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Sonebhadra News: संस्था के नाम से भिजवा दी तहरीर, वादी का नाम न होने से फंसा पेच
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बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिका कक्षा संचालन के लिए हो रही एजुकेटर-अनुदेशक भर्ती में अभ्यर्थियों से की जा रही वसूली मामले में दी गई तहरीर में पेंच फंस गया है। पुलिस को जो तहरीर उपलब्ध कराई गई है, उसमें वादी के नाम वाली जगह पर महज संस्था का नाम लिखकर शार्टकट हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। इसके चलते प्राथमिकी में वादी के कॉलम में किसका नाम दर्ज किया जाए? असमंजस की स्थिति बन गई है। संस्था के लोगों से इसकी स्थिति स्पष्ट कराने और प्राथमिकी में वादी कौन बनेगा? इसकी जानकारी अविलंब उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है ताकि पुलिस इस मामले में कार्रवाई आगे ब़ढ़ा सके।
89 ईसीसी एजुकेटर और 27 तकनीकी अनुदेशकों की भर्ती में अभ्यर्थियों से 80 से एक लाख रुपये मांगने का वीडियो सामने आने के बाद डीएम औंर सीडीओ ने बीसए को मामले की जांच करने और प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया था। बीएसए के निर्देश पर संस्था की तरफ से एक तहरीर भी बृहस्पतिवार को राॅबर्टसगंज पुलिस को उपलब्ध कराई गई लेकिन तहरीर संस्था के संचालक या प्राधिकृत व्यक्ति की तरफ से दिए जाने का उल्लेख न कर सीधे संस्था के नाम से दे दी गई।
प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो पता चला कि तहरीर में वादी का नाम ही नहीं है। पुलिस की तरफ से तहरीर लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति से संपर्क भी साधा गया लेकिन शुक्रवार देर शाम तक संस्था की तरफ से वादी कौन बनेगा इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संस्था के लोगों को वादी का विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जैसे ही वादी का विवरण उपलब्ध कराया जाएगाए प्राथमिकी दर्ज करते हुए कार्रवाई आगे बढ़ा दी जाएगी।
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89 ईसीसी एजुकेटर और 27 तकनीकी अनुदेशकों की भर्ती में अभ्यर्थियों से 80 से एक लाख रुपये मांगने का वीडियो सामने आने के बाद डीएम औंर सीडीओ ने बीसए को मामले की जांच करने और प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया था। बीएसए के निर्देश पर संस्था की तरफ से एक तहरीर भी बृहस्पतिवार को राॅबर्टसगंज पुलिस को उपलब्ध कराई गई लेकिन तहरीर संस्था के संचालक या प्राधिकृत व्यक्ति की तरफ से दिए जाने का उल्लेख न कर सीधे संस्था के नाम से दे दी गई।
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प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो पता चला कि तहरीर में वादी का नाम ही नहीं है। पुलिस की तरफ से तहरीर लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति से संपर्क भी साधा गया लेकिन शुक्रवार देर शाम तक संस्था की तरफ से वादी कौन बनेगा इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि संस्था के लोगों को वादी का विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जैसे ही वादी का विवरण उपलब्ध कराया जाएगाए प्राथमिकी दर्ज करते हुए कार्रवाई आगे बढ़ा दी जाएगी।
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