श्रीविश्वकर्मा सभा में करोड़ों की हेराफेरी: कक्षाओं को बना दिया विवाह का लॉन, सिलाई केंद्र; 13 आरोपियों पर केस
श्री विश्वकर्मा सभा में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी और संस्था की संपत्तियों के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि कक्षाओं को विवाह लॉन और सिलाई केंद्र में बदल दिया गया। कोर्ट के आदेश पर जैतपुरा थाने में 13 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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श्री विश्वकर्मा सभा चौकाघाट की संपत्ति, जमीन और बैंक खातों में धोखाधड़ी और अनियमितताओं के मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ जैतपुरा थाने में रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। विद्यालय परिसर का व्यावसायिक उपयोग किया गया। कक्षाओं को विवाह स्थल विश्वकर्मा बाग और सिलाई अकादमी को देकर लाखों रुपये का किराया गबन किया गया है। करोड़ों रुपये की एक बीघे से अधिक जमीन का मात्र 3.60 लाख रुपये में फर्जी समझौता करा दिया गया।
संस्था के पूर्व अध्यक्ष गणेश प्रसाद विश्वकर्मा की तहरीर और कोर्ट के आदेश पर जैतपुरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड कैवल्यधाम एक्सटेंशन निवासी पीड़ित गणेश प्रसाद विश्वकर्मा ने अधिवक्ता के जरिये कोर्ट में आवेदन दिया। वह संस्था के आजीवन सदस्य भी हैं।
आरोप लगाया कि संस्था के स्वघोषित पदाधिकारियों सहित 13 लोगों ने संस्था की संपत्ति, जमीन, बैंक खातों के जरिये करोड़ों की धोखाधड़ी की है। कई अनियमितताएं सामने आई हैं। मुख्य आरोपियों में रामचंद्र शर्मा, अनिल कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा, लेखा परीक्षक विश्व प्रकाश सिंह और लॉन संचालक घनश्याम गुप्ता हैं। अन्य आरोपियों में राजकुमार शर्मा, शोभनाथ विश्वकर्मा, नित्यानंद विश्वकर्मा, विशाल विश्वकर्मा, वेंकटेश, सुनील कुमार विश्वकर्मा, कन्हैया लाल विश्वकर्मा व धर्मेंद्र कुमार शर्मा है।
आरोपियों ने विद्यालय परिसर का व्यावसायिक उपयोग किया। कक्षाओं को विवाह स्थल विश्वकर्मा बाग और सिलाई अकादमी को देकर लाखों रुपये का किराया गबन किया गया। संस्था की करोड़ों रुपये की एक बीघे से अधिक जमीन का मात्र 3.60 लाख रुपये में फर्जी समझौता किया गया। बैंक खातों से फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) समय से पहले तुड़वाकर लाखों रुपये नकद निकाले गए। फर्जी बिलों और रसीद पुस्तकों के जरिये भी गबन किया गया।
आरोपियों ने संस्था के मूल रजिस्टर चोरी करते हुए समानांतर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने के लिए लेखा परीक्षा प्रक्रिया में सांठगांठ की गई। जैतपुरा थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसकी विवेचना उपनिरीक्षक संदीप कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिस सभी आरोपों की गहनता से जांच कर रही है।