{"_id":"6a6e336fcc8bd475e90b31d9","slug":"an-elephant-entered-the-village-at-night-and-destroyed-the-walls-of-two-houses-almora-news-c-232-1-alm1015-146819-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: रात में गांव में घुसा हाथी, दो मकानों की तोड़ी दीवारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: रात में गांव में घुसा हाथी, दो मकानों की तोड़ी दीवारें
Sat, 01 Aug 2026 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:27 PM IST
विज्ञापन
सल्ट ब्लॉक के तल्ला अछरौन गांव में हाथी ने तोड़ी घर की दीवार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक के तल्ला अछरौन गांव में देर रात एक जंगली हाथी ने गांव में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने दो मकानों की दीवारें तोड़कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार देर रात हाथी ने ग्रामीण सुभाष भट्ट और रमेश राम के मकानों को निशाना बनाया। सुभाष भट्ट के जिस मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हुई उसमें वर्तमान में कोई नहीं रहता था लेकिन भवन को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं रमेश राम के मकान की दीवार तोड़कर हाथी अंदर तक पहुंच गया। घटना वाली रात रमेश राम घर पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिवार उस समय घर में होता तो गंभीर जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। उनका कहना है कि हाथियों की बढ़ती आवाजाही से लोगों का रात में घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
प्रभावित परिवारों ने शीघ्र मुआवजा देने और गांव में हाथियों की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है।
सीमा विवाद में फंसे विभाग
घटना के बाद सबसे बड़ी समस्या मुआवजे को लेकर सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की सीमा को लेकर अल्मोड़ा वन प्रभाग और कालागढ़ टाइगर रिजर्व की मंदाल रेंज एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया है पर मुआवजे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है क्योंकि उनके अनुसार क्षेत्र मंदाल रेंज में आता है जबकि केटीआर के अधिकारियों ने इसे अपना क्षेत्र मानने से इनकार करते हुए मामला अल्मोड़ा वन प्रभाग का बताया है। विभागों के इस सीमा विवाद का खामियाजा अब पीड़ित परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से सीमा विवाद को तत्काल समाप्त कर प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिलाने व वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
मोहान रेंज अल्मोड़ा वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी, हेमा कर्नाटक ने बताया कि हाथी की ओर से क्षति पहुंचाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया गया है। घटनास्थल की सीमा को लेकर कुछ संशय है जिस संबंध में मंदाल रेंज के अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है। सीमा का निर्धारण होते ही संबंधित को विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।
मंदाल रेंज के रेंजर अजय रावत ने बताया कि सूचना मिलते ही हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच में घटनास्थल हमारी सीमा से बाहर पाया गया है इसलिए नियमानुसार आगे की कार्रवाई अल्मोड़ा वन प्रभाग की ओर से की जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार देर रात हाथी ने ग्रामीण सुभाष भट्ट और रमेश राम के मकानों को निशाना बनाया। सुभाष भट्ट के जिस मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हुई उसमें वर्तमान में कोई नहीं रहता था लेकिन भवन को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं रमेश राम के मकान की दीवार तोड़कर हाथी अंदर तक पहुंच गया। घटना वाली रात रमेश राम घर पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिवार उस समय घर में होता तो गंभीर जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। उनका कहना है कि हाथियों की बढ़ती आवाजाही से लोगों का रात में घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
प्रभावित परिवारों ने शीघ्र मुआवजा देने और गांव में हाथियों की रोकथाम के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है।
सीमा विवाद में फंसे विभाग
घटना के बाद सबसे बड़ी समस्या मुआवजे को लेकर सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र की सीमा को लेकर अल्मोड़ा वन प्रभाग और कालागढ़ टाइगर रिजर्व की मंदाल रेंज एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। हालांकि वन विभाग ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया है पर मुआवजे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है क्योंकि उनके अनुसार क्षेत्र मंदाल रेंज में आता है जबकि केटीआर के अधिकारियों ने इसे अपना क्षेत्र मानने से इनकार करते हुए मामला अल्मोड़ा वन प्रभाग का बताया है। विभागों के इस सीमा विवाद का खामियाजा अब पीड़ित परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से सीमा विवाद को तत्काल समाप्त कर प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिलाने व वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
मोहान रेंज अल्मोड़ा वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी, हेमा कर्नाटक ने बताया कि हाथी की ओर से क्षति पहुंचाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया गया है। घटनास्थल की सीमा को लेकर कुछ संशय है जिस संबंध में मंदाल रेंज के अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है। सीमा का निर्धारण होते ही संबंधित को विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।
मंदाल रेंज के रेंजर अजय रावत ने बताया कि सूचना मिलते ही हमारी टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच में घटनास्थल हमारी सीमा से बाहर पाया गया है इसलिए नियमानुसार आगे की कार्रवाई अल्मोड़ा वन प्रभाग की ओर से की जाएगी।