उन्नाव। शहर के सिविल लाइंस स्थित कांग्रेस कार्यालय में पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें नए कानून ''वीबीजी राम जी'' पर विरोध जताया गया। कानून वापस न लेने पर देशभर में मनरेगा बचाओ आंदोलन की चेतावनी दी गई।
जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वीबीजी राम जी के नाम पर केंद्र सरकार मनरेगा के मूल कानून, अधिकार-आधारित स्वरूप और पंचायती राज व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश कर रही है। यह गरीब, मजदूर और संविधान पर सीधा हमला है। मनरेगा करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार, सम्मान और जीवन की सुरक्षा है।
वीबीजी राम जी के माध्यम से सरकार मनरेगा को योजना से हटाकर ठेकेदारी मॉडल में बदलना चाहती है जिससे मजदूर का अधिकार और पंचायत की भूमिका समाप्त हो जाएगी। कांग्रेस ने मनरेगा कानून को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की है। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह, पूर्व अध्यक्ष जंगबहादुर सिंह, उपाध्यक्ष संगठन चंद्र प्रकाश शुक्ला, महासचिव अजय गौतम, उपाध्यक्ष विनय प्रकाश श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष शिवम अवस्थी आदि मौजूद रहे।