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Siddharthnagar News: हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सड़क सुरक्षा पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:42 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए चलाए जा रहे जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) अभियान पर पुलिस और प्रशासन ने फोकस बढ़ा दिया है। बुधवार को पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित अपराध गोष्ठी की शुरुआत जेडएफडी की समीक्षा से हुई। इसमें सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।
एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों और आम लोगों की सहभागिता से ही दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है।
बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
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गोष्ठी में दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, एंबुलेंस सेवाओं की सक्रियता और गोल्डन ऑवर में घायलों को उपचार दिलाने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि समय पर इलाज मिलने से दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
एसपी ने सड़क सुरक्षा अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेडएफडी अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में मृत्यु दर को कम करना और लोगों में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करना है।
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क्या है जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट
- सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा यह अभियान पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के समन्वय से संचालित किया जाता है। इसके तहत सड़क सुरक्षा, जागरूकता, नियमों के अनुपालन और त्वरित चिकित्सा सहायता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों और आम लोगों की सहभागिता से ही दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है।
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बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
गोष्ठी में दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने, एंबुलेंस सेवाओं की सक्रियता और गोल्डन ऑवर में घायलों को उपचार दिलाने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि समय पर इलाज मिलने से दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
एसपी ने सड़क सुरक्षा अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेडएफडी अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में मृत्यु दर को कम करना और लोगों में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करना है।
क्या है जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट
- सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा यह अभियान पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के समन्वय से संचालित किया जाता है। इसके तहत सड़क सुरक्षा, जागरूकता, नियमों के अनुपालन और त्वरित चिकित्सा सहायता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।