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Siddharthnagar News: भीमापार अंडरपास की छत और दीवार से हो रहा रिसाव, जलभराव
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:31 AM IST
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भीमापार अंडरपास में मरम्मत कार्य करते मजदूर।
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शहर में बंद हो चुके भीमापार रेलवे क्राॅसिंग पर बनाया गया है अंडरपास
निर्माण के बाद पहली बारिश में ही होने लगा रिसाव, राहगीरों को होगा खतरा
सिद्धार्थनगर। शहर के बहुप्रतीक्षित भीमापार रेलवे अंडरपास का निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका लोकार्पण किए जाने की उम्मीद है। इसी बीच निर्माण के बाद हुई पहली बारिश में ही अंडरपास के छत और दीवार से रिसाव होने लगा है, जिससे जलभराव भी हो गया है। बृहस्पतिवार को मौके पर कुछ मजदूर अंडरपास की दीवार की मरम्मत करते नजर आए। वहीं, स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवागमन के दौरान बड़ा हादसा होने की आशंका जताई।
भीमापार रेलवे क्रॉसिंग के जून-2021 में बंद होने से हाईवे के ओवरब्रिज के नीचे से इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया था, जिससे यहां रेल लाइन के दोनों तरफ के लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से डेढ़ किमी लंबे ओवरब्रिज समेत दो से ढाई किमी लंबी दूरी घुमावदार रास्ते से तय करके दूसरी तरफ जाना पड़ता था। स्थानीय लोगों की मांग और सांसद जगदंबिका पाल के प्रयास से रेलवे ने यहां पर नौ करोड़ की लागत से अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दी थी।
भीमापार मोहल्ले की तरफ से अंडरपास के पहुंच मार्ग की लंबाई 105 और दूसरी तरफ विकास भवन की ओर 85 मीटर है। रेल लाइन के नीचे अंडरपास के पाकेट की चौड़ाई 5.5 मीटर और ऊंचाई 3.6 मीटर है। इसके निर्माण से लोगों को आवागमन में सहूलियत की उम्मीद जगी है लेकिन निर्माण के साथ ही रिसाव शुरू होने से लोगों में नाराजगी है। भीमापार निवासी अधिवक्ता प्रशस्ति उपाध्याय, राजू चौबे, गगन श्रीवास्तव व दिलीप सिंह सेंगर आदि का कहना है कि अंडरपास की छत और दीवार में रिसाव से यह साबित हो रहा है कि निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है। उन्होंने कहा कि शहर के इस महत्वपूर्ण अंडरपास से रिसाव से बड़े हादसे खतरा है, इसलिए अंडरपास का पुर्ननिर्माण कर मजबूत बनाया जाए ताकि किसी तरह के हादसे का खतरा न रहे। साथ ही इसकी जांच करा दोषियाें पर कार्रवाई की जाए।
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भीमापार अंडरपास से आवागमन में मिलेगी राहत
भीमापार मार्ग पर बड़ी संख्या में दुकानें, छह निजी अस्पताल, चार विद्यालय, दो ट्रैक्टर एजेंसी हैं लेकिन रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से यहां के तीन वार्ड शहर से कट गए थे। साथ ही इस मार्ग पर आवागमन ठप होने से यहां स्थित कई दुकानें बंद हो गई थीं। अब अंडरपास बनने से भीमापार, रेहरा क्षेत्र सहित करीब 50 गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। रेलवे क्राॅसिंग बंद होने के बाद यहां हुए हादसे में बर्डपुर क्षेत्र निवासी कक्षा-11 के एक छात्र की रेल लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। इसी तरह यहां हादसे में एक बुजुर्ग की भी जान जा चुकी है। अब हादसों व परेशानियों से लोगों को राहत मिलेगी।
निर्माण के बाद पहली बारिश में ही होने लगा रिसाव, राहगीरों को होगा खतरा
सिद्धार्थनगर। शहर के बहुप्रतीक्षित भीमापार रेलवे अंडरपास का निर्माण अंतिम चरण में है और जल्द ही इसका लोकार्पण किए जाने की उम्मीद है। इसी बीच निर्माण के बाद हुई पहली बारिश में ही अंडरपास के छत और दीवार से रिसाव होने लगा है, जिससे जलभराव भी हो गया है। बृहस्पतिवार को मौके पर कुछ मजदूर अंडरपास की दीवार की मरम्मत करते नजर आए। वहीं, स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए आवागमन के दौरान बड़ा हादसा होने की आशंका जताई।
भीमापार रेलवे क्रॉसिंग के जून-2021 में बंद होने से हाईवे के ओवरब्रिज के नीचे से इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया था, जिससे यहां रेल लाइन के दोनों तरफ के लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से डेढ़ किमी लंबे ओवरब्रिज समेत दो से ढाई किमी लंबी दूरी घुमावदार रास्ते से तय करके दूसरी तरफ जाना पड़ता था। स्थानीय लोगों की मांग और सांसद जगदंबिका पाल के प्रयास से रेलवे ने यहां पर नौ करोड़ की लागत से अंडरपास निर्माण की स्वीकृति दी थी।
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भीमापार मोहल्ले की तरफ से अंडरपास के पहुंच मार्ग की लंबाई 105 और दूसरी तरफ विकास भवन की ओर 85 मीटर है। रेल लाइन के नीचे अंडरपास के पाकेट की चौड़ाई 5.5 मीटर और ऊंचाई 3.6 मीटर है। इसके निर्माण से लोगों को आवागमन में सहूलियत की उम्मीद जगी है लेकिन निर्माण के साथ ही रिसाव शुरू होने से लोगों में नाराजगी है। भीमापार निवासी अधिवक्ता प्रशस्ति उपाध्याय, राजू चौबे, गगन श्रीवास्तव व दिलीप सिंह सेंगर आदि का कहना है कि अंडरपास की छत और दीवार में रिसाव से यह साबित हो रहा है कि निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है। उन्होंने कहा कि शहर के इस महत्वपूर्ण अंडरपास से रिसाव से बड़े हादसे खतरा है, इसलिए अंडरपास का पुर्ननिर्माण कर मजबूत बनाया जाए ताकि किसी तरह के हादसे का खतरा न रहे। साथ ही इसकी जांच करा दोषियाें पर कार्रवाई की जाए।
भीमापार अंडरपास से आवागमन में मिलेगी राहत
भीमापार मार्ग पर बड़ी संख्या में दुकानें, छह निजी अस्पताल, चार विद्यालय, दो ट्रैक्टर एजेंसी हैं लेकिन रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से यहां के तीन वार्ड शहर से कट गए थे। साथ ही इस मार्ग पर आवागमन ठप होने से यहां स्थित कई दुकानें बंद हो गई थीं। अब अंडरपास बनने से भीमापार, रेहरा क्षेत्र सहित करीब 50 गांवों के लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। रेलवे क्राॅसिंग बंद होने के बाद यहां हुए हादसे में बर्डपुर क्षेत्र निवासी कक्षा-11 के एक छात्र की रेल लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। इसी तरह यहां हादसे में एक बुजुर्ग की भी जान जा चुकी है। अब हादसों व परेशानियों से लोगों को राहत मिलेगी।