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Siddharthnagar News: जोगिया मार्ग पर भी औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की संभावना की तलाश
Fri, 14 Aug 2026 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 14 Aug 2026 11:57 PM IST
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जोगिया-पकड़ी मार्ग पर भूमि का निरीक्षण करते यूपी सीड़ा की टीम। संवाद
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: जिले में पहुंची यूपीसीडा टीम, पकड़ी-जोगिया मार्ग पर किया भूमि का निरीक्षण
: जिलाधिकारी से मिलकर औद्योगिक क्षेत्र की भूमि की उपलब्धता पर की गई चर्चा
सिद्धार्थनगर। करीब 100 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की तीन सदस्यीय टीम जिले में पहुंची। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन से मुलाकात कर औद्योगिक क्षेत्र के लिए अन्य भूमि की उपलब्धता व उपयोगिता पर भी चर्चा की। इसके बाद टीम ने पकड़ी जोगिया मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने सांसद जगदंबिका पाल से भी मुलाकात कर इस संबंध में चर्चा की।
यूपीसीडा मुख्यालय के निर्देश पर गठित टीम में क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर धर्मचंद्र, वरिष्ठ प्रबंधक (निर्माण-सिविल), जगदीशपुर अमेठी प्रवीण सलोनिया और भूमि अध्याप्ति अधिकारी, यूपीसीडा मुख्यालय कानपुर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी शामिल हैं। जिले में पहुंचे टीम के सदस्यों ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन से मिलकर भूमि उपलब्धता के संबंध में चर्चा की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए ऐसी भूमि की उपलब्धता पर चर्चा की जो तकनीकी और प्रशासनिक रूप से अनुकूल हों।
जिलाधिकारी ने भूमि उपलब्धता की प्रक्रिया के लिए एडीएम गौरव श्रीवास्तव को नामित करते हुए उन्हें टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिए हैं। इसके बाद टीम के सदस्यों ने पकड़ी-जोगिया मार्ग पर संभावित भूमि का निरीक्षण किया और औद्योगिक क्षेत्र के लिए उसकी उपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने पकड़ी-जोगिया मार्ग पर नगरा गांव के पास और शहर से शोहरतगढ़ मार्ग पर सिरवत के पास भी भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपलब्ध भूमि सड़क व रेल आदि मार्ग के कनेक्टिवटी की जानकारी की। साथ ही बिजली-पानी, बाजार, आवागमन और भविष्य के विस्तार की संभावनाएं भी देखी।
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यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर धर्मचंद्र ने बताया कि जिले में 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए संभावित भूमि का निरीक्षण किया गया। अब इसकी उपयोगिता और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी के बाद समग्र रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके बाद वहां से मिले निर्देशों के क्रम में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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भूमि चयन में इन सुविधाओं की होगी प्राथमिकता
टीम संभावित भूमि का निरीक्षण करने के बाद उसकी स्थिति, उपलब्धता और औद्योगिक क्षेत्र के लिहाज से उपयोगिता का परीक्षण करेगी। जमीन के चयन में सड़क संपर्क, बिजली, पानी, परिवहन, बाजार तक पहुंच और भविष्य में औद्योगिक विस्तार की संभावना जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण माना जाएगा। सिद्धार्थनगर की स्थिति को देखते हुए औद्योगिक क्षेत्र के लिए ऐसी जगह का चयन महत्वपूर्ण होगा, जहां से जिले के प्रमुख बाजारों के साथ-साथ बस्ती, गोरखपुर और नेपाल सीमा क्षेत्र तक माल की आवाजाही आसान हो सके। इससे औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने में लागत कम हो सकती है।
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लंबे समय से हो रही थी औद्योगिक क्षेत्र की मांग
सिद्धार्थनगर में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित होने के कारण यहां कृषि उपज से जुड़े प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और अन्य लघु एवं मध्यम उद्योगों की संभावनाएं हैं। स्थानीय स्तर पर उद्योगों का पर्याप्त आधार नहीं होने से युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता है। अब 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने की पहल को जिले के औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यहां आधारभूत सुविधाएं विकसित होने के बाद स्थानीय उद्यमियों व निवेशकों को भी उद्योग स्थापित करने का अवसर मिल सकता है।
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सड़क और बाजार कनेक्टिविटी है अहम कड़ी
औद्योगिक क्षेत्र की सफलता केवल जमीन उपलब्ध होने पर निर्भर नहीं करेगी। उद्योगों के लिए सड़क, बिजली, पानी, परिवहन और माल ढुलाई की सुविधाएं भी जरूरी होंगी। जिला मुख्यालय के निकट पकड़ी-जोगिया मार्ग और शहर से सनई होते हुए शोहरतगढ़ मार्ग पर भूमि देखने का यही उद्देश्य है। इससे सड़क व रेल मार्ग की सुविधा के साथ ही बाजार की कनेक्टिविटी भी भूमि चयन में महत्वपूर्ण बिंदु रहेगा। यदि औद्योगिक क्षेत्र को प्रमुख सड़कों और बाजारों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाता है तो यहां तैयार होने वाले उत्पादों को गोरखपुर, बस्ती समेत दूसरे बाजारों तक पहुंचाने के साथ नेपाल सीमा के व्यापारिक क्षेत्र तक ले जाने की संभावना रहेगी।
