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Sitapur News: उपमुख्यमंत्री के निरीक्षण में बीमार मिली सीएचसी का इलाज शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:41 PM IST
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फोटो 2सिधौली सीएचसी में बेड पर बिछाई गई साफ चादरें। संवाद
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सिधौली। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निरीक्षण में मंगलवार को बीमार मिले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के हालात बुधवार को बदले नजर आए। वार्डों में बेडों पर साफ-सुथरी चादरें बिछी मिलीं। सिजेरियन उपकरण भी मानक के अनुसार बीटाडीन घोल में भिगोकर रखे मिले। सीएचसी में जनरेटर भी चालू हालत में मिला। वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ आनंद सिंह बुधवार को वार्डों में मरीजों से संवाद करते नजर आए।
सीएचसी में मरीज भी चिकित्सक कक्ष के बाहर कुर्सियों पर बैठे मिले। मंगलवार को यहां कुर्सियों के अभाव में मरीज खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे थे। मरीजों व तीमारदारों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल के लिए लगे वाटर कूलर को एक आरओ सिस्टम से जोड़ा गया है। उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर बुधवार को वार्डों में ईसीजी मशीन बेड के पास रखी मिलीं। रसोई घर का ताला खुला मिला। वहीं, रसोई घर व शौचालय साफ-सुथरे मिले। शौचालयों में पीछे की ओर खुलने वाली खिड़कियों की सफाई होती मिली। सीएचसी परिसर के कॉरिडोर में पंखे लगे नहीं मिले। इस पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि सीएचसी की इमारत पुरानी है। ऐसे में पंखे छल्लों में लगाना सुरक्षित नहीं है। बताया कि उन्होंने दीवार में लगने वाले पंखों का ऑर्डर किया है। जल्द पंखे लगवा दिए जाएंगे।
बंदरों की समस्या से भी मिलेगी निजात
सीएचसी परिसर में बने महिला अस्पताल में बंदरों के आतंक को कम करने के भी प्रयास शुरू हो गए हैं। अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में पिछली दीवार पर प्लास्टर कराया जा रहा है। इसी वजह से खिड़कियों से आर पार बांस बल्ली लगाए गए हैं। इन्हीं खुली खिड़कियों से बंदर अंदर आ जाते हैं। बंदर डस्टबिन में भरा कूड़ा भोजन की तलाश में फैला देते हैं। इस वजह से गंदगी भी हो जाती है। बताया कि इन खिड़कियों को स्थायी रूप से प्लास्टर होने के बाद बंद कर दिया जाएगा। इससे बंदरों से निजात मिल जाएगी। इसके अतिरिक्त दवा स्टोर रूम में दवाएं अल्फाबेटिकल क्रम में व्यवस्थित मिलीं। सभी दवाओं पर एक्सपायरी डेट की स्लिप लगी मिली। एक्सरे रूम में जनरेटर से बिजली आपूर्ति होती नजर आई। एक्सरे कक्ष में मरीजों का एक्सरे सुचारू रूप से होता मिला।
सीएचसी अधीक्षक डॉ आनंद सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिले निर्देशों के अनुसार काम कराया गया है। एक वाटर कूलर को आरओ प्लांट से कनेक्ट कर दिया गया है। वहीं, दो अन्य वाटर कूलर के लिए आरओ सिस्टम लगाने के लिए पत्र भेजा गया है। सीएचसी में बंद लिफ्ट के संचालन के लिए सीएमओ कार्यालय को एक पत्र भेजा है। सारी कमियां जल्द दूर कर ली जाएंगी।
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सीएचसी में मरीज भी चिकित्सक कक्ष के बाहर कुर्सियों पर बैठे मिले। मंगलवार को यहां कुर्सियों के अभाव में मरीज खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे थे। मरीजों व तीमारदारों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल के लिए लगे वाटर कूलर को एक आरओ सिस्टम से जोड़ा गया है। उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर बुधवार को वार्डों में ईसीजी मशीन बेड के पास रखी मिलीं। रसोई घर का ताला खुला मिला। वहीं, रसोई घर व शौचालय साफ-सुथरे मिले। शौचालयों में पीछे की ओर खुलने वाली खिड़कियों की सफाई होती मिली। सीएचसी परिसर के कॉरिडोर में पंखे लगे नहीं मिले। इस पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि सीएचसी की इमारत पुरानी है। ऐसे में पंखे छल्लों में लगाना सुरक्षित नहीं है। बताया कि उन्होंने दीवार में लगने वाले पंखों का ऑर्डर किया है। जल्द पंखे लगवा दिए जाएंगे।
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बंदरों की समस्या से भी मिलेगी निजात
सीएचसी परिसर में बने महिला अस्पताल में बंदरों के आतंक को कम करने के भी प्रयास शुरू हो गए हैं। अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में पिछली दीवार पर प्लास्टर कराया जा रहा है। इसी वजह से खिड़कियों से आर पार बांस बल्ली लगाए गए हैं। इन्हीं खुली खिड़कियों से बंदर अंदर आ जाते हैं। बंदर डस्टबिन में भरा कूड़ा भोजन की तलाश में फैला देते हैं। इस वजह से गंदगी भी हो जाती है। बताया कि इन खिड़कियों को स्थायी रूप से प्लास्टर होने के बाद बंद कर दिया जाएगा। इससे बंदरों से निजात मिल जाएगी। इसके अतिरिक्त दवा स्टोर रूम में दवाएं अल्फाबेटिकल क्रम में व्यवस्थित मिलीं। सभी दवाओं पर एक्सपायरी डेट की स्लिप लगी मिली। एक्सरे रूम में जनरेटर से बिजली आपूर्ति होती नजर आई। एक्सरे कक्ष में मरीजों का एक्सरे सुचारू रूप से होता मिला।
सीएचसी अधीक्षक डॉ आनंद सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिले निर्देशों के अनुसार काम कराया गया है। एक वाटर कूलर को आरओ प्लांट से कनेक्ट कर दिया गया है। वहीं, दो अन्य वाटर कूलर के लिए आरओ सिस्टम लगाने के लिए पत्र भेजा गया है। सीएचसी में बंद लिफ्ट के संचालन के लिए सीएमओ कार्यालय को एक पत्र भेजा है। सारी कमियां जल्द दूर कर ली जाएंगी।