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Unnao News: अदम्य साहस के लिए मेजर आदित्य को मिला सम्मान
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उन्नाव। तहसील बीघापुर क्षेत्र के गांव पनई बुजुर्ग निवासी मेजर आदित्य प्रताप सिंह को अदम्य साहस और वीरता के लिए सेना ने दूसरी बार शौर्य चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की है। उनकी मां विमला सिंह ने फोन पर बातचीत में इसकी पुष्टि की है। यह सम्मान देश के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाएगा।
असम राइफल्स में तैनात मेजर आदित्य प्रताप सिंह ने भूटान में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सफलता हासिल की। उनके इसी वीरतापूर्ण योगदान को देखते हुए सेना ने उन्हें दूसरी बार शौर्य चक्र से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। मेजर आदित्य प्रताप सिंह का परिवार वर्तमान में लखनऊ में रहता है। वहीं, पनई बुजुर्ग गांव में उनके चचेरे भाई रनवीर सिंह, जिम्मी, पप्पू सिंह, प्रसून और तेज प्रताप सिंह रहते हैं। मेजर के दूसरी बार शौर्य चक्र के लिए चयन की जानकारी मिलते ही गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिजनों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है। शौर्य चक्र भारत का एक महत्वपूर्ण वीरता पुरस्कार है, जो युद्ध के अलावा अदम्य साहस और वीरता के लिए प्रदान किया जाता है। मेजर आदित्य प्रताप सिंह को दूसरी बार यह सम्मान मिलने की घोषणा से उनके परिवार और गांव के लोगों में खुशी है।
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असम राइफल्स में तैनात मेजर आदित्य प्रताप सिंह ने भूटान में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सफलता हासिल की। उनके इसी वीरतापूर्ण योगदान को देखते हुए सेना ने उन्हें दूसरी बार शौर्य चक्र से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। मेजर आदित्य प्रताप सिंह का परिवार वर्तमान में लखनऊ में रहता है। वहीं, पनई बुजुर्ग गांव में उनके चचेरे भाई रनवीर सिंह, जिम्मी, पप्पू सिंह, प्रसून और तेज प्रताप सिंह रहते हैं। मेजर के दूसरी बार शौर्य चक्र के लिए चयन की जानकारी मिलते ही गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिजनों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है। शौर्य चक्र भारत का एक महत्वपूर्ण वीरता पुरस्कार है, जो युद्ध के अलावा अदम्य साहस और वीरता के लिए प्रदान किया जाता है। मेजर आदित्य प्रताप सिंह को दूसरी बार यह सम्मान मिलने की घोषणा से उनके परिवार और गांव के लोगों में खुशी है।
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