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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Sonbhadra 130 transformers piled up at workshop 24 need repair daily but only 16 are being fixed

सोनभद्र: वर्कशॉप में 130 ट्रांसफार्मर डंप, रोज करनी है 24 की मरम्मत; हो पा रही सिर्फ 16 की

Tue, 08 Sep 2026 03:40 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Pragati Chand Updated Tue, 08 Sep 2026 03:40 PM IST
सार

सोनभद्र के वर्कशॉप में 130 ट्रांसफार्मर डंप पड़े हैं। वर्कशॉप में रोज 24 ट्रांसफाॅर्मर बनने चाहिए, लेकिन सिर्फ 16 की ही मरम्मत हो पा रही है। 
 

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Sonbhadra 130 transformers piled up at workshop 24 need repair daily but only 16 are being fixed
वर्कशॉप में दिशा-निर्देश देते विधायक भूपेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोनभद्र जिले में बीते दिनों तेज बारिश और बिजली गिरने की वजह से करीब 130 ट्रांसफाॅर्मर जल गए थे। ये ट्रांसफाॅर्मर मरम्मत के लिए वर्कशॉप में आए हैं, जबकि गांवों में इससे अधिक ट्रांसफाॅर्मर खराब होने की जानकारी सामने आई है। बड़ी संख्या में ट्रांसफाॅर्मर जलने से बिजली निगम पर मरम्मत का दबाव बढ़ गया है। छपका स्थित वर्कशॉप में प्रतिदिन 24 ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत की क्षमता है, लेकिन मैनपावर की कमी के कारण महज 15 से 16 ट्रांसफाॅर्मर ही दुरुस्त हो पा रहे हैं।

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क्षेत्रफल की दृष्टि से सोनभद्र प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला है। यहां बिजली आपूर्ति के लिए रॉबर्ट्सगंज और पिपरी दो डिवीजन हैं। मगर जले ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत के लिए जिला मुख्यालय के छपका में सिर्फ एक वर्कशॉप है। वर्कशॉप में तीन ठेकेदारों के माध्यम से जले ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत कराई जाती है। इस वर्कशॉप में प्रतिदिन 22 से 24 जले ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत करने की क्षमता है, मगर बीते दिनों जिले में तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने की वजह से ट्रांसफाॅर्मरों के जलने की संख्या अचानक बढ़ गई। 
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गरज-तड़क की वजह से एक दिन में 45 से 50 ट्रांसफाॅर्मर जलने की सूचना आई थी। निगम के अधिकारियों अनुसारए अचानक अधिक संख्या में ट्रांसफाॅर्मर जलने और दूसरी तरफ वर्कशॉप में एक ठेकेदार की ओर से समय से ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत नहीं किए जाने की वजह से पेंडेंसी बढ़ी है। 
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एक ठेकेदार को प्रतिदिन करीब सात से आठ ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत करनी होती है। इस तरह प्रतिदिन 22 से 24 ट्रांसफार्मरों की मरम्मत होनी चाहिए। इसकी तुलना में 15 से 16 ट्रांसफाॅर्मरों की ही मरम्मत हो पा रही है। जले ट्रांसफाॅर्मरों की संख्या की तुलना में मरम्मत की कार्रवाई धीमी होने की वजह से भी पेंडेंसी बढ़ी है। 

ट्रांसफाॅर्मर मरम्मत के लिए आगरा के एक ठेकेदार से अनुबंध हुआ है, मगर उसकी ओर से पीकऑवर के बावजूद कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं कराई जा रही है। इससे भी ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत प्रभावित हो रही है। इस नाते अनुबंध समाप्त करने पर भी विचार किया जा रहा है।

अधिशासी अभियंता के स्तर पर इस संबंध में पत्राचार भी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ मरम्मत का दबाव कम करने के लिए मिर्जापुर और भदोही से भी रिपेयर किए गए ट्रांसफाॅर्मर मंगाकर क्षेत्र में लगाए जाने की बात कहीं जा रही है। जल्द ही 50 ट्रांसफाॅर्मर मिलने की बात कही जा रही है।

अवकाश के दिन 18 ट्रांसफाॅर्मरों की हुई मरम्मत
जिला मुख्यालय के छपका स्थित वर्कशॉप में जले ट्रांसफाॅर्मरों की बढ़ती संख्या और पेंडेंसी की शिकायत के बाद सदर विधायक भूपेश चौबे ने शनिवार को वर्कशॉप का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से मरम्मत की स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित ट्रांसफाॅर्मरों को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मरम्मत कार्य में तेजी आई है। रविवार को अवकाश होने के बावजूद वर्कशॉप में काम हुआ और 18 जले ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत कराई गई। वर्कशॉप के अधिकारी अब लंबित ट्रांसफाॅर्मरों की संख्या कम करने में जुटे हैं और चार से पांच दिनों में पेंडेंसी दूर करने का लक्ष्य रखा गया है।

कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाए जाने का पड़ा असर
वर्कशॉप में ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत के लिए तीन ठेकेदारों से अनुबंध किया गया है। इसके बावजूद पीक ऑवर में ठेकेदारों की ओर से कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाए जाने से मरम्मत की रफ्तार प्रभावित हो रही है। निर्धारित क्षमता के मुकाबले प्रतिदिन छह से आठ ट्रांसफाॅर्मर कम दुरुस्त होने से पेंडेंसी बनी हुई है। विभागीय स्तर पर दो ठेकेदारों के काम को बेहतर बताया जा रहा है, जबकि तीसरे ठेकेदार की वजह से रिपेयर के रेट को लेकर समस्या आई है, जिसे दुरुस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।
 

अधिकारी बोले
बीते दिनों जिले में तेज बारिश के दौरान बिजली गिरने की वजह से अचानक जले ट्रांसफाॅर्मरों की संख्या में इजाफा हुआ है। बारिश के दौरान प्रतिदिन 25 से 26 ट्रांसफाॅर्मर जलने की सूचना आ रही थी। मैनपावर की कमी की वजह से कम ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत होने से पेंडेंसी बढ़ी है। इसे जल्द ही दूर कर दिया जाएगा। -सुधीर मल्ल, एई-वर्कशॉप, छपका-रॉबर्ट्सगंज 

वर्कशॉप में सामान की आपूर्ति समय से कराई जा रही है। कहीं कोई कमी नहीं है। सोनभद्र के वर्कशॉप में तीन ठेकेदार हैं। एक ठेकेदार की वजह से ट्रांसफाॅर्मर मरम्मत दर को लेकर समस्या आई है, जिसे सही कराया जा रहा है। चार से पांच दिनों में सभी ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत करा दी जाएगी। -हरीश प्रजापति, अधिशासी अभियंता-वर्कशॉप, मिर्जापुर 

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