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Bageshwar News: होली के खुशी को दोगुना करेंगे फल, फूल और सब्जी से बने अबीर-गुलाल
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बागेश्वर। होली के पर्व पर केमिकल युक्त अबीर-गुलाल के प्रयोग से एलर्जी वालों के लिए अच्छी खबर है। महिला स्वयं सहायता समूह फल, फूल और सब्जी से प्राकृतिक अबीर-गुलाल का निर्माण कर रहे हैं। अब तक महिलाएं 50 किलोग्राम अबीर-गुलाल बेच चुकी हैं। होली तक एक क्विंटल से अधिक रंग बेचने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर के मजियाखेत के श्रीकृष्ण महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता वर्मा ने बताया कि 13 महिलाएं मिलकर प्राकृतिक अबीर-गुलाल बना रही हैं। गेंदे के फूलों से पीला, गुलाब के फूलों से गुलाबी, गाजर और चुकंदर से लाल और पालक-लाही आदि हरी सब्जियों से हरे रंग बनाए गए हैं। अबीर-गुलाल बनाने में किसी भी प्रकार के रसायनयुक्त रंगों का प्रयोग नहीं किया गया है। इन रंगों को जिला मुख्यालय समेत जिले के अन्य बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। समूह की महिलाएं अपने स्तर से गांव-गांव भी अबीर-गुलाल के पैकेट पहुंचाने का काम कर रही है। प्रति पैकेट बिक्री करने पर 10 रुपये का लाभांश रखा गया है। फिलहाल 50 किग्रा अबीर-गुलाल बिक्री के लिए तैयार कर लिया है। इतना ही बेचा जा चुका है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रंग बनाया जाएगा।
अबीर-गुलाल तैयार करने वाली महिलाएं
अध्यक्ष वर्मा ने बताया कि सुनीता परिहार, गोविंदी, मोहनी, दुर्गा, भावना, पूजा, बबीता, दीपा, प्रेमा, मोनिका, लवली, गंगा किरमोलिया प्राकृतिक रूप से अबीर-गुलाल निर्माण में सहयोग कर रही हैं। सभी महिलाएं होली पर्व तक खूब रंग बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त करने का प्रयास कर रही हैं।
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नगर के मजियाखेत के श्रीकृष्ण महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता वर्मा ने बताया कि 13 महिलाएं मिलकर प्राकृतिक अबीर-गुलाल बना रही हैं। गेंदे के फूलों से पीला, गुलाब के फूलों से गुलाबी, गाजर और चुकंदर से लाल और पालक-लाही आदि हरी सब्जियों से हरे रंग बनाए गए हैं। अबीर-गुलाल बनाने में किसी भी प्रकार के रसायनयुक्त रंगों का प्रयोग नहीं किया गया है। इन रंगों को जिला मुख्यालय समेत जिले के अन्य बाजारों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। समूह की महिलाएं अपने स्तर से गांव-गांव भी अबीर-गुलाल के पैकेट पहुंचाने का काम कर रही है। प्रति पैकेट बिक्री करने पर 10 रुपये का लाभांश रखा गया है। फिलहाल 50 किग्रा अबीर-गुलाल बिक्री के लिए तैयार कर लिया है। इतना ही बेचा जा चुका है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रंग बनाया जाएगा।
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अबीर-गुलाल तैयार करने वाली महिलाएं
अध्यक्ष वर्मा ने बताया कि सुनीता परिहार, गोविंदी, मोहनी, दुर्गा, भावना, पूजा, बबीता, दीपा, प्रेमा, मोनिका, लवली, गंगा किरमोलिया प्राकृतिक रूप से अबीर-गुलाल निर्माण में सहयोग कर रही हैं। सभी महिलाएं होली पर्व तक खूब रंग बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त करने का प्रयास कर रही हैं।

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