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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Election SP and Congress busy sizing each other up over seat-sharing picture will become clear after Diwali

यूपी: सीटों को लेकर एक-दूसरे को तौल रहीं सपा-कांग्रेस, दिवाली बाद साफ होगी तस्वीर; इन पर है भाजपा की निगाहें

Mon, 05 Oct 2026 09:05 AM IST
Sharukh Khan अजीत खरे, नई दिल्ली
अजीत खरे, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 05 Oct 2026 09:05 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस एक दूसरे को तौलने में लगी हैं। दिवाली के बाद तस्वीर साफ होगी। दोनों ओर प्रांतीय नेताओं की बयानबाजी अभी रहेगी जारी। चुनाव का एलान होने के बाद दोनों दल संयुक्त रैलियां, संयुक्त मुद्दों के साथ सामने आएंगे।

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UP Election SP and Congress busy sizing each other up over seat-sharing picture will become clear after Diwali
UP Election - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सपा व कांग्रेस गठबंधन के लिए सीटों के लिहाज से तस्वीर साफ होने में खासा वक्त है। कांग्रेस सीटों को लेकर जल्द निर्णय चाहती है, तो सपा जीत सुनिश्चित किए जाने के लिए मजबूत प्रत्याशियों के उतारने पर जोर दे रही है। 
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इसी कश्मकश के बीच सपा का फोकस इस वक्त राज्यसभा चुनाव पर ज्यादा है। माना जा रहा कि दिवाली के बाद सीटों की संख्या तय हो जाएगी, ताकि उसके बाद दोनों दल अपने अपने प्रत्याशियों का एलान सुविधा व तत्कालीन हालात व जातीय समीकरणों के आधार पर करेंगे।
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दोनों दलों के शीर्ष नेताओं में इस बात पर सहमति है। चुनाव का एलान होने के बाद दोनों दल संयुक्त रैलियां, संयुक्त मुद्दों के साथ सामने आएंगे। सपा जिले के हिसाब से घोषणा पत्र तैयार कराएगी। उसमें कांग्रेस की भी राय ली जाएगी। वोट चोरी के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के तहत आगे होने वाली रैलियों में सपा भी अपनी सहभागिता दिखाएगी।
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नए अध्यक्ष के आने से बदलेगा माहौल
अब कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है जिनके सपा से अच्छे रिश्ते माने जाते हैं। ऐसे में सीटों को लेकर पहले जैसी तल्ख बयानबाजी कम होने के आसार हैं। वैसे कांग्रेस के प्रांतीय नेता पहले से ही 150 सीटों की मांग कर रहे हैं जिसे सपा के कई सांसद नकार चुके हैं। 

 
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कांग्रेस की मंशा हर जिले से कम से कम एक सीट लड़ने की है। सूत्रों के मुताबिक, सपा 2017 के चुनाव के वक्त बने फार्मूले पर सहमत नहीं है। वह 2022 के चुनाव में सहयोगियों को दी गई सीटों से कुछ ज्यादा देकर कांग्रेस को तैयार करने की कोशिश में है। 

सपा ने उस वक्त कांग्रेस से समझौता नहीं किया था। सपा ने उस वक्त सुभासपा, रालोद समेत कई सहयोगियों को 55 सीट दी थी और बाकी पर खुद लड़ी थी। 2017 में कांग्रेस 105 सीटें दिए जाने का ऐलान हुआ लेकिन कांग्रेस 114 सीट पर लड़ गई यानी कुछ सीटों पर सपा कांग्रेस दोनों के प्रत्याशी आमने सामने थे। सपा अब दस साल बाद 311 सीट के बजाए 350 सीट पर लड़ने के मूड में है।

बसपा से जुड़े रहे कई नेता कांग्रेस व सपा में आने को तैयार
नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य तो कांग्रेस के साथ आ गए हैं। बसपा सरकार में मंत्री रहे तीन चार और नेता भी कांग्रेस के संपर्क में हैं और उनकी पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से मुलाकात हो चुकी है। कांग्रेस इन सबको सही मौका देख कर शामिल कराएगी। इन्हीं में मजबूत प्रत्याशी भी सपा के सामने रखे जाएंगे।
 

राज्यसभा चुनाव बाद जोर पकड़ेगा पाला बदल का खेल
यूपी में चुनाव की आहट के साथ ही पाला बदल का खेल जोर पकड़ेगा। पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री तो अभी कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं लेकिन अक्तूबर के दूसरे तीसरे हफ्ते से पार्टी छोड़ने व दूसरे दल का दामन थामने का सिलसिला जोड़ पकड़ेगा। भाजपा की निगाह भी सपा के उन नेताओं पर है जो गठबंधन में सीट कांग्रेस को जाने के बाद भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार होंगे।
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