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Almora News: जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, मरीजों की बढ़ी पीड़ा
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल अल्मोड़ा में शनिवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पटरी से उतरी नजर आईं। एक डॉक्टर के अवकाश पर होने और दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी दूसरी जगह लगाए जाने के कारण अस्पताल पहुंचे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इलाज के लिए मरीजों को चिलचिलाती धूप में पांच किलोमीटर दूर बेस अस्पताल के चक्कर काटने पड़े जिससे बुजुर्ग और गंभीर मरीजों की फजीहत हो गई।
अस्पताल में शनिवार को ओपीडी का आंकड़ा 450 के पार रहा। मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों सर्दी-जुकाम, कमर दर्द, त्वचा रोग और दांत दर्द के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले के दूरस्थ विकासखंडों जैसे हवालबाग, भैंसियाछाना, लमगड़ा, ताकुला और धौलादेवी से सुबह ही मरीज अस्पताल पहुंच गए थे।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन डॉ. एके जोशी शनिवार को अवकाश पर थे। वहीं चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी शनिवार को बेस अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात थे। इन दोनों डॉक्टरों के न होने से ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों को भारी मायूसी हाथ लगी। कनोली, बाराकोट और सैनोली जैसे दूर-दराज के इलाकों से आए मरीजों को समय पर घर वापसी के लिए वाहन न मिलने के कारण और भी अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
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बेस अस्पताल में भी मची अफरा-तफरी
जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद मरीजों को पांच किमी दूर बेस अस्पताल जाना पड़ा। तेज धूप के चलते कई मरीज पैदल ही बेस अस्पताल के लिए निकल पड़े जिससे उनका दम फूल गया। उधर, बेस अस्पताल में भी पहले से ही मरीजों की भारी भीड़ थी जिसके कारण वहां पहुंचे नए मरीजों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
क्या बोले परेशान मरीज
- हाथ में तेज खुजली की समस्या के कारण सुबह ही अस्पताल आ गई थी। यहां आकर पता चला कि डॉक्टर साहब आज कहीं और ड्यूटी पर हैं। अब बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ रहा है। दोबारा आने में समय और पैसा दोनों बर्बाद होगा। - भावना पांडे, स्थानीय निवासी, अल्मोड़ा
- सुबह अस्पताल पहुंच गया था ताकि डॉक्टर को दिखाकर जल्द घर लौट सकूं लेकिन अस्पताल में संबंधित डॉक्टर ही नहीं थे। इलाज के लिए दूसरे अस्पताल के चक्कर काटने पड़े जिससे पूरी दिनचर्या खराब हो गई और दिक्कतें उठानी पड़ीं। - भुवन मोहन सिंह, मरीज, अल्मोड़ा
कोट
- चर्म रोग विशेषज्ञ शनिवार को वीआईपी ड्यूटी के तहत बेस अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे। आगामी सोमवार से वह नियमित रूप से जिला अस्पताल में ही मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। - डॉ. एचसी गड़कोटी, पीएमएस, जिला अस्पताल अल्मोड़ा
अस्पताल में शनिवार को ओपीडी का आंकड़ा 450 के पार रहा। मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों सर्दी-जुकाम, कमर दर्द, त्वचा रोग और दांत दर्द के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले के दूरस्थ विकासखंडों जैसे हवालबाग, भैंसियाछाना, लमगड़ा, ताकुला और धौलादेवी से सुबह ही मरीज अस्पताल पहुंच गए थे।
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जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन डॉ. एके जोशी शनिवार को अवकाश पर थे। वहीं चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी शनिवार को बेस अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात थे। इन दोनों डॉक्टरों के न होने से ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों को भारी मायूसी हाथ लगी। कनोली, बाराकोट और सैनोली जैसे दूर-दराज के इलाकों से आए मरीजों को समय पर घर वापसी के लिए वाहन न मिलने के कारण और भी अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
बेस अस्पताल में भी मची अफरा-तफरी
जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद मरीजों को पांच किमी दूर बेस अस्पताल जाना पड़ा। तेज धूप के चलते कई मरीज पैदल ही बेस अस्पताल के लिए निकल पड़े जिससे उनका दम फूल गया। उधर, बेस अस्पताल में भी पहले से ही मरीजों की भारी भीड़ थी जिसके कारण वहां पहुंचे नए मरीजों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
क्या बोले परेशान मरीज
- हाथ में तेज खुजली की समस्या के कारण सुबह ही अस्पताल आ गई थी। यहां आकर पता चला कि डॉक्टर साहब आज कहीं और ड्यूटी पर हैं। अब बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ रहा है। दोबारा आने में समय और पैसा दोनों बर्बाद होगा। - भावना पांडे, स्थानीय निवासी, अल्मोड़ा
- सुबह अस्पताल पहुंच गया था ताकि डॉक्टर को दिखाकर जल्द घर लौट सकूं लेकिन अस्पताल में संबंधित डॉक्टर ही नहीं थे। इलाज के लिए दूसरे अस्पताल के चक्कर काटने पड़े जिससे पूरी दिनचर्या खराब हो गई और दिक्कतें उठानी पड़ीं। - भुवन मोहन सिंह, मरीज, अल्मोड़ा
कोट
- चर्म रोग विशेषज्ञ शनिवार को वीआईपी ड्यूटी के तहत बेस अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे। आगामी सोमवार से वह नियमित रूप से जिला अस्पताल में ही मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे। - डॉ. एचसी गड़कोटी, पीएमएस, जिला अस्पताल अल्मोड़ा