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UP Election 1st Phase 2022: दस चर्चित सीटें, कहीं विरासत बचाने की चुनौती, कहीं टिकट लौटाकर फिर से नेताजी उतरे मैदान में
Sat, 05 Feb 2022 06:22 PM IST
जयदेव सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: जयदेव सिंह
Updated Sat, 05 Feb 2022 06:22 PM IST
सार
UP Election 2022 1st Phase Top 10 Most Popular Assembly Seats: जिन 58 सीटों पर पहले चरण में मतदान होना है उनमें से 53 सीटें 2017 में भाजपा ने जीती थीं। कैराना, मथुरा, आगरा ग्रामीण, छपरौली जैसी सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
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पहले चरण की सबसे चर्चित सीटें
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच चुका है। पहले चरण के प्रत्याशियों के लिए प्रचार के लिए महज दो दिन बचे हैं। इस चरण में जिन 58 सीटों पर मतदान होना है उनमें से 53 सीटें 2017 में भाजपा ने जीतीं थीं। इस बार उसके लिए लड़ाई कांटे की है। कैराना, मथुरा, आगरा ग्रामीण, छपरौली जैसी सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। आइए जानते हैं पहले चरण की दस सबसे चर्चित सीटों और वहां से चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों के बारे में…
1. कैराना: चुनाव की शुरुआत से ही ये सीट सबसे ज्यादा चर्चा में रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने यहां से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की। यहां भाजपा 2017 के पहले हुए पलायन के मुद्दे को फिर उठा रही है। सपा ने एक बार फिर मौजूदा विधायक नाहिद हसन को टिकट दिया है। नाहिद पर ही पलायन कराने के आरोप हैं। वो इस वक्त जेल में बंद हैं। वहीं, भाजपा की ओर से मृगांका सिंह मैदान में हैं।
2. थाना भवन: गन्ना मंत्री सुरेश राणा इस सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। सुरेश राणा अगर जीते तो लगातार तीसरी बार यहां से जीतने वाले विधायक बनेंगे। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सुरेश राणा चर्चा में आए थे। उन्हें पिछली सरकार ने अरेस्ट भी किया था, हालांकि योगी सरकार ने उनके ऊपर लगे मामले वापस ले लिए हैं। इस बार फिर उनका मुकाबला रालोद के अशरफ अली से है, जिन्हें राणा ने 2012 में महज 265 वोट से हराया था।
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3. छपरौली: केंद्र की राजनीति में जाने पहले चौधरी चरण सिंह बागपत की छपरौली विधानसभा सीट से लगातार विधायक रहे हैं। ये विधानसभा सीट चौधरी परिवार और रालोद का गढ़ रही है। 2017 में भाजपा की लहर के बाद भी यहां से रालोद के सुरेंद्र सिंह रमाला जीते थे। रमाला इस बार भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। वहीं, रालोद ने अजय कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है।
4. मांट: श्याम सुंदर शर्मा यहां से 1989 से जीतते आ रहे हैं। सिर्फ 2012 में जयंत चौधरी से हारे थे। छह महीने बाद हुए उप-चुनाव में उन्हें फिर से जीत मिली थी। 2017 में बसपा के टिकट पर जीते शर्मा इस बार भी बसपा उम्मीदवार हैं। भाजपा ने राजेश चौधरी और सपा ने संजय लाठर को उतारकर मुकाबला रोमांचक कर दिया है।
5. अतरौली: पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह यहां से 10 बार विधायक रहे। उनकी बहू प्रेमलता 2004 के उप-चुनाव और 2007 में यहां से जीतीं। अब कल्याण सिंह के पोते संदीप सिंह यहां के मौजूदा विधायक हैं। संदीप का मुकाबला सपा के वीरेश यादव से है। वीरेश 2012 में यहां से जीते थे। तब उन्होंने प्रेमलता देवी को हराया था। बसपा से डॉक्टर ओमवीर सिंह और कांग्रेस से धर्मेंद्र कुमार भी मैदान में हैं।
6. मथुरा: इस सीट से योगी सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा मैदान में हैं। 2017 में शर्मा उन पांच विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने एक लाख से ज्यादा वोट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के प्रदीप माथुर को हराया था। माथुर यहां से चार बार कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके हैं। इस बार फिर कांग्रेस ने उन्हें यहां से उतारा है। सपा के देवेंद्र अग्रवाल और बसपा से सतीश शर्मा भी मैदान में हैं।
7. आगरा ग्रामीण: उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य यहां से भाजपा उम्मीदवार हैं। उनके चुनाव मैदान में आने से ये सीट चर्चा में आ गई है। 2017 में यहां से भाजपा की हेमलता दिवाकर जीती थीं। रालोद के महेश कुमार जाटव, बसपा के किरण प्रभा केसरी और कांग्रेस से उपेंद्र सिंह मैदान में हैं।
8. सरधना: भाजपा के संगीत सोम दो बार से यहां से जीत रहे हैं। सोम अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। 2017 में उन्होंने सपा के अतुल प्रधान को हराया था। इस बार फिर दोनों आमने-सामने हैं। 2012 में अतुल तीसरे नंबर पर रहे थे। पहले चरण में लड़ रहे उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा 38 आपराधिक मामले अतुल पर चल रहे हैं।
9. बाह: मौजूदा विधानसभा की सबसे अमीर महिला विधायक रानी पक्षालिका सिंह फिर से इस सीट से मैदान में हैं। पक्षालिका आगरा के भदावर राजघराने से आती हैं। इस राजघराने से जुड़े लोग बाह विधानसभा सीट से 11 बार विधायक रह चुके हैं। 2017 में दूसरे नंबर पर रहे बसपा के मधुसूदन शर्मा इस बार सपा के टिकट पर मैदान में हैं। शर्मा 2007 में यहां से जीत चुके हैं। तब उन्होंने रानी पक्षालिका के पति राजा महेंद्र अरिदमन सिंह को हराया था। वहीं, बसपा ने इस बार 26 साल के युवा नितिन वर्मा को टिकट दिया है।
10. जेवर: रालोद ने यहां से अवतार सिंह भड़ाना को उतारा है। भड़ाना ने टिकट मिलने के बाद चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, बाद में वो इस बात से पलट गए। भड़ाना की वजह से ही ये सीट चर्चा में है। 2017 में भड़ाना भाजपा के टिकट पर मीरापुर से जीते थे। भड़ाना का मुकाबला भाजपा के मौजूदा विधायक धीरेंद्र सिंह से है। बसपा के नरेंद्र भाटी और कांग्रेस से मनोज कुमार भी मैदान में हैं।
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1. कैराना: चुनाव की शुरुआत से ही ये सीट सबसे ज्यादा चर्चा में रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने यहां से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की। यहां भाजपा 2017 के पहले हुए पलायन के मुद्दे को फिर उठा रही है। सपा ने एक बार फिर मौजूदा विधायक नाहिद हसन को टिकट दिया है। नाहिद पर ही पलायन कराने के आरोप हैं। वो इस वक्त जेल में बंद हैं। वहीं, भाजपा की ओर से मृगांका सिंह मैदान में हैं।
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2. थाना भवन: गन्ना मंत्री सुरेश राणा इस सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं। सुरेश राणा अगर जीते तो लगातार तीसरी बार यहां से जीतने वाले विधायक बनेंगे। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सुरेश राणा चर्चा में आए थे। उन्हें पिछली सरकार ने अरेस्ट भी किया था, हालांकि योगी सरकार ने उनके ऊपर लगे मामले वापस ले लिए हैं। इस बार फिर उनका मुकाबला रालोद के अशरफ अली से है, जिन्हें राणा ने 2012 में महज 265 वोट से हराया था।
