{"_id":"6a285bd70b5a3fad21072ea7","slug":"41-ration-shops-on-the-departments-radar-fir-registered-against-the-ration-dealer-of-cheniya-sitapur-news-c-102-1-stp1003-157640-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: विभाग के रडार पर 41 राशन की दुकानें, चेनिया के कोटेदार पर प्राथमिकी दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: विभाग के रडार पर 41 राशन की दुकानें, चेनिया के कोटेदार पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लहरपुर। जिले में मई माह की समीक्षा में 41 कोटेदार फेल हो गए हैं। इन कोटेदारों ने मई माह में 50 फीसदी या उससे कम राशन का वितरण किया है। यह शासकीय आदेशों के अनुरूप नहीं है। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पूर्ति निरीक्षकों को इन कोटेदारों की जांच के आदेश दिए हैं। इसी मामले में लहरपुर के चेनिया गांव के कोटेदार भी दोषी पाए गए हैं। पूर्ति निरीक्षक कविता वर्मा ने उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पूर्ति निरीक्षक कविता वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को चेनिया गांव कोटेदार रमेश कुमार की दुकान का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के समय दुकान पर मात्र 10 किलो चावल ही स्टॉक में पाया गया, जबकि दुकान में 36 क्विंटल 885 किलो गेहूं, 55 क्विंटल 788 किलो चावल और 21 किलो चीनी होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि खाद्यान्न व चीनी की कालाबाजारी की गई है। कई कार्डधारकों ने जांच में बताया कि विक्रेता द्वारा अंगूठा लगवाने के बाद गल्ला नहीं दिया जाता है।
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि अवशेष खाद्यान्न को ग्राम मिदनिया के विक्रेता सुरेश कुमार की सुपुर्दगी में दिया गया है। मामले में डीएम के आदेश पर रमेश कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन
पूर्ति निरीक्षक कविता वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को चेनिया गांव कोटेदार रमेश कुमार की दुकान का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के समय दुकान पर मात्र 10 किलो चावल ही स्टॉक में पाया गया, जबकि दुकान में 36 क्विंटल 885 किलो गेहूं, 55 क्विंटल 788 किलो चावल और 21 किलो चीनी होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि खाद्यान्न व चीनी की कालाबाजारी की गई है। कई कार्डधारकों ने जांच में बताया कि विक्रेता द्वारा अंगूठा लगवाने के बाद गल्ला नहीं दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि अवशेष खाद्यान्न को ग्राम मिदनिया के विक्रेता सुरेश कुमार की सुपुर्दगी में दिया गया है। मामले में डीएम के आदेश पर रमेश कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।