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Almora News: रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में सफल जटिल ऑपरेशन
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कमल किशोर के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने 50 वर्षीय शांति देवी के गर्भाशय से करी एक किलोग्राम वजन का ट्यूमर सफलतापूर्वक निकालकर उन्हें राहत दिलाई।
ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नवीन बिष्ट ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शांति देवी लंबे समय से पेट में सूजन, दर्द, भारीपन और अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से परेशान थीं। जांच में बड़े आकार के ट्यूमर की पुष्टि होने पर शल्यक्रिया की गई।
ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और स्थिर है। डॉ. कमल किशोर ने कहा कि इस बीमारी की पहचान सामान्य स्त्री रोग जांच, अल्ट्रासाउंड और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों के माध्यम से की जा सकती है। समय पर जांच कराने से बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में लग जाता है और बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता से बचा जा सकता है।
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इस सफल ऑपरेशन ने यह साबित किया है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में जटिल स्त्री रोग संबंधी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
कोट-
गर्भाशय में होने वाले फाइब्रॉइड सामान्यतः सौम्य होते हैं लेकिन समय पर जांच और उपचार न होने पर उनका आकार बढ़कर गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। महिलाओं से अपील है कि अत्यधिक रक्तस्राव, पेट में गांठ, सूजन या लगातार दर्द जैसी शिकायतों को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लें। - डॉ. कमल किशोर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत
ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नवीन बिष्ट ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शांति देवी लंबे समय से पेट में सूजन, दर्द, भारीपन और अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से परेशान थीं। जांच में बड़े आकार के ट्यूमर की पुष्टि होने पर शल्यक्रिया की गई।
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ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और स्थिर है। डॉ. कमल किशोर ने कहा कि इस बीमारी की पहचान सामान्य स्त्री रोग जांच, अल्ट्रासाउंड और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों के माध्यम से की जा सकती है। समय पर जांच कराने से बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में लग जाता है और बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता से बचा जा सकता है।
इस सफल ऑपरेशन ने यह साबित किया है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में जटिल स्त्री रोग संबंधी सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
कोट-
गर्भाशय में होने वाले फाइब्रॉइड सामान्यतः सौम्य होते हैं लेकिन समय पर जांच और उपचार न होने पर उनका आकार बढ़कर गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। महिलाओं से अपील है कि अत्यधिक रक्तस्राव, पेट में गांठ, सूजन या लगातार दर्द जैसी शिकायतों को नजरअंदाज न करें और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लें। - डॉ. कमल किशोर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत