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Almora News: क्रोकोडाइल व्यू प्वाइंट के पास पहाड़ी से गिरा मलबा, एनएच-309 चार घंटे रहा बाधित
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पहाड़ी से गिरे मलबे से बाधित सड़क। संवाद
- फोटो : पहाड़ी से गिरे मलबे से बाधित सड़क। संवाद
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। कुमाऊं-गढ़वाल की लाइफ लाइन रामनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर शनिवार तड़के मर्चुला के निकट क्रोकोडाइल व्यू प्वाइंट के पास पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने के कारण यातायात करीब चार घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। मार्ग बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और सैकड़ों यात्री रास्ते में फंस गए।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब चार बजे पहाड़ी से अचानक मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसकी सूचना मिलते ही मार्ग खोलने के लिए जेसीबी मशीन भेजी गई लेकिन सड़क संकरी होने व दोनों ओर वाहनों के जाम में फंस जाने के कारण जेसीबी मशीन भी समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। लगभग सुबह आठ बजे मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका। मार्ग बंद रहने से रामनगर से कुमाऊं और गढ़वाल की ओर जाने वाले व पहाड़ी क्षेत्रों से रामनगर की ओर आने वाले सैकड़ों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। फल-सब्जी, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं से लदे वाहन भी लंबे समय तक रास्ते में रुके रहे। वहीं सल्ट क्षेत्र की ओर आने वाले कई शिक्षक भी जाम में फंस गए जिसके चलते वे अपने-अपने विद्यालयों में निर्धारित समय से देर से पहुंच सके।
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गुरुजी जाम में फंसे, बच्चों के लिए ताला तोड़कर खोला विद्यालय
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम का असर सल्ट ब्लॉक के देवायल स्थित आदर्श प्राथमिक विद्यालय पर भी देखने को मिला। विद्यालय के शिक्षक जाम में फंस गए जबकि गांव से कई बच्चे समय पर स्कूल पहुंच गए थे। एक शिक्षिका समय पर विद्यालय पहुंच गई थीं लेकिन विद्यालय की चाबी उनके पास नहीं थी जिससे स्कूल नहीं खुल सका। इसी दौरान बच्चों को विद्यालय छोड़ने आए एक स्थानीय व्यक्ति ने बच्चों को बंद विद्यालय के बाहर खड़ा देखा तो विद्यालय का ताला तोड़कर उन्हें और शिक्षिका को कक्षा के भीतर पहुंचाया। बाहर लगातार बारिश होने से बच्चे गुरुजी के आने का इंतजार करते रहे जबकि कुछ अभिभावक अपने बच्चों को वापस घर भी ले गए। बाद में शिक्षक के विद्यालय पहुंचने पर शिक्षण कार्य शुरू कराया गया।
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सुबह करीब पांच बजे मार्ग पर मलबा गिरने की सूचना मिलते ही जेसीबी मौके के लिए रवाना कर दी गई थी। रास्ते में जाम के कारण मशीन को पहुंचने में विलंब हुआ लेकिन मलबा हटाकर सुबह करीब आठ बजे तक यातायात सुचारु करा दिया गया। -मोहम्मद तहसीन, सहायक अभियंता, एनएच-309
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विद्यालय में शिक्षकों के देरी से पहुंचने की कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सभी शिक्षकों को मानसून सत्र में अपने-अपने विद्यालय के आसपास रहने के लिए निर्देशित किया गया है। -हरेंद्र साह, खंड शिक्षा अधिकारी, सल्ट
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तीन मोटर मार्ग बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों की रफ्तार थमी
अल्मोड़ा। जिले में तीन ग्रामीण मोटर मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं एक बंद ग्रामीण सड़क यातायात के लिए खुलने से लोगों को राहत मिली है। बीते शुक्रवार की मध्यरात्रि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे सेराघाट-कुंजकिमौला, वल्मरा-स्याल्दे, झिमार-भीताकोट ग्रामीण मोटर मार्गों पर मलबा आ गया। इस कारण तीनों सड़कें यातायात के लिए बंद हो गईं। स्थानीय लोगों को घूमकर वैकल्पिक रास्तों से आवाजाही करनी पड़ रही है। इधर, बंद हुए ग्वाडभीना मोटर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया है। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार जेसीबी से बंद मार्गों पर आए मलबे को हटाया जा रहा है। मार्ग शीघ्र खुलने की उम्मीद है। संवाद
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जानकारी के अनुसार सुबह करीब चार बजे पहाड़ी से अचानक मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसकी सूचना मिलते ही मार्ग खोलने के लिए जेसीबी मशीन भेजी गई लेकिन सड़क संकरी होने व दोनों ओर वाहनों के जाम में फंस जाने के कारण जेसीबी मशीन भी समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। लगभग सुबह आठ बजे मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका। मार्ग बंद रहने से रामनगर से कुमाऊं और गढ़वाल की ओर जाने वाले व पहाड़ी क्षेत्रों से रामनगर की ओर आने वाले सैकड़ों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे। फल-सब्जी, राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं से लदे वाहन भी लंबे समय तक रास्ते में रुके रहे। वहीं सल्ट क्षेत्र की ओर आने वाले कई शिक्षक भी जाम में फंस गए जिसके चलते वे अपने-अपने विद्यालयों में निर्धारित समय से देर से पहुंच सके।
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गुरुजी जाम में फंसे, बच्चों के लिए ताला तोड़कर खोला विद्यालय
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम का असर सल्ट ब्लॉक के देवायल स्थित आदर्श प्राथमिक विद्यालय पर भी देखने को मिला। विद्यालय के शिक्षक जाम में फंस गए जबकि गांव से कई बच्चे समय पर स्कूल पहुंच गए थे। एक शिक्षिका समय पर विद्यालय पहुंच गई थीं लेकिन विद्यालय की चाबी उनके पास नहीं थी जिससे स्कूल नहीं खुल सका। इसी दौरान बच्चों को विद्यालय छोड़ने आए एक स्थानीय व्यक्ति ने बच्चों को बंद विद्यालय के बाहर खड़ा देखा तो विद्यालय का ताला तोड़कर उन्हें और शिक्षिका को कक्षा के भीतर पहुंचाया। बाहर लगातार बारिश होने से बच्चे गुरुजी के आने का इंतजार करते रहे जबकि कुछ अभिभावक अपने बच्चों को वापस घर भी ले गए। बाद में शिक्षक के विद्यालय पहुंचने पर शिक्षण कार्य शुरू कराया गया।
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सुबह करीब पांच बजे मार्ग पर मलबा गिरने की सूचना मिलते ही जेसीबी मौके के लिए रवाना कर दी गई थी। रास्ते में जाम के कारण मशीन को पहुंचने में विलंब हुआ लेकिन मलबा हटाकर सुबह करीब आठ बजे तक यातायात सुचारु करा दिया गया। -मोहम्मद तहसीन, सहायक अभियंता, एनएच-309
विद्यालय में शिक्षकों के देरी से पहुंचने की कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सभी शिक्षकों को मानसून सत्र में अपने-अपने विद्यालय के आसपास रहने के लिए निर्देशित किया गया है। -हरेंद्र साह, खंड शिक्षा अधिकारी, सल्ट
तीन मोटर मार्ग बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों की रफ्तार थमी
अल्मोड़ा। जिले में तीन ग्रामीण मोटर मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं एक बंद ग्रामीण सड़क यातायात के लिए खुलने से लोगों को राहत मिली है। बीते शुक्रवार की मध्यरात्रि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे सेराघाट-कुंजकिमौला, वल्मरा-स्याल्दे, झिमार-भीताकोट ग्रामीण मोटर मार्गों पर मलबा आ गया। इस कारण तीनों सड़कें यातायात के लिए बंद हो गईं। स्थानीय लोगों को घूमकर वैकल्पिक रास्तों से आवाजाही करनी पड़ रही है। इधर, बंद हुए ग्वाडभीना मोटर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया है। आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार जेसीबी से बंद मार्गों पर आए मलबे को हटाया जा रहा है। मार्ग शीघ्र खुलने की उम्मीद है। संवाद