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Siddharthnagar News: शपथ पत्र भेजे 48 घंटे बीते, शव भेजने पर अब भी सस्पेंस
Wed, 05 Aug 2026 11:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:08 PM IST
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- कार्गो से नहीं मिली फ्लाइट क्लीयरेंस की सूचना, डेढ़ माह से अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहा परिवार
बिस्कोहर। सऊदी अरब के नजरान शहर में मृत डोकम अमया गांव निवासी रिजवान अहमद का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया एक बार फिर अनिश्चितता में फंस गई है। परिजनों द्वारा आवश्यक सहमति शपथ पत्र भेजे जाने के 48 घंटे बाद भी सऊदी अरब के कार्गो की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। डेढ़ महीने से अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे परिजनों का धैर्य अब टूटने लगा है।
मृतक के छोटे भाई रिहान रजा ने बताया कि कार्गो के अधिकारियों के निर्देश पर सोमवार दोपहर माता-पिता का नोटरीकृत सहमति शपथ पत्र तैयार कर उसकी पीडीएफ ऑनलाइन भेज दी गई थी। अधिकारियों ने दस्तावेज मिलने के बाद फ्लाइट क्लीयरेंस और शव भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया था लेकिन बुधवार शाम तक न तो कोई फोन आया और न ही आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
रविवार को पीड़ित परिवार ने सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। सांसद ने विदेश मंत्रालय से समन्वय कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसके बाद कार्गो विभाग की ओर से संपर्क होने पर परिजनों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही रिजवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंच जाएगा।
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हालांकि, शपथ पत्र भेजे जाने के दो दिन बाद भी फ्लाइट क्लीयरेंस या शव भेजने की तारीख तय नहीं होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। करीब 45 दिनों से बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चों समेत पूरा परिवार अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है। परिजनों का कहना है कि अब हर गुजरता दिन उनके लिए भारी पड़ रहा है और वे चाहते हैं कि संबंधित विभाग जल्द प्रक्रिया पूरी कर पार्थिव शरीर भारत भेजने की व्यवस्था करे।
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बिस्कोहर। सऊदी अरब के नजरान शहर में मृत डोकम अमया गांव निवासी रिजवान अहमद का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया एक बार फिर अनिश्चितता में फंस गई है। परिजनों द्वारा आवश्यक सहमति शपथ पत्र भेजे जाने के 48 घंटे बाद भी सऊदी अरब के कार्गो की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। डेढ़ महीने से अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे परिजनों का धैर्य अब टूटने लगा है।
मृतक के छोटे भाई रिहान रजा ने बताया कि कार्गो के अधिकारियों के निर्देश पर सोमवार दोपहर माता-पिता का नोटरीकृत सहमति शपथ पत्र तैयार कर उसकी पीडीएफ ऑनलाइन भेज दी गई थी। अधिकारियों ने दस्तावेज मिलने के बाद फ्लाइट क्लीयरेंस और शव भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आश्वासन दिया था लेकिन बुधवार शाम तक न तो कोई फोन आया और न ही आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
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रविवार को पीड़ित परिवार ने सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। सांसद ने विदेश मंत्रालय से समन्वय कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसके बाद कार्गो विभाग की ओर से संपर्क होने पर परिजनों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही रिजवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंच जाएगा।
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हालांकि, शपथ पत्र भेजे जाने के दो दिन बाद भी फ्लाइट क्लीयरेंस या शव भेजने की तारीख तय नहीं होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है। करीब 45 दिनों से बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चों समेत पूरा परिवार अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहा है। परिजनों का कहना है कि अब हर गुजरता दिन उनके लिए भारी पड़ रहा है और वे चाहते हैं कि संबंधित विभाग जल्द प्रक्रिया पूरी कर पार्थिव शरीर भारत भेजने की व्यवस्था करे।