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Sultanpur News: ताजिये सुपुर्द-ए-खाक, उमड़े अकीदतमंद

Sat, 27 Jun 2026 12:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 12:24 AM IST
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Tazias laid to rest; Devotees throng in large numbers
शहर के घासीगंज कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिये। स्रोत-सोशल मीडिया
सुल्तानपुर। जिले में शुक्रवार को 10वीं मुहर्रम श्रद्धा, अकीदत और शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की याद में इमामबाड़ों से ताजिया जुलूस निकाले गए। ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने नौहाखानी, तलवारबाजी और छुरी का मातम किया।
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शहर के खैराबाद स्थित इमामबाड़ा अहमद हुसैन मरहूम से शुरू हुए जुलूस से पहले मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना असगर नकी ने कर्बला की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन और उनके साथियों ने इंसानियत व सच्चाई की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी। छह माह के अली असगर की शहादत का मार्मिक प्रसंग सुनाकर लोगों की आंखें नम कर दीं।
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मजलिस के बाद जुलूस शिया मस्जिद, जामे इस्लामिया, अन्नू चौराहा, बाधमंडी, जमाल गेट, इलाहाबाद रोड और दरियापुर होते हुए घासीगंज कर्बला पहुंचा। पूरे रास्ते ‘या हुसैन’ की सदाएं गूंजती रहीं। अंजुमन गुंचए मजलूमिया के सदस्यों ने नौहा पढ़ते हुए मातम किया जबकि कई अकीदतमंदों ने जंजीर का मातम किया। कर्बला में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस मौके पर डॉ. नैयर रजा, अजादार हुसैन, जियाउल हसनैन, शमीम हैदर, नसीम हुसैन, नाहिद अकबर, मो. हैदर, अनवार हैदर सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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‘या हुसैन अलविदा’ की सदाओं के बीच निकला जुलूस

सुल्तानपुर। जिले के शिया बहुल क्षेत्रों में 10 दिनों तक चले मुहर्रम के धार्मिक आयोजनों का समापन शुक्रवार को ताजियों के जुलूस और कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक संग हुआ। ‘या हुसैन अलविदा’ की गूंज के बीच अमहट, गोराबारिक, तुराबखानी, अलीगढ़, हयातनगर, मनियारपुर, कादीपुर, इसौली, दोस्तपुर, बहादुरपुर, बंधुआ खुर्द, शाहपुर, करीमपुर सहित जिले के कई गांवों और मोहल्लों से ताजिये निकाले गए।

अमहट में नौ मुहर्रम की रात हुसैनिया बादल खां में मजलिस के बाद शबे आशूर का जुलूस निकला। 10 वीं मुहर्रम की सुबह इमामबारगाहों में अलविदाई मजलिस और अमहट हवाई अड्डा परिसर में आमाल-ए-आशूरा अदा किए गए। मातमी जुलूस अमहट चौराहे से अमेठी रोड होते हुए कर्बला पहुंचे, जहां ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस पुलिस और प्रशासन की व्यापक व्यवस्था रही। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान ने सभी के सहयोग पर आभार जताया।

नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिये

गोसाईगंज। वक्फ इमामबाड़ा हयातनगर से 10 वीं मुहर्रम पर शुक्रवार सुबह अकीदत के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस में अलम, ताजिया और जुलजनाह शामिल रहे। अंजुमन असगरिया के सदस्यों ने जंजीर, कमा (धारदार तलवार या खंजर) और ब्लेड का मातम करते हुए कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की।


जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर वक्फ कर्बला हयातनगर पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में नम आंखों से ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बड़ी संख्या में सभी समुदायों के लोग मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी तैनात रहे। कमेटी तमन्ना-ए-मूसा के अध्यक्ष कायम मेहंदी चांद ने जुलूस के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर सभी अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और सहयोग करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया। संवाद
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