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औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए यूपीसीडा की टीम ने जिले में कई स्थानों पर भूमि का निरीक्षण किया है। टीम के साथ समन्वय बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया। भूमि उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हो सकेगी।
- शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी
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: जिलाधिकारी से मिलकर औद्योगिक क्षेत्र की भूमि की उपलब्धता पर की गई चर्चा
सिद्धार्थनगर। करीब 100 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की तीन सदस्यीय टीम जिले में पहुंची। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन से मुलाकात कर औद्योगिक क्षेत्र के लिए अन्य भूमि की उपलब्धता व उपयोगिता पर भी चर्चा की। इसके बाद टीम ने पकड़ी जोगिया मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने सांसद जगदंबिका पाल से भी मुलाकात कर इस संबंध में चर्चा की।
यूपीसीडा मुख्यालय के निर्देश पर गठित टीम में क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर धर्मचंद्र, वरिष्ठ प्रबंधक (निर्माण-सिविल), जगदीशपुर अमेठी प्रवीण सलोनिया और भूमि अध्याप्ति अधिकारी, यूपीसीडा मुख्यालय कानपुर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी शामिल हैं। जिले में पहुंचे टीम के सदस्यों ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन से मिलकर भूमि उपलब्धता के संबंध में चर्चा की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए ऐसी भूमि की उपलब्धता पर चर्चा की जो तकनीकी और प्रशासनिक रूप से अनुकूल हों।
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जिलाधिकारी ने भूमि उपलब्धता की प्रक्रिया के लिए एडीएम गौरव श्रीवास्तव को नामित करते हुए उन्हें टीम के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिए हैं। इसके बाद टीम के सदस्यों ने पकड़ी-जोगिया मार्ग पर संभावित भूमि का निरीक्षण किया और औद्योगिक क्षेत्र के लिए उसकी उपयोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी हासिल की। उन्होंने पकड़ी-जोगिया मार्ग पर नगरा गांव के पास और शहर से शोहरतगढ़ मार्ग पर सिरवत के पास भी भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपलब्ध भूमि सड़क व रेल आदि मार्ग के कनेक्टिवटी की जानकारी की। साथ ही बिजली-पानी, बाजार, आवागमन और भविष्य के विस्तार की संभावनाएं भी देखी।
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यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर धर्मचंद्र ने बताया कि जिले में 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए संभावित भूमि का निरीक्षण किया गया। अब इसकी उपयोगिता और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी के बाद समग्र रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके बाद वहां से मिले निर्देशों के क्रम में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
भूमि चयन में इन सुविधाओं की होगी प्राथमिकता
टीम संभावित भूमि का निरीक्षण करने के बाद उसकी स्थिति, उपलब्धता और औद्योगिक क्षेत्र के लिहाज से उपयोगिता का परीक्षण करेगी। जमीन के चयन में सड़क संपर्क, बिजली, पानी, परिवहन, बाजार तक पहुंच और भविष्य में औद्योगिक विस्तार की संभावना जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण माना जाएगा। सिद्धार्थनगर की स्थिति को देखते हुए औद्योगिक क्षेत्र के लिए ऐसी जगह का चयन महत्वपूर्ण होगा, जहां से जिले के प्रमुख बाजारों के साथ-साथ बस्ती, गोरखपुर और नेपाल सीमा क्षेत्र तक माल की आवाजाही आसान हो सके। इससे औद्योगिक इकाइयों के लिए कच्चा माल लाने और तैयार उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने में लागत कम हो सकती है।
लंबे समय से हो रही थी औद्योगिक क्षेत्र की मांग
सिद्धार्थनगर में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित होने के कारण यहां कृषि उपज से जुड़े प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और अन्य लघु एवं मध्यम उद्योगों की संभावनाएं हैं। स्थानीय स्तर पर उद्योगों का पर्याप्त आधार नहीं होने से युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता है। अब 100 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने की पहल को जिले के औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यहां आधारभूत सुविधाएं विकसित होने के बाद स्थानीय उद्यमियों व निवेशकों को भी उद्योग स्थापित करने का अवसर मिल सकता है।
सड़क और बाजार कनेक्टिविटी है अहम कड़ी
औद्योगिक क्षेत्र की सफलता केवल जमीन उपलब्ध होने पर निर्भर नहीं करेगी। उद्योगों के लिए सड़क, बिजली, पानी, परिवहन और माल ढुलाई की सुविधाएं भी जरूरी होंगी। जिला मुख्यालय के निकट पकड़ी-जोगिया मार्ग और शहर से सनई होते हुए शोहरतगढ़ मार्ग पर भूमि देखने का यही उद्देश्य है। इससे सड़क व रेल मार्ग की सुविधा के साथ ही बाजार की कनेक्टिविटी भी भूमि चयन में महत्वपूर्ण बिंदु रहेगा। यदि औद्योगिक क्षेत्र को प्रमुख सड़कों और बाजारों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाता है तो यहां तैयार होने वाले उत्पादों को गोरखपुर, बस्ती समेत दूसरे बाजारों तक पहुंचाने के साथ नेपाल सीमा के व्यापारिक क्षेत्र तक ले जाने की संभावना रहेगी।
औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए यूपीसीडा की टीम ने जिले में कई स्थानों पर भूमि का निरीक्षण किया है। टीम के साथ समन्वय बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया। भूमि उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हो सकेगी।
- शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी