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Ropeway Varanasi: दो होटलों के बीच में होगा गोदौलिया का रोपवे स्टेशन, बाबतपुर की तरह होगी निगरानी

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Tue, 03 Feb 2026 12:35 AM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी में रोपवे का काम तेज कर दिया गया है। वीडीए की देखरेख में गंडोला की टेस्टिंग का काम चल रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों में भी रोपवे को लेकर उत्साह बना हुआ है।

Varanasi Ropeway Godaulia ropeway station located between two hotels surveillance similar to Babatpur
वाराणसी में निर्माणाधीन रोपवे का गंडोला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो होटलों के बीच गोदौलिया का रोपवे स्टेशन होगा। इन दोनों होटलों के बगल में पिलर बनाने का काम तेज हो गया है। सड़क के बीचोबीच पिलर बनकर तैयार है। ऊपर प्लेटफाॅर्म तैयार किया जा रहा है। जिसे आने वाले दिनों में आमने-सामने के पिलरों से जोड़ा जाएगा।

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अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर बन रहे स्टेशन का काम तेज किया गया है। यहां सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर रास्ता बंद किया गया है। केवल पैदल आने जाने वालों को जगह दी गई है। आसपास जाली लगाकर काम किया जा रहा है ताकि कोई सामान ऊपर से गिरे तो किसी इसी जाली में फंसकर रुक जाए। गोदौलिया के रोपवे के स्टेशन के दाहिने ओर दूध सट्टी के बगल में एक होटल है। इस होटल के सामने एक और होटल है। दोनों होटलों के बीच बन रहे स्टेशन के लिए आमने सामने की जमीन पर पिलर बनाने का काम किया जा रहा है।

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यूरोपीय मानकों के अनुसार सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं। रोपवे के कुल 5 स्टेशन और 29 टावर हैं। इस परियोजना की कुल लागत 815.58 करोड़ रुपये है। यह एशिया का पहला अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट है, जिसे काशी में शुरू किया गया है। 

कुल 3.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक यात्रा होगी। बीच में काशी विद्यापीठ और रथयात्रा इंटरमीडिएट स्टेशन हैं। गिरजाघर एक तकनीकी स्टेशन बनाया जा रहा है। रोपवे के 148 ट्राॅली कार का वजन 1302.4 क्विंटल है। इसकी सुरक्षा को विश्वस्तरीय बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बाबतपुर की तरह होगी निगरानी
जिस प्रकार बाबतपुर एयरपोर्ट के आसपास निगरानी की जाती है, उसी प्रकार रोपवे के 3.8 किमी दायरे की निगरानी की जाएगी। कैंट से गोदौलिया के बीच नो काइट फ्लाइंग जोन बनाया जा रहा है। जहां पर किसी भी प्रकार के पतंग को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों की ओर से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से अनुमति ली जाएगी। इस काम में वीडीए को लगाया गया है।

नए साल में पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पित होने वाले रोपवे की टेस्टिंग तेज हो गई है। हर पांच सेकेंड में रोपवे का गंडोला एक दूसरे को क्रास कर रहे हैं। रोप पर 148 गंडोला को डालने का क्रम शुरू हो गया है। इसकी रफ्तार घटा और बढ़ाकर सुरक्षा पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि जो भी कमियां हों, उन्हें लोकार्पण से पहले दुरुस्त करा ली जाए।

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