सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज स्थित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास आचार्य मनोहर कृष्ण महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए समय-समय पर विभिन्न अवतार धारण करते हैं। जीवन में श्रद्धा और विश्वास का संतुलन ही आध्यात्मिक उन्नति का आधार है। उन्होंने बताया कि माता सती ने पतिव्रता धर्म की मर्यादा की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग कर दिया, लेकिन भगवान शिव का अपमान सहन नहीं कर सकीं। यह प्रसंग त्याग, समर्पण और वैवाहिक निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। इस अवसर पर महेंद्र नाथ शुक्ल, ओमप्रकाश पाठक, रामचंद्र मिश्र आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।