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सेहत से खिलवाड़: खुद की डॉक्टरी से जान को खतरा, बिना सलाह युवतियां खा रहीं गर्भपात की गोलियां; बढ़ रही समस्या

रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 13 Jun 2026 03:51 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में बीएचयू अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में हर दिन 10 से ज्यादा ऐसे मामले आ रहे, जिसमें बिना डॉक्टर की सलाह के महिलाएं गर्भपात की दवा खा रहीं। जिससे जान का खतरा है।

Taking abortion pills without doctor advice poses risk to life in Varanasi
गर्भपात की दवाओं से जान का खतरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

युवतियों में इन दिनों अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भपात की गोलियां खाने का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। मेडिकल स्टोर पर भी बिना डॉक्टर की पर्ची लिखी दवाइयां धड़ल्ले से मिल जा रही हैं। युवतियां उसका सेवन कर गर्भपात तो करवा ले रही हैं लेकिन उनकी जान पर भी बन आ रही है। कई तरह के संक्रमण से ग्रसित हो रही हैं। 



बीएचयू के साथ ही शहर के निजी अस्पतालों में दवा खाने के बाद होने वाले संक्रमण सहित अन्य समस्याओं से ग्रसित 10 मरीज रोज पहुंच रही हैं। इसमें खून ज्यादा गिरने (रक्तस्राव) से लेकर यूट्रस संबंधी अन्य गंभीर समस्या हो रही है। बदलते समय में बहुत सी गर्भवती महिलाएं खुद ही ऑनलाइन सुझाव लेकर गर्भपात कराने वाली दवाइयों का सेवन कर रही हैं। 
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बाजार में 150 से 400 रुपये में एक गोली/किट मिलती हैं। महिलाएं बिना किसी डॉक्टर की सलाह, जानकारी के दुकान से दवा खरीद कर खा ले रही हैं। बीएचयू अस्पताल में ओपीडी में ऐसी दो महिलाएं पहुंच रही हैं, जिनकी गर्भपात की दवा खाने के बाद समस्या हो रही है। दवाइयां खाने वाली युवतियों की उम्र 18 से 40 रहती है। पिछले महीने 25 साल की महिला की मौत भी इलाज के दौरान हो चुकी है।

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फट जाता है टयूब, करनी पड़ती है सर्जरी
बीएचयू स्त्री रोग विभाग की प्रो. ममता का कहना है कि अगर स्वास्थ्य संबंधी कारणों से किसी महिला को गर्भपात की जरूरत होती है तो वह डॉक्टर की सलाह पर ऐसा करवा सकती हैं। गर्भधारण के शुरुआती दो महीने तक ही ऐसा हो सकता है। ओपीडी में तीन-चार महीने से देखने को मिल रहा है कि महिलाएं गर्भपात की दवा खाने के बाद होने वाले संक्रमण सहित अन्य समस्याओं को लेकर आ रही हैं। कई मामलों में देखने को मिल रहा है कि दवा खाने के बाद भी गर्भ पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाता है। महीने में 10 ऐसी महिलाओं की सर्जरी करनी पड़ रही हैं। कई मामलों में गर्भपात की गोली काम नहीं करती हैं, इससे गर्भाशय में ट्यूब फट जाता है, शरीर में खून की कमी होती है और जान का खतरा बढ़ जाता है।

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बिना पर्चे के दवा देना गैरकानूनी
स्त्री रोग विशेषज्ञों की संस्था वोगसी वाराणसी शाखा की पूर्व अध्यक्ष और आईएमए की उपाध्यक्ष डॉ. शालिनी टंडन का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के धड़ल्ले से जिस तरह गर्भपात की दवा बिक रही है, यह पूरी तरह गैर कानूनी है। नियमों के अनुसार, कुछ परिस्थतियों में 7-8 सप्ताह में डॉक्टर की सलाह पर ही गर्भपात वाली दवा ली जा सकती है। निजी अस्पतालों में भी महिलाएं आ रही हैं।

गर्भपात के बाद यह होती है समस्या

  • अधिक रक्तस्राव
  • गर्भाशय में संक्रमण
  • पेट में दर्द और कमजोरी बने रहना
  • आगे चलकर गर्भधारण करने में भी समस्या
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