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Sonebhadra News: शादियों में इमरती, डोसा, चीला से परहेज, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पनीर टिक्का को तरजीह

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2026 11:41 PM IST
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Avoid Imarti, Dosa, and Cheela at weddings, preferring Rasgulla, Gulab Jamun, and Paneer Tikka.
रॉबर्ट्सगंज गेंगुआर एचपी गैस एजेंसी के बाहर खड़े उपभोक्ता। संवाद
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सोनभद्र। होली के बाद से शुरू हुआ रसोई गैस का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। एक-एक सिलिंडर के लिए लोग गैस एजेंसियों और गोदाम का चक्कर लगा रहे हैं। उन परिवारों के सामने मुश्किल बढ़ती जा रही है, जिनके यहां खरमास के बाद शादियां होनी हैं। कैटरर्स ने साफ कह दिया है कि वह सारी व्यवस्था करेगा, लेकिन सिलिंडर का इंतजाम आयोजक को ही करना होगा। कइयों ने मेन्यू कार्ड से ऐसे पकवान हटा दिए हैं, इसमें अधिक ईंधन की जरूरत है। जलेबी, इमरती, डोसा, पाव-भाजी, चाऊमीन, पनीर चीली की जगह गोलगप्पे, पनीर टिक्का, रसगुल्ला, गुलाब जामुन को लिस्ट में शामिल किया गया है। कलौंजी भी स्टॉल से गायब दिख सकती है। इसके बदले रसगुल्ला, जामुन, पनीर टिक्का को तरजीह दी जा रही है।
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मार्च में रसोई गैस की किल्लत तब शुरू हुई, जब शादियों का मुहूर्त खत्म होने वाला था। ज्यादातर लोगों ने पहले ही सिलिंडर का इंतजाम कर लिया था। जिनके यहां अप्रैल-मई में शादी होनी है, उन्हें यह भरोसा था कि तब तक स्थिति सुधर जाएगी। अब 14 अप्रैल को खरमास खत्म होने के साथ ही मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे, लेकिन सिलिंडर की किल्लत जस की तस बनी हुई है। अलबत्ता डिलीवरी के 25 से 45 दिन बाद ही बुकिंग और फिर 7-8 दिन पर डिलीवरी की व्यवस्था ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। एक-एक समारोह में 8-10 सिलिंडर की जरूरत होनी है, जबकि एक ही सिलिंडर मिलना मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो लकड़ी को विकल्प बनाया जा रहा है, मगर शहरी क्षेत्रों में यह संभव नहीं हो पा रहा। यहां कोयले की भट्टी उपयोग में लाने की योजना बना रहे हैं, मगर गैस सिलिंडर जैसी सुविधा इसमें नहीं है। मेहमानों को आमंत्रित कर चुके आयोजक अब पशोपेश में है। उधर, शादी-विवाह में खाने-पीने की सारी व्यवस्था संभालने वाले कैटरर्स भी अब हाथ खड़े करने लगे हैं। वह साफ कह रहे हैं कि भोजन बना देंगे, लेकिन सिलिंडर की व्यवस्था आयोजक को ही करनी होगी।
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भट्टी पर बनने वाले पकवानों को वरीयता
खाने में ऐसे पकवान रखने का सुझाव दे रहे हैं, जिसमें गैस की खपत कम हो या कोयले की भट्टी पर उसे तैयार किया जा सके। छोला-भटूरा, पाव भाजी, चीला, डोसा से परहेज किया जा रहा है। इमरती, जलेबी, हलवा की जगह दूसरी मिठाइयाें का विकल्प रखा गया है। -अनिकेत चौधरी, कैटरर्स,रॉबर्ट्सगंज
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सिलिंडर की किल्लत के कारण लोगों से मेन्यू छोटा करने का अनुरोध किया जा रहा है। ताकि गैस की खपत कम हो। इसके साथ ही लोगों को हल्दी, मेहंदी, संगीत जैसे कार्यक्रम भी समेटने की सलाह दी जा रही है। इससे सिलिंडर की कमी के बीच राहत भी मिलेगी।-दुर्गेश गुप्ता, कैटरर्स, ओबरा


सिलिंडर नहीं मिलने से शादी में लकड़ी की हो रही संकट
दुद्धी में गैस सिलिंडर की कमी से शादी विवाह की तैयारियों में अड़चन हो रही है। शादी में खाना बनाने के लिए लोग सिलिंडर की तलाश में एक-दूसरे से संपर्क कर रहे हैं। हलवाई भी लकड़ी पर खाना बनाने में आनाकानी कर रहे हैं। खजुरी गांव निवासी मुकेश गुप्ता के बहन की शादी 5 मई को है, लेकिन सिलिंडर की किल्लत देखते हुए अपने खेतों में यूकेलिप्ट्स के पेड़ की छंटाई कराकर ईंधन की व्यवस्था में जुटे हैं। घर पर भी लकड़ी के चूल्हा पर खाना बन रहा है। डूमरडीहा निवासी रामप्रवेश ने बताया कि शादी 21 अप्रैल को घर से ही होना है। हलवाई सिलिंडर के लिए लगातार दबाव दे रहा है। गांव में कई जगह संपर्क के बाद अब लकड़ी के जुगाड़ में लगे हुए हैं।
27 अप्रैल को बेटी की शादी है। सिलिंडर की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। परिचितों और रिश्तेदारों से गैस सिलिंडर के लिए बोला गया है। नहीं मिला तो लकड़ी और कोयला की व्यवस्था करनी पड़ेगी। -शीला देवी।
20 अप्रैल को पोती की शादी है। 16 सिलिंडर की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक सिलिंडर की कोई व्यवस्था नहीं हुई है। कैटरिंग वालों ने हाथ खड़ा कर दिया है। गैस एजेंसी पर बात किया तो बुकिंग के बिना सिलिंडर नहीं देंगे। -कैलाश पनिका।
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लगन शुरू होने वाली है, लेकिन सिलिंडर की समस्या अभी भी बनी हुई है। इसलिए इस बार लगन में बुकिंग करते समय लोगों को स्वयं सिलिंडर व्यवस्था करने के लिए कह दिया गया है। -दीपेश गुप्ता, कैटरिंग व्यापारी।
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26 अप्रैल को बेटे की शादी है। सिलिंडर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। घर में मेहमान आने के बाद गैस की खपत बढ़ जाएगी। गैस सिलिंडर न मिलने पर कोयला और लकड़ी की व्यवस्था करनी पड़ेगी। -गीता देवी।
शादी समारोह या अन्य आयोजनों के लिए कॉमर्शियल सिलिंडर देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए उपभोक्ता को अस्थायी कनेक्शन जारी होगा। शादी के कार्ड के साथ संबंधित एजेंसी पर आवेदन करना होगा। उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि भी देनी होगी, जो उपयोग के बाद सिलिंडर लौटाने पर वापस कर दी जाएगी। इस आधार पर उपभोक्ता जरूरत के अनुसार सिलिंडर ले सकते हैं। इसमें कोई रोक नहीं है। -हर्ष गुप्ता, नोडल अधिकारी, एलपीजी।
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