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Sonebhadra News: भूमि ग्रामसभा में दर्ज करने की मांग की
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सोनभद्र/घोरावल। स्थानीय तहसील क्षेत्र के महोखर गांव में 54 बीघा भूमि के मामले को लेकर करीब 180 ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और भूमि को ग्राम सभा के खाते में दर्ज करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि 54 बीघा भूमि प्रारंभिक अभिलेखों में डांगर पुत्र दशरथ के नाम दर्ज थी। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान डांगर या उनके परिवार का कोई सदस्य न होने पर तत्कालीन ग्राम प्रधान मनमोहन मिश्रा ने भूमि को ग्राम सभा के खाते में दर्ज किए जाने का अनुरोध किया लेकिन यह भूमि डांगर के नाम ही दर्ज रही। इसके बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान ने एसडीएम रॉबर्ट्सगंज न्यायालय में वाद दायर किए जाने के बाद 1995 में ग्राम सभा की खुली बैठक में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, ग्राम के नागरिक और भगवान दास पुत्र लालजी सिंह उपस्थित थे लेकिन डांगर या उसके परिवार का कोई सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। जुलाई 2021 में कुछ व्यक्तियों की तरफ से इस भूमि की संदिग्ध रजिस्ट्री भी करा ली गई, जबकि भूमि के स्वामित्व एवं नामांतरण का विवाद अभी तक विधिवत समाप्त नहीं हुआ था। इस मौके पर सविता कोल, विजयी, श्यामलाल, लालबिहारी, जवाहिर, पूजा, परेवा, सुजीत, जितेंद्र, कन्हैया, गुलाबिया, राधेश्याम, कुलपति, रविंद्र, आकाश, चंद्रावती आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि 54 बीघा भूमि प्रारंभिक अभिलेखों में डांगर पुत्र दशरथ के नाम दर्ज थी। चकबंदी प्रक्रिया के दौरान डांगर या उनके परिवार का कोई सदस्य न होने पर तत्कालीन ग्राम प्रधान मनमोहन मिश्रा ने भूमि को ग्राम सभा के खाते में दर्ज किए जाने का अनुरोध किया लेकिन यह भूमि डांगर के नाम ही दर्ज रही। इसके बाद तत्कालीन ग्राम प्रधान ने एसडीएम रॉबर्ट्सगंज न्यायालय में वाद दायर किए जाने के बाद 1995 में ग्राम सभा की खुली बैठक में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, ग्राम के नागरिक और भगवान दास पुत्र लालजी सिंह उपस्थित थे लेकिन डांगर या उसके परिवार का कोई सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। जुलाई 2021 में कुछ व्यक्तियों की तरफ से इस भूमि की संदिग्ध रजिस्ट्री भी करा ली गई, जबकि भूमि के स्वामित्व एवं नामांतरण का विवाद अभी तक विधिवत समाप्त नहीं हुआ था। इस मौके पर सविता कोल, विजयी, श्यामलाल, लालबिहारी, जवाहिर, पूजा, परेवा, सुजीत, जितेंद्र, कन्हैया, गुलाबिया, राधेश्याम, कुलपति, रविंद्र, आकाश, चंद्रावती आदि मौजूद रहे।
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