{"_id":"6a737924fa8da069a70a5bb3","slug":"siddharthnagar-news-abbas-day-begins-verses-resonate-at-the-marsiya-majlis-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-162415-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: अब्बास डे का आगाज, मरसिया मजलिस में गूंजे कलाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: अब्बास डे का आगाज, मरसिया मजलिस में गूंजे कलाम
Wed, 05 Aug 2026 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ऐतिहासिक कस्बा हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में बुधवार से दो दिवसीय अब्बास डे कार्यक्रम का आगाज हुआ। पहले दिन मरसिया मजलिस और मुशायरे का आयोजन हुआ।
इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शायरों ने हजरत अब्बास की वफादारी, बहादुरी और शहादत पर आधारित कलाम पेश किए। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत महताब हैदर ने कुरआन पाक की तिलावत से की। इसके बाद शाहिद आलम और उनके सहयोगियों ने मरसियाख्वानी की।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शहकार हुसैन जैदी ने कहा कि कर्बला के मैदान में हजरत अब्बास ने सब्र, त्याग, वफादारी और बहादुरी की ऐसी मिसाल पेश की, जो पूरी इंसानियत के लिए प्रेरणा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हजरत अब्बास ने अंतिम सांस तक अपने बड़े भाई हजरत इमाम हुसैन का साथ निभाया और उनके प्रति अपनी निष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने लोगों से कर्बला के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
त
विज्ञापन
इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शायरों ने हजरत अब्बास की वफादारी, बहादुरी और शहादत पर आधारित कलाम पेश किए। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत महताब हैदर ने कुरआन पाक की तिलावत से की। इसके बाद शाहिद आलम और उनके सहयोगियों ने मरसियाख्वानी की।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शहकार हुसैन जैदी ने कहा कि कर्बला के मैदान में हजरत अब्बास ने सब्र, त्याग, वफादारी और बहादुरी की ऐसी मिसाल पेश की, जो पूरी इंसानियत के लिए प्रेरणा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हजरत अब्बास ने अंतिम सांस तक अपने बड़े भाई हजरत इमाम हुसैन का साथ निभाया और उनके प्रति अपनी निष्ठा का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने लोगों से कर्बला के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
त