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3. छपरौली: केंद्र की राजनीति में जाने पहले चौधरी चरण सिंह बागपत की छपरौली विधानसभा सीट से लगातार विधायक रहे हैं। ये विधानसभा सीट चौधरी परिवार और रालोद का गढ़ रही है। 2017 में भाजपा की लहर के बाद भी यहां से रालोद के सुरेंद्र सिंह रमाला जीते थे। रमाला इस बार भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। वहीं, रालोद ने अजय कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया है।
4. मांट: श्याम सुंदर शर्मा यहां से 1989 से जीतते आ रहे हैं। सिर्फ 2012 में जयंत चौधरी से हारे थे। छह महीने बाद हुए उप-चुनाव में उन्हें फिर से जीत मिली थी। 2017 में बसपा के टिकट पर जीते शर्मा इस बार भी बसपा उम्मीदवार हैं। भाजपा ने राजेश चौधरी और सपा ने संजय लाठर को उतारकर मुकाबला रोमांचक कर दिया है।
5. अतरौली: पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह यहां से 10 बार विधायक रहे। उनकी बहू प्रेमलता 2004 के उप-चुनाव और 2007 में यहां से जीतीं। अब कल्याण सिंह के पोते संदीप सिंह यहां के मौजूदा विधायक हैं। संदीप का मुकाबला सपा के वीरेश यादव से है। वीरेश 2012 में यहां से जीते थे। तब उन्होंने प्रेमलता देवी को हराया था। बसपा से डॉक्टर ओमवीर सिंह और कांग्रेस से धर्मेंद्र कुमार भी मैदान में हैं।
6. मथुरा: इस सीट से योगी सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा मैदान में हैं। 2017 में शर्मा उन पांच विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने एक लाख से ज्यादा वोट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के प्रदीप माथुर को हराया था। माथुर यहां से चार बार कांग्रेस के टिकट पर जीत चुके हैं। इस बार फिर कांग्रेस ने उन्हें यहां से उतारा है। सपा के देवेंद्र अग्रवाल और बसपा से सतीश शर्मा भी मैदान में हैं।
7. आगरा ग्रामीण: उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबीरानी मौर्य यहां से भाजपा उम्मीदवार हैं। उनके चुनाव मैदान में आने से ये सीट चर्चा में आ गई है। 2017 में यहां से भाजपा की हेमलता दिवाकर जीती थीं। रालोद के महेश कुमार जाटव, बसपा के किरण प्रभा केसरी और कांग्रेस से उपेंद्र सिंह मैदान में हैं।
8. सरधना: भाजपा के संगीत सोम दो बार से यहां से जीत रहे हैं। सोम अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। 2017 में उन्होंने सपा के अतुल प्रधान को हराया था। इस बार फिर दोनों आमने-सामने हैं। 2012 में अतुल तीसरे नंबर पर रहे थे। पहले चरण में लड़ रहे उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा 38 आपराधिक मामले अतुल पर चल रहे हैं।
9. बाह: मौजूदा विधानसभा की सबसे अमीर महिला विधायक रानी पक्षालिका सिंह फिर से इस सीट से मैदान में हैं। पक्षालिका आगरा के भदावर राजघराने से आती हैं। इस राजघराने से जुड़े लोग बाह विधानसभा सीट से 11 बार विधायक रह चुके हैं। 2017 में दूसरे नंबर पर रहे बसपा के मधुसूदन शर्मा इस बार सपा के टिकट पर मैदान में हैं। शर्मा 2007 में यहां से जीत चुके हैं। तब उन्होंने रानी पक्षालिका के पति राजा महेंद्र अरिदमन सिंह को हराया था। वहीं, बसपा ने इस बार 26 साल के युवा नितिन वर्मा को टिकट दिया है।
10. जेवर: रालोद ने यहां से अवतार सिंह भड़ाना को उतारा है। भड़ाना ने टिकट मिलने के बाद चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, बाद में वो इस बात से पलट गए। भड़ाना की वजह से ही ये सीट चर्चा में है। 2017 में भड़ाना भाजपा के टिकट पर मीरापुर से जीते थे। भड़ाना का मुकाबला भाजपा के मौजूदा विधायक धीरेंद्र सिंह से है। बसपा के नरेंद्र भाटी और कांग्रेस से मनोज कुमार भी मैदान में हैं।