रॉबर्ट्सगंज के विकास नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेवा केंद्र पर ग्रीष्मकालीन दिव्य बाल व्यक्तित्व विकास शिविर का शनिवार को समापन हुआ। शिविर में बच्चों में मानवीय मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और संस्कारों के संवर्धन के लिए विभिन्न गतिविधियों आयोजित की गईं।
समापन समारोह में सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका बीके सुमन ने प्रतिभागी बच्चों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार की अमूल्य धरोहर और राष्ट्र का स्वर्णिम भविष्य हैं। माता-पिता को अपने आदर्श, आचरण और गुणों के माध्यम से बच्चों में श्रेष्ठ संस्कारों का विकास करना चाहिए हैं। आर्नव सिंह को सर्वश्रेष्ठ बालक का पुरस्कार प्रदान किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में आयुष्मान विश्वकर्मा, आयांश वर्मा, सत्यम केशरी, प्रियांशु विश्वकर्मा और आन्वी श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, दिव्यांश, नित्या केशरी, सत्यम मौर्य, अव्यक्त मिश्रा, रागवी सिंह, वैभव चौबे, रुद्र सिंह और आर्ना सोनी को द्वितीय पुरस्कार मिला। इस मौके पर डॉ. हरिंद्र, सीता, कविता, दीपशिखा आदि मौजूद थीं।