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Sitapur News: दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए स्कूलों में लगेंगे शिविर
Mon, 26 Oct 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:27 AM IST
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सीतापुर। पीएमश्री योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की दिव्यांगता का आकलन करने के लिए चिकित्सकीय परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें दिव्यांगता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने और यूडीआईडी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
इसके लिए जिले के तीन पीएमश्री राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को चयनित किया गया है। कैंप के आयोजन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें शासन द्वारा गठित समिति के सदस्यों के साथ संबंधित मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
चिकित्सकों के दल में आर्थोपेडिक सर्जन, ईएनटी सर्जन, नेत्र विशेषज्ञ, मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक और ऑडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता अनिवार्य होगी।
चिकित्सकों की कमी होने पर सीएमओ के माध्यम से निजी विशेषज्ञों और मेडिकल यूनिवर्सिटी के चिकित्सकों का सहयोग लिया जा सकेगा।
विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कैंप के आयोजन और विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। स्पेशल एजुकेटर्स आवंटित विद्यालयों में विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग कर प्रमाणपत्र के लिए पात्र बच्चों को चिह्नित करेंगे। इसके लिए प्रशस्त एप पर उपलब्ध डाटाबेस की मदद ली जाएगी।
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प्रधानाचार्यों को आयोजन का अभिलेखीकरण, जियो टैग फोटो और वीडियो सुरक्षित रखने व रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराने के निर्देशित किया गया है।
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इसके लिए जिले के तीन पीएमश्री राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को चयनित किया गया है। कैंप के आयोजन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें शासन द्वारा गठित समिति के सदस्यों के साथ संबंधित मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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चिकित्सकों के दल में आर्थोपेडिक सर्जन, ईएनटी सर्जन, नेत्र विशेषज्ञ, मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सक और ऑडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता अनिवार्य होगी।
चिकित्सकों की कमी होने पर सीएमओ के माध्यम से निजी विशेषज्ञों और मेडिकल यूनिवर्सिटी के चिकित्सकों का सहयोग लिया जा सकेगा।
विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कैंप के आयोजन और विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। स्पेशल एजुकेटर्स आवंटित विद्यालयों में विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग कर प्रमाणपत्र के लिए पात्र बच्चों को चिह्नित करेंगे। इसके लिए प्रशस्त एप पर उपलब्ध डाटाबेस की मदद ली जाएगी।
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प्रधानाचार्यों को आयोजन का अभिलेखीकरण, जियो टैग फोटो और वीडियो सुरक्षित रखने व रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराने के निर्देशित किया गया है।