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Almora News: विद्यालय की छत पर बैठा था तेंदुआ, दहशत के चलते नहीं खुला स्कूल
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के अमेता गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ विद्यालय की छत पर बैठा दिखाई दिया। बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय नहीं खोला गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र सिंह सुबह विद्यालय पहुंच रहे थे। इसी दौरान उन्हें गुर्राने की आवाज सुनाई दी। पहले उन्हें लगा कि कोई जंगली जानवर दूर होगा, लेकिन जैसे ही वे विद्यालय के समीप पहुंचे तो उन्होंने विद्यालय की छत पर तेंदुए को बैठे देखा। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उसी समय विद्यालय आने वाले कुछ बच्चे भी वहां पहुंच गए, जिन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। प्रधानाध्यापक ने घटना की तस्वीर मोबाइल से लेकर विद्यालय के समूह में साझा की और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय नहीं खोलने का निर्णय लिया।
घटना की सूचना उच्च अधिकारियों और वन विभाग को भी दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई। विभाग द्वारा पहले से लगाए गए पिंजरे को विद्यालय के आसपास स्थानांतरित कर दिया गया है ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ग्राम प्रधान मंगरोसिरौ मनीषा देवी के पति और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों से न केवल विद्यालय आने वाले बच्चों और शिक्षकों, बल्कि पूरे गांव के लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
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उन्होंने तेंदुए को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। विद्यालय में वर्तमान में तीन छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा दो शिक्षक कार्यरत हैं। तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए फिलहाल विद्यालय बंद रखा गया है। सोमवार को अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा।
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तेंदुए के विद्यालय की छत पर बैठे होने की सूचना मिलते ही टीम को क्षेत्र में भेज दिया गया है, गाँव में पहले से ही एक पिंजरा लगा हुआ था जिसे अब विद्यालय के आसपास स्थानांतरित किया गया है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने और बच्चों को अकेला नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है।
- उमेश पांडे, वन क्षेत्राधिकारी, जौरासी रेंज
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प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र सिंह सुबह विद्यालय पहुंच रहे थे। इसी दौरान उन्हें गुर्राने की आवाज सुनाई दी। पहले उन्हें लगा कि कोई जंगली जानवर दूर होगा, लेकिन जैसे ही वे विद्यालय के समीप पहुंचे तो उन्होंने विद्यालय की छत पर तेंदुए को बैठे देखा। यह दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उसी समय विद्यालय आने वाले कुछ बच्चे भी वहां पहुंच गए, जिन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। प्रधानाध्यापक ने घटना की तस्वीर मोबाइल से लेकर विद्यालय के समूह में साझा की और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय नहीं खोलने का निर्णय लिया।
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घटना की सूचना उच्च अधिकारियों और वन विभाग को भी दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई। विभाग द्वारा पहले से लगाए गए पिंजरे को विद्यालय के आसपास स्थानांतरित कर दिया गया है ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ग्राम प्रधान मंगरोसिरौ मनीषा देवी के पति और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियों से न केवल विद्यालय आने वाले बच्चों और शिक्षकों, बल्कि पूरे गांव के लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
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उन्होंने तेंदुए को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। विद्यालय में वर्तमान में तीन छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा दो शिक्षक कार्यरत हैं। तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए फिलहाल विद्यालय बंद रखा गया है। सोमवार को अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के संचालन पर निर्णय लिया जाएगा।
तेंदुए के विद्यालय की छत पर बैठे होने की सूचना मिलते ही टीम को क्षेत्र में भेज दिया गया है, गाँव में पहले से ही एक पिंजरा लगा हुआ था जिसे अब विद्यालय के आसपास स्थानांतरित किया गया है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने और बच्चों को अकेला नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है।
- उमेश पांडे, वन क्षेत्राधिकारी, जौरासी रेंज