा कारोबारी की तरफ से दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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मोहल्ला दयानंद नगर निवासी देवराज मलिक ने शहर कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वह दवा का व्यापार करते हैं। उन्होंने अपने पुत्र आयुष मलिक को भी नजदीक में दवा की दूसरी दुकान करा रखी है। आरोप है कि कुछ लोगों की उनकी व उनके पुत्र की संपत्ति पर बुरी नजर है। इन लोगों ने आयुष को बहला-फुसला लिया और ब्रेनवॉश कर प्रलोभन देकर धर्मांतरण करा दिया था। उन्होंने व परिवार के लोगों ने अपने पुत्र से बातचीत की तो उसने पुन: हिंदू धर्म अपना लिया था।
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इसके बाद जिला सहारनपुर के सरसावा थानाक्षेत्र के गांव जगेहता नसीब निवासी सुल्तान कारी ने उसके पुत्र आयुष को बहला-फुसलाकर स्वतंत्र रूप से रहने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दाखिल कराई गई थी। उच्च न्यायालय ने 16 सितंबर को आयुष मलिक को बालिग होने के कारण स्वतंत्र रूप से रहने का आदेश दिया था।
देवराज मलिक का आरोप है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सुल्तान कारी उसके पुत्र आयुष को कोई गलत काम कराने के आशय से कहीं अज्ञात स्थान पर ले गया। उस दिन से उसके पुत्र का कोई अता-पता नहीं है। इसके चलते उसके पुत्र द्वारा चलाया जा रहा दुकान का व्यवसाय अस्त-व्यस्त है, जिस कारण आर्थिक नुकसान हो रहा है।
आरोप है कि सुल्तान कारी 18 सितंबर को उनके पास आया और धमकी दी कि उन्होंने आयुष का पुन: धर्म परिवर्तन करा दिया है। अब वह भी अपने परिवार के साथ धर्म परिवर्तन करके इस्लाम धर्म अपना ले और अपनी कुछ संपत्ति उसके नाम व कुछ संपत्ति उसके साथी मुफ्ती अब्दुल्ला दारुल उलूम देवबंद के नाम कर दे। धमकी दी कि अगर ऐसा नहीं किया तो उसे, उसकी पत्नी व बेटे को जान से मार देंगे और पूरी संपत्ति पर कब्जा कर लेंगे।
देवराज का आरोप है कि सुल्तान कारी के साथ मुफ्ती अब्दुल्ला भी इस षड्यंत्र में शामिल हैं। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके पुत्र व उसके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं। जांच अधिकारी धर्मेंद्र गौतम ने बताया कि दवा व्यवसायी की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
यह है मामला
दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि संपत्ति हड़पने के लिए उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर निवासी चांदनी कुरैशी ने प्रेमजाल में फंसाकर और अपने परिवार के साथ मिलकर धर्मांतरण कराया। इस मामले में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। बाद में तीनों आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई थी।
दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि संपत्ति हड़पने के लिए उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर निवासी चांदनी कुरैशी ने प्रेमजाल में फंसाकर और अपने परिवार के साथ मिलकर धर्मांतरण कराया। इस मामले में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। बाद में तीनों आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई थी।
इस मामले में सुल्तान कारी ने आयुष को दोस्त बताकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचिका में आयुष को उसके पिता देवराज मलिक द्वारा बंधक बनाने का आरोप लगाया था। 16 सितंबर को आयुष और उसके पिता उच्च न्यायालय के आदेश पर पेश हुए। उच्च न्यायालय ने आयुष को बालिग होने के कारण स्वतंत्र रहने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद से आयुष मलिक शामली अपने घर नहीं लौटा है।
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