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MP Assembly Session Live: किसानों को कैबिनेट की सौगात, सिंघार का तंज; CM बोले- राहुल पहले तिलहन-दलहन जान लें
MP Vidhan Sabha Session Live News in Hindi: नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज मध्य प्रदेश विधासनभा सत्र का सातवां दिन है। आज सदन के अंदर विभागीय बजट पर चर्चा होगी। सत्र से जुड़ी हर अपडेट के लिए बने रहे इस लाइव के साथ।
लाइव अपडेट
सदन में दोनों ओर से तीखी नोकझोंक
विधानसभा में आज सुबह भोपाल और इंदौर में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के मामले को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया। ध्यानाकर्षण पर बोलते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर और भोपाल दोनों जगह भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला कार्यकर्ता भी घायल हुई है, इसलिए इस गंभीर मामले पर चर्चा जरूरी है। सदस्य इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते हैं। वहीं कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके पार्टी कार्यालय पर हमला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने माहौल बिगाड़ने का काम किया है।
भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने कहा कि घटनास्थल पर पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी हो रही है? पांडे ने कहा कि शनिवार और रविवार होने की वजह से वे पहले प्रतिक्रिया नहीं दे पाए, लेकिन अब इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चर्चा से बचना चाहती है और यह उसकी हताशा को दर्शाता है। कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा की घटना पर चर्चा क्यों नहीं की जा रही? उन्होंने इसे गलत परंपरा बताते हुए सभी घटनाओं पर समान रूप से चर्चा की मांग की। सदन में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
किसानों के लिए बड़ा पैकेज
इसके साथ ही किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत अगले पांच वर्षों के लिए कुल 10,520 करोड़ रुपये की पांच कृषि योजनाओं को निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से आगामी पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया।
जिन योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है, उनमें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (माइक्रो इरिगेशन), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग तथा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन शामिल हैं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ये घोषणाएं राहुल गांधी के संभावित दौरे के दबाव में की जा रही हैं? उन्होंने कहा कि यदि सरकार को यह निर्णय लेना था तो पहले भी लिया जा सकता था। इस पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी से पूछा जाना चाहिए कि तिलहन और दलहन में कौन-कौन सी फसलें आती हैं।
सदन में गूंजा सोसायटी चुनाव का मुद्दा
भाजपा विधायक अंबरीष शर्मा ‘गुड्डू’ ने सहकारी विभाग की मार्केटिंग सोसायटी लहार के अध्यक्ष पद के निर्वाचन को वैधानिक घोषित किए जाने का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में डेढ़ वर्ष पहले आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब जब दोबारा मामला उठाया गया तो संबंधित पक्ष को पत्र जारी किया गया है। विधायक ने कहा कि उन्होंने संचालक मंडल को अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है, ताकि पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने जवाब देते हुए कहा कि सदस्य के पत्र पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने माना कि कार्रवाई में कुछ विलंब हुआ है। मंत्री ने बताया कि संबंधित पक्ष को न्यायालय से कुछ राहत मिली हुई है, जिसे निरस्त (वैकट) कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में जिस अधिकारी की ओर से लापरवाही या देरी हुई है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में उठा हाकरी कारखाना मामला
जिलों में उद्योग स्थापना पर सवाल, सरकार ने बताई नई औद्योगिक योजना
विधानसभा में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने जिलों में उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके प्रश्न के जवाब में गलत आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं और स्पष्ट नीति की जानकारी भी नहीं दी गई है।
इस पर मंत्री गौतम टेटवाल ने जवाब देते हुए बताया कि अलीराजपुर जिले में कुल 12,550 जीवित पंजीयन दर्ज हैं। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत ‘उद्योग संवर्धन नीति 2025’ लागू की है। उन्होंने कहा कि रोजगार पोर्टल पर सभी इच्छुक युवा स्वयं पंजीयन करते हैं।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अलीराजपुर जिले के छकतला कला में 6 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा सेजवाड़ा, तहसील चंद्रशेखर आजाद नगर में 21.3 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण किया गया है।
कुल सचिव के भुगतान पर सवाल, मंत्री बोले- सब कुछ नियमानुसार
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा विधानसभा में गूंजा। भाजपा विधायक ललिता यादव ने आरोप लगाया कि शासन की प्रशासकीय स्वीकृति के बिना कुल सचिव द्वारा करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कुल सचिव बिना स्वीकृति 40 करोड़ रुपये तक का भुगतान कर सकता है।
इस पर उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने जवाब देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के प्रस्ताव के आधार पर कुलपति निवास और प्रशासकीय भवन निर्माण के लिए 17 करोड़ रुपये तथा बाउंड्री वॉल, गेट और गार्ड रूम निर्माण के लिए 10 करोड़ 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस प्रकार कुल 27 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान विश्वविद्यालय द्वारा लोक निर्माण विभाग (पीआईयू), जिला छतरपुर को किया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कुल सचिव द्वारा यह भुगतान नियमानुसार किया गया है। यदि किसी को प्रक्रिया पर आपत्ति है तो मामले की जांच कराई जा सकती है।
टंट्या भील विश्वविद्यालय को लेकर विधानसभा में बड़ा खुलासा
टंट्या भील विश्वविद्यालय को लेकर विधानसभा में बड़ा खुलासा हुआ है। कांग्रेस विधायक डॉ. झूमा सोलंकी ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि वर्तमान में कितने पद भरे हुए हैं, कितने रिक्त हैं और रिक्त पदों पर कब तक भर्ती की जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने लिखित जवाब में बताया कि विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर कृषि, कला, वाणिज्य (कंप्यूटर) और विज्ञान (कंप्यूटर) पाठ्यक्रम संचालित हैं। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम चल रहा है।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के 80, सह प्राध्यापक के 40 और प्राध्यापक के 20 पद स्वीकृत हैं। इस प्रकार कुल 140 शैक्षणिक पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में सभी पद रिक्त हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल कुछ शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। अभी विश्वविद्यालय में कार्य परिषद का गठन नहीं हुआ है, इसलिए भर्ती की प्रक्रिया कुलपति के अधिकार क्षेत्र में है। पदों की पूर्ति की सटीक समय-सीमा बताना संभव नहीं है, हालांकि 4 से 5 माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
आजीविका मिशन में गड़बड़ी का आरोप, कांग्रेस विधायक ने उठाया मामला
विधानसभा में कांग्रेस विधायक राम सिया भारती ने छतरपुर जिले में संचालित आजीविका मिशन में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गणेश वितरण कार्य में अधिकारियों ने दबाव बनाकर अपने चहेते लोगों को काम दिलाया और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। विधायक भारती ने कहा कि मामले की जांच समय-सीमा आधारित नहीं की गई है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से स्पष्ट समय-सीमा तय कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि छतरपुर मामले की जांच 28 फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी। जांच प्रतिवेदन आने के बाद ही आगे के भुगतान की प्रक्रिया की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा 28 फरवरी तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई की सूचना संबंधित सदस्य को भी दी जाएगी।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का हमला
प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भ्रम फैलाने का काम करते हैं और इसी उद्देश्य से मध्य प्रदेश आ रहे हैं। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा किसानों को गुमराह किया है और उनकी राजनीति तथ्यों के बजाय आरोपों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता और किसान अब सच्चाई समझ चुके हैं और किसी के बहकावे में आने वाले नहीं हैं।
कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना का बड़ा बयान
प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने राहुल गांधी की कृषि संबंधी जानकारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को किसानों की परिभाषा तक नहीं पता है। कंसाना ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि गेहूं की बाली कितनी बड़ी होती है और फसलों के बारे में बुनियादी जानकारी का अभाव है। उन्होंने आगे कहा कि जिन्हें यूरिया और खाद के उपयोग की जानकारी नहीं है, वे किसानों के हित में क्या काम करेंगे। मंत्री ने सवाल उठाया कि बिना जमीनी समझ के प्रदेश में आकर राहुल गांधी आखिर करेंगे क्या।