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Siddharthnagar News: होम्योपैथी दवा से मिल रही बुखार-जुकाम में राहत
Wed, 05 Aug 2026 11:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:04 PM IST
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- बुखार-जुकाम से लेकर त्वचा रोग तक इलाज के लिए पहुंच रहे हैं मरीज
- राजकीय होमियोपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय में मौसम की बीमारी से ग्रसित पहुंच रहे मरीज
सिद्धार्थनगर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच जिले में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा की ओर रुख कर रहे हैं। शुरुआती वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याओं में मरीज होम्योपैथिक दवा को प्रभावी मान रहे हैं। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय में इन दिनों रोजाना ओपीडी में 20 से अधिक संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें दवा के सेवन से राहत मिल रही है।
मौसम बदलने के साथ हर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय में मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया जा रहा है बल्कि आवश्यक होम्योपैथिक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में संक्रमण तेजी से फैल रहा है इसलिए हल्के बुखार को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि तीन दिन से अधिक बुखार बना रहे या तेज बुखार, कमजोरी और भूख न लगने जैसे लक्षण हों तो तत्काल जांच करानी चाहिए क्योंकि ऐसे मामलों में टाइफाइड या अन्य बैक्टीरियल संक्रमण की संभावना भी हो सकती है। चिकित्सक मरीज की हिस्ट्री जानने के बाद उन्हें दवा लेने के साथ ही उबला या स्वच्छ पानी पीने, बाहर का दूषित भोजन खाने से बचने, हाथों की नियमित सफाई रखें और पर्याप्त आराम करने की सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सक के मुताबिक होम्योपैथी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती है लेकिन गंभीर संक्रमण या आपात स्थिति में आवश्यक जांच और अन्य चिकित्सा पद्धतियों का सहयोग लेना भी उतना ही जरूरी है। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय के अधीक्षक डॉ. कमलदीप सिंह ने बताया कि सीजन बदलने के साथ वायरल बुखार, जुकाम और त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी है। शुरुआती लक्षणों में समय पर होम्योपैथिक उपचार लेने से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। मरीजों को नियमित दवा लेने के साथ ही बाहर की खाना और धूप बारिश से बचने की सलाह दी जा रही है। होमियोपैथ की दवा लेने से बीमारी के फिर पनपने की संभावना कम हो जाती है।
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- राजकीय होमियोपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय में मौसम की बीमारी से ग्रसित पहुंच रहे मरीज
सिद्धार्थनगर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच जिले में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा की ओर रुख कर रहे हैं। शुरुआती वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याओं में मरीज होम्योपैथिक दवा को प्रभावी मान रहे हैं। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय में इन दिनों रोजाना ओपीडी में 20 से अधिक संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें दवा के सेवन से राहत मिल रही है।
मौसम बदलने के साथ हर अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय में मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया जा रहा है बल्कि आवश्यक होम्योपैथिक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में संक्रमण तेजी से फैल रहा है इसलिए हल्के बुखार को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि तीन दिन से अधिक बुखार बना रहे या तेज बुखार, कमजोरी और भूख न लगने जैसे लक्षण हों तो तत्काल जांच करानी चाहिए क्योंकि ऐसे मामलों में टाइफाइड या अन्य बैक्टीरियल संक्रमण की संभावना भी हो सकती है। चिकित्सक मरीज की हिस्ट्री जानने के बाद उन्हें दवा लेने के साथ ही उबला या स्वच्छ पानी पीने, बाहर का दूषित भोजन खाने से बचने, हाथों की नियमित सफाई रखें और पर्याप्त आराम करने की सलाह दे रहे हैं।
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चिकित्सक के मुताबिक होम्योपैथी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती है लेकिन गंभीर संक्रमण या आपात स्थिति में आवश्यक जांच और अन्य चिकित्सा पद्धतियों का सहयोग लेना भी उतना ही जरूरी है। राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल पिपरा पांडेय के अधीक्षक डॉ. कमलदीप सिंह ने बताया कि सीजन बदलने के साथ वायरल बुखार, जुकाम और त्वचा रोग के मरीजों की संख्या बढ़ी है। शुरुआती लक्षणों में समय पर होम्योपैथिक उपचार लेने से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। मरीजों को नियमित दवा लेने के साथ ही बाहर की खाना और धूप बारिश से बचने की सलाह दी जा रही है। होमियोपैथ की दवा लेने से बीमारी के फिर पनपने की संभावना कम हो जाती है।
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