वाराणसी: काशी तमिल संगमम में 10 हजार स्टाइपेंड पर इंटर्नशिप का मौका, 22 नवंबर तक करा सकते हैं पंजीकरण
काशी तमिल संगमम में 10 हजार स्टाइपेंड पर इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। इसके लिए 22 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। 28 नवंबर से 12 दिसंबर तक पांचवें वेद तिरुक्कुरल का कई भाषाओं में छात्र अध्ययन करेंगे।
विस्तार
काशी तमिल संगमम 5.0 में देश भर के छात्र और छात्राओं को इंटर्नशिप कराई जाएगी। इनको स्टाइपेंड के तौर पर 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। 28 नवंबर से 12 दिसंबर तक होने वाले संगमम में पांचवें वेद तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का कई भाषाओं में अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए छात्रों के पास 22 नवंबर तक पंजीकरण का मौका है। संगमम के आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन किया जा सकता है। चयनित होने के बाद विद्यार्थियों को अपने फैकल्टी सुपरवाइजर या गाइड के मार्गदर्शन में एक शोधपत्र भी तैयार करना होगा।
अपनी पसंद की भाषा में देंगे परीक्षा
बीएचयू सहित देश भर के संस्थानों में विद्यार्थियों का मूल्यांकन 22 अक्तूबर से शुरू हो चुका है जो कि 21 नवंबर तक चलेगा। इसके लिए संस्थान ऑनलाइन परीक्षा भी करा सकते हैं। ऑनलाइन परीक्षा में 30 मिनट में 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। विद्यार्थी अपनी पसंद की भाषा में परीक्षा दे सकेंगे।
परीक्षा का लिंक और एक्सेस कोड संबंधित संस्थान के समन्वयक उपलब्ध कराया जाएगा। संस्थान की ओर से चयनित विद्यार्थी को ई-मेल के माध्यम से व्यक्तिगत पंजीकरण का लिंक भेजा जाएगा। फोटो, पहचान पत्र, संस्थान प्रमुख के हस्ताक्षर और मुहर वाला नामांकन फॉर्म और फैकल्टी सुपरवाइजर या गाइड का विवरण तैयार रखना होगा।
नोडल अधिकारी करेंगे सत्यापन
विद्यार्थियों के आवेदन का संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के नोडल अधिकारी सत्यापन करेंगे। इसके बाद चेन्नई स्थित केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान चयनित विद्यार्थियों की घोषणा ई-मेल और आधिकारिक पोर्टल पर करेगा।
तिरुक्कुरल पर वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन कराएगा बीएचयू
बीएचयू को संगमम के शैक्षणिक सत्रों और कार्यक्रमों का समन्वय करना होगा। प्रदेश सरकार और वाराणसी जिला प्रशासन आयोजन स्थल, सुरक्षा और स्थानीय व्यवस्थाओं में सहयोग करना होगा। वहीं बीएचयू भारतीय भाषा समिति के साथ मिलकर तिरुक्कुरल पर वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन कराया जाएगा। चेन्नई स्थित केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान की ओर से संचालित तिरुक्कुरल पयिल्वोम कार्यक्रम के राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार में बीएचयू सहयोग करेगा।