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पहल: महिला अपराध में कमी लाने के लिए बनारस में बनाया गया त्रिस्तरीय घेरा, 74 प्रतिशत तक की आई कमी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 29 Jan 2026 05:47 PM IST
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सार
वाराणसी पुलिस ने महिला अपराध में कमी लाने के लिए त्रिस्तरीय घेरा बनाया। इससे 2025 में महिला अपराधों में 74 प्रतिशत तक की कमी आई। इसके तहत तीन बिंदुओं पर काम किया जा रहा है।
जांच कर रही पुलिस
- फोटो : AI
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विस्तार
महिला अपराध की रोकथाम को लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने त्रिस्तरीय घेरा बनाया है। महिला सशक्तीकरण के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली की बदौलत महिला संबंधी अपराध में कमी आई है। 2025 में महिला अपराध में 74 प्रतिशत तक की कमी आई है।
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वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की त्रिस्तरीय कार्ययोजना से अपराधियों पर शिकंजा कस रहा है और अपराध में कमी आ रही है। अपर महिला उपायुक्त महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस की रणनीति के तहत त्रिस्तरीय घेरा में तीन बिंदुओं पर काम किया जा रहा है।
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न्यायालय में प्रभावी पैरवी, कन्विक्शन और व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हो। हर छोटी-बड़ी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत न्यायालय में मुकदमों की सतत पैरवी की गई। लगातार सजा में वृद्धि हुई, अब दोषियों को लगातार कठोर दंड मिल रहा है। 59 प्रतिशत प्रकरणों और 84 प्रतिशत दोषियों की सजा में वृद्धि हुई है।
उधर, अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बुधवार को यातायात पुलिस लाइन सभागार में एएचटीयू, विशेष किशोर पुलिस इकाई की समीक्षा बैठक की।
एक नजर में आंकड़े
- दुष्कर्म जैसे मामलों में 2016 में 105, 2025 में संख्या घटकर मात्र 27 रह गई। कुल 74 प्रतिशत की कमी
- छेड़खानी में 2016 में 251, 2025 में संख्या 113 हो गई। 55 प्रतिशत कमी हत्या में 2016 में 12, 2025 में महज 5 हुई। 60 प्रतिशत की कमी
- पॉक्सो एक्ट में 2016 में 259 के मुकाबले 2025 में 124 मामले दर्ज हुए। 52 प्रतिशत की कमी
- 2020-21 में 86 को सजा हुई
- वर्ष 2024-25 में 110 प्रकरणों में 158 आरोपियों को सजा हुई
- 343 प्रकरणों में 450 अपराधियों को सजा
- 1 दोषी को मृत्युदंड
- 52 को आजीवन कारावास
- 146 को 10 वर्ष से अधिक की सजा
- 161 से अधिक दोषियों को 10 वर्ष तक का कारावास
- 2025 में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट से संबंधित प्रकरण में मृत्युदंड और 60 हजार के अर्थदंड की सजा
