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भारत आएंगे नेपाल के पीएम: 22 नवंबर से दौरा, जनकपुरधाम से अयोध्या तक चलेगी रामायण सर्किट ट्रेन; तैयारी तेज
Fri, 30 Oct 2026 01:22 PM IST
अनुराग रंजन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Published by: अनुराग रंजन
Updated Fri, 30 Oct 2026 01:22 PM IST
सार
वर्तमान में भारत के जयनगर से नेपाल के जनकपुरधाम होते हुए महोत्तरी जिले के बिजलपुरा तक नियमित रेल सेवा संचालित हो रही है। अब जनकपुरधाम से अयोध्या तक विशेष रेल सेवा शुरू होने से भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
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नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
नेपाल के जनकपुरधाम से भारत के प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थल अयोध्या तक विशेष रेल सेवा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के प्रस्तावित भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से इस रेल सेवा का उद्घाटन कर सकते हैं। इसके लिए नेपाल और भारत के रेल विभाग, सीमा शुल्क तथा सुरक्षा अधिकारियों के बीच विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है।
नेपाल रेलवे कंपनी के प्रबंध निदेशक परिवेश पराजुली ने बताया कि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान विशेष रेल सेवा का उद्घाटन कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, अभी उद्घाटन की आधिकारिक तिथि निर्धारित नहीं हुई है। प्रधानमंत्री शाह का 22 नवंबर से भारत दौरा प्रस्तावित है।
पराजुली के अनुसार, रामायण सर्किट के तहत जनकपुरधाम से अयोध्या तक विशेष रेल सेवा संचालित करने के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की जा रही है। इस संबंध में नेपाल और भारत के रेलवे अधिकारियों के साथ सीमा शुल्क, सुरक्षा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठकें भी हो रही हैं।
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बन चुकी है सैद्धांतिक सहमति
रेल सेवा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इसके तहत नेपाल के क्षेत्र में नेपाली सुरक्षा एजेंसियां और भारत के क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों तथा रेलगाड़ी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगी।
कुछ दिन पहले नेपाल और भारत के रेलवे, सुरक्षा, सीमा शुल्क तथा आव्रजन विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विशेष निरीक्षण यान से जयनगर-जनकपुरधाम-कुर्था रेलखंड का स्थलीय निरीक्षण भी किया था। इस निरीक्षण का उद्देश्य प्रस्तावित विशेष रेल सेवा के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेना था।
धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से दोनों देशों के धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। माता सीता की जन्मभूमि जनकपुरधाम और भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से रामायण सर्किट के अंतर्गत तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व अध्यक्ष जीतेन्द्र महासेठ ने बताया कि इस रेल सेवा से दोनों देशों के प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन आसान होगा। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।
गौरतलब है कि वर्तमान में भारत के जयनगर से नेपाल के जनकपुरधाम होते हुए महोत्तरी जिले के बिजलपुरा तक नियमित रेल सेवा संचालित हो रही है। अब जनकपुरधाम से अयोध्या तक विशेष रेल सेवा शुरू होने से भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
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नेपाल रेलवे कंपनी के प्रबंध निदेशक परिवेश पराजुली ने बताया कि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान विशेष रेल सेवा का उद्घाटन कराने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, अभी उद्घाटन की आधिकारिक तिथि निर्धारित नहीं हुई है। प्रधानमंत्री शाह का 22 नवंबर से भारत दौरा प्रस्तावित है।
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पराजुली के अनुसार, रामायण सर्किट के तहत जनकपुरधाम से अयोध्या तक विशेष रेल सेवा संचालित करने के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की जा रही है। इस संबंध में नेपाल और भारत के रेलवे अधिकारियों के साथ सीमा शुल्क, सुरक्षा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठकें भी हो रही हैं।
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बन चुकी है सैद्धांतिक सहमति
रेल सेवा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। इसके तहत नेपाल के क्षेत्र में नेपाली सुरक्षा एजेंसियां और भारत के क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों तथा रेलगाड़ी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगी।
कुछ दिन पहले नेपाल और भारत के रेलवे, सुरक्षा, सीमा शुल्क तथा आव्रजन विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विशेष निरीक्षण यान से जयनगर-जनकपुरधाम-कुर्था रेलखंड का स्थलीय निरीक्षण भी किया था। इस निरीक्षण का उद्देश्य प्रस्तावित विशेष रेल सेवा के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेना था।
धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
जनकपुरधाम और अयोध्या के बीच सीधी रेल सेवा शुरू होने से दोनों देशों के धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। माता सीता की जन्मभूमि जनकपुरधाम और भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से रामायण सर्किट के अंतर्गत तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व अध्यक्ष जीतेन्द्र महासेठ ने बताया कि इस रेल सेवा से दोनों देशों के प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन आसान होगा। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।
गौरतलब है कि वर्तमान में भारत के जयनगर से नेपाल के जनकपुरधाम होते हुए महोत्तरी जिले के बिजलपुरा तक नियमित रेल सेवा संचालित हो रही है। अब जनकपुरधाम से अयोध्या तक विशेष रेल सेवा शुरू होने से भारत और नेपाल के बीच धार्मिक पर्यटन तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।