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Almora News: वीपीकेएएस के वैज्ञानिकों का शोध सर्वश्रेष्ठ पोस्टर के रूप में चयनित
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:38 PM IST
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चयनित पोस्टर के साथ वीपीकेएएस की वैज्ञानिक। स्रोत स्वयं
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अल्मो़ड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएएस) अल्मोड़ा के वैज्ञानिकों के शोध पर्वतीय क्षेत्रों में कृषक महिलाओं का सशक्तीकरण और घरेलू खाद्य सुरक्षा एक लैंगिक क्षेत्रीय विश्लेषण को एनएएससी कॉम्प्लेक्स नई दिल्ली में आयोजित कृषि खाद्य प्रणालियों में महिलाओं पर वैश्विक सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर के रूप में चयनित किया गया।
पुरस्कृत पोस्टर डॉ. कुशाग्रा जोशी, डॉ. अमित ठाकुर और डॉ. लक्ष्मी कांत ने तैयार किया है। अध्ययन में पर्वतीय क्षेत्रों में घरेलू खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए कृषक महिलाओं के सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय और लैंगिक असमानताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह पर्वतीय कृषि के संदर्भ में कृषक महिलाओं के सशक्तीकरण और घरेलू खाद्य सुरक्षा के बीच संबंध क्षेत्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है। खाद्य सुरक्षा परिणामों को प्रभावित करने वाले प्रमुख सशक्तीकरण कारकों और क्षेत्रीय विषमताओं की पहचान करने का प्रयास करता है।
सम्मेलन में विश्वभर के विद्वानों ने करीब 350 पोस्टर प्रस्तुत किए। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां पर्वतीय कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर उच्च गुणवत्ता वाले और प्रभावी अनुसंधान के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह सम्मान पर्वतीय क्षेत्रों में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा की चुनौतियों के समाधान में लैंगिक दृष्टिकोण आधारित अनुसंधान के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है।
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पुरस्कृत पोस्टर डॉ. कुशाग्रा जोशी, डॉ. अमित ठाकुर और डॉ. लक्ष्मी कांत ने तैयार किया है। अध्ययन में पर्वतीय क्षेत्रों में घरेलू खाद्य सुरक्षा में सुधार के लिए कृषक महिलाओं के सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय और लैंगिक असमानताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह पर्वतीय कृषि के संदर्भ में कृषक महिलाओं के सशक्तीकरण और घरेलू खाद्य सुरक्षा के बीच संबंध क्षेत्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण करता है। खाद्य सुरक्षा परिणामों को प्रभावित करने वाले प्रमुख सशक्तीकरण कारकों और क्षेत्रीय विषमताओं की पहचान करने का प्रयास करता है।
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सम्मेलन में विश्वभर के विद्वानों ने करीब 350 पोस्टर प्रस्तुत किए। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत ने वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां पर्वतीय कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर उच्च गुणवत्ता वाले और प्रभावी अनुसंधान के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह सम्मान पर्वतीय क्षेत्रों में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा की चुनौतियों के समाधान में लैंगिक दृष्टिकोण आधारित अनुसंधान के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है।