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Siddharthnagar News: सुंदरकांड के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को किया भाव विभोर
Thu, 05 Nov 2026 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 05 Nov 2026 12:09 AM IST
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पथरा। मिठवल क्षेत्र के सेमरहना गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन बुधवार को संत विजय कौशल ने सुंदरकांड और अशोक वाटिका के प्रसंगों का संगीतमय वर्णन किया।
हनुमान के लंका प्रवेश, माता सीता से भेंट, विभीषण की शरणागति और लंका दहन की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा के दौरान पंडाल जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंजता रहा।
संत कौशल ने बताया कि समुद्र लांघकर लंका पहुंचे हनुमान ने वहां राम नाम अंकित भवन देखा तो विभीषण से भेंट की। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम किसी के कुल और जाति को नहीं देखते बल्कि निष्कपट प्रेम और सच्ची भक्ति को महत्व देते हैं।
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इसके बाद अशोक वाटिका में माता सीता की हनुमान से भेंट का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि हनुमान ने माता सीता को प्रभु श्रीराम की मुद्रिका देकर उनके कुशलक्षेम का संदेश पहुंचाया। इससे माता सीता के मन में आशा और विश्वास का संचार हुआ।
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हनुमान के लंका प्रवेश, माता सीता से भेंट, विभीषण की शरणागति और लंका दहन की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। कथा के दौरान पंडाल जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से गूंजता रहा।
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संत कौशल ने बताया कि समुद्र लांघकर लंका पहुंचे हनुमान ने वहां राम नाम अंकित भवन देखा तो विभीषण से भेंट की। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम किसी के कुल और जाति को नहीं देखते बल्कि निष्कपट प्रेम और सच्ची भक्ति को महत्व देते हैं।
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इसके बाद अशोक वाटिका में माता सीता की हनुमान से भेंट का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि हनुमान ने माता सीता को प्रभु श्रीराम की मुद्रिका देकर उनके कुशलक्षेम का संदेश पहुंचाया। इससे माता सीता के मन में आशा और विश्वास का संचार हुआ।