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Sultanpur News: दो दिन तक स्कूल नहीं आने पर घर पहुंचेंगे गुरुजी
Sat, 27 Jun 2026 12:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 27 Jun 2026 12:11 AM IST
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सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की घटती उपस्थिति अब शिक्षा विभाग की नजर में है। स्कूल से लगातार दो दिन गायब रहने वाले बच्चों की खोज-खबर शिक्षक खुद लेंगे। तीसरे दिन गुरुजी बच्चे के घर पहुंचकर उसके स्कूल न आने की वजह जानेंगे और अभिभावकों से बात कर उसे नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। सचिव बेसिक शिक्षा के निर्देश के बाद यह कवायद शुरू हो गई है। शिक्षक बच्चे की अनुपस्थिति का कारण जानने के बाद उसे प्रेरणा पोर्टल पर भी दर्ज करेंगे। जिले में 2064 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इसके बावजूद कई स्कूलाें में बच्चों की उपस्थिति कम रहती है।
वर्तमान में औसत उपस्थिति करीब 60 फीसदी है। विभाग का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 80 फीसदी तक पहुंचाना है। एक जुलाई से विद्यालय पूरी क्षमता के साथ संचालित होंगे। प्रधानाध्यापक और शिक्षक रोजाना बच्चों की हाजिरी की निगरानी करेंगे। लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया जाएगा।
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कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की होगी समीक्षा
विभाग अब कम उपस्थिति वाले विद्यालयों पर भी नजर रखेगा। जुलाई के बाद ऐसे स्कूलों की सूची तैयार होगी और हर महीने समीक्षा की जाएगी। जिन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम मिली, वहां प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों को स्कूल से जोड़ना प्राथमिकता
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यदि कोई बच्चा दो दिन विद्यालय नहीं आता है तो शिक्षक उसके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे और स्कूल न आने का कारण जानकर उसे नियमित आने के लिए प्रेरित करेंगे।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। सचिव बेसिक शिक्षा के निर्देश के बाद यह कवायद शुरू हो गई है। शिक्षक बच्चे की अनुपस्थिति का कारण जानने के बाद उसे प्रेरणा पोर्टल पर भी दर्ज करेंगे। जिले में 2064 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें करीब दो लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इसके बावजूद कई स्कूलाें में बच्चों की उपस्थिति कम रहती है।
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वर्तमान में औसत उपस्थिति करीब 60 फीसदी है। विभाग का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 80 फीसदी तक पहुंचाना है। एक जुलाई से विद्यालय पूरी क्षमता के साथ संचालित होंगे। प्रधानाध्यापक और शिक्षक रोजाना बच्चों की हाजिरी की निगरानी करेंगे। लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया जाएगा।
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कम उपस्थिति वाले विद्यालयों की होगी समीक्षा
विभाग अब कम उपस्थिति वाले विद्यालयों पर भी नजर रखेगा। जुलाई के बाद ऐसे स्कूलों की सूची तैयार होगी और हर महीने समीक्षा की जाएगी। जिन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम मिली, वहां प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों को स्कूल से जोड़ना प्राथमिकता
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यदि कोई बच्चा दो दिन विद्यालय नहीं आता है तो शिक्षक उसके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे और स्कूल न आने का कारण जानकर उसे नियमित आने के लिए प्रेरित करेंगे।