{"_id":"6a5fb1b80ccc62720d01b836","slug":"appeal-for-compensation-for-houses-damaged-by-chalk-mining-bageshwar-news-c-231-1-bgs1005-126674-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: खड़िया खनन से क्षतिग्रस्त मकान के मुआवजे के लिए लगाई गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: खड़िया खनन से क्षतिग्रस्त मकान के मुआवजे के लिए लगाई गुहार
Tue, 21 Jul 2026 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांडा(बागेश्वर)। लोहारखेत गांव में अवैध और अनियंत्रित खड़िया खनन के कारण एक आवासीय मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पीड़ित परिवार ने डीएम को पत्र भेजकर जान-माल की सुरक्षा और उचित मुआवजे की मांग की है।
मंगलवार को दिए ज्ञापन में पीड़ित बचे सिंह नगरकोटी ने बताया कि उनका पुस्तैनी मकान लोहारखेत गांव में स्थित है। घर वर्तमान में चल रहे खड़िया खनन क्षेत्र में आता है। कहा कि स्थानीय खड़िया खनन के कारण उनका पूरा मकान बुरी तरह टूट चुका है। मकान का आंगन पूरी तरह धंस गया है और कमरों की दीवