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यूपी: दो भारी हाइड्रा क्रेन की मदद से ऊपर उठाया गया फुट ओवरब्रिज, बॉयलर लदा ट्रेलर निकला; देखने की मची होड़

Wed, 30 Sep 2026 06:10 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 30 Sep 2026 06:10 PM IST
सार

बेल्जियम से लखीमपुर खीरी जा रहा 161 टन वजनी बॉयलर बुधवार को मोहनसराय में फुट ओवरब्रिज के नीचे से गुजारा गया। ऊंचाई कम होने पर ब्रिज को काटकर दो हाइड्रा क्रेन से ऊपर उठाया गया। 308 पहियों वाले वाहन के साथ 100 सदस्यीय टीम चल रही है। यातायात रोकने से कुछ देर जाम लगा।

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Foot overbridge lifted using two heavy-duty Hydra cranes to allow trailer loaded with boiler to pass
हाइड्रा क्रेन की मदद से ऊपर उठाया गया फुट ओवरब्रिज। - फोटो : संवाद

विस्तार

वाराणसी में बेल्जियम से लखीमपुर खीरी के कुंभी ले जाया जा रहा 161 टन वजनी ओवर डायमेंशन कार्गो बॉयलर बुधवार को मोहनसराय पहुंचा। ट्रेलर की ऊंचाई अधिक होने के कारण मोहनसराय में बने फुट ओवरब्रिज को काटकर दो भारी हाइड्रा क्रेन की मदद से ऊपर उठाया गया। इसके बाद ट्रेलर को सुरक्षित तरीके से ब्रिज के नीचे से पार कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग बॉयलर का फोटो और वीडियो बनाते नजर आए।

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बॉयलर को लखीमपुर खीरी के कुंभी में स्थापित किए जा रहे देश के पहले पॉली लैक्टिक एसिड (पीएलए) प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है। करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्लांट में चीनी के अपशिष्ट से प्लास्टिक तैयार किया जाएगा। बेल्जियम से 41 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा बॉयलर समुद्री मार्ग से ओडिशा पहुंचा था। वहां से सड़क मार्ग के जरिये इसे लखीमपुर ले जाया जा रहा है।

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चार महीने की लंबी यात्रा के बाद सोमवार शाम बॉयलर वाराणसी के डाफी टोल प्लाजा पहुंचा। टोल के बगल से इसके लिए अस्थायी रास्ता बनाया गया है। बॉयलर को 308 पहियों वाले विशेष वाहन पर लादकर आगे ले जाया जा रहा है। इसके साथ करीब 100 सदस्यीय टीम चल रही है, जिसमें 20 इंजीनियर शामिल हैं। वाहन प्रतिदिन अधिकतम 40 और कम से कम 10 किलोमीटर की दूरी तय करता है। इसमें रोजाना करीब 200 से 300 लीटर डीजल खर्च होता है।

सुरक्षा और तकनीकी जरूरतों के लिए दो पिकअप, दो ट्रेलर, दो ट्रक, दो हाइड्रा, दो जेसीबी और चार छोटी गाड़ियां साथ चल रही हैं। बॉयलर के अक्तूबर तक लखीमपुर पहुंचने की संभावना है। इसके गुजरने के दौरान एक लेन पर यातायात रोक दिया गया। आगे ट्रैफिक पुलिस का स्कोर्ट चल रहा था। स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस की टीम भी तैनात रही। ट्रेलर के गुजरने के दौरान कुछ देर जाम लगा।

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार डाफी टोल प्लाजा और विश्वसुंदरी पुल बनने के बाद इतनी ऊंचाई वाली वस्तु पहली बार यहां से गुजर रही है। दो महीने पहले 174 टन वजनी और 7.3 मीटर ऊंचा बॉयलर यहां से गुजरा था। कर्मचारियों के लिए भोजन, पानी और दवा की व्यवस्था की गई है। ट्रेलर पर चारपाई और खाना बनाने की भी व्यवस्था है। मई से मशीन के साथ चल रहे कुछ कर्मचारी चार महीने से घर नहीं गए हैं।

अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा ने बताया कि 308 पहियों वाले वाहन को सुरक्षित पास कराने के लिए काशी, वरुणा और गोमती जोन के थानों तथा यातायात पुलिस को सतर्क किया गया है। मोहनसराय में इसकी ऊंचाई को देखते हुए हाइट गेट को हटाया गया।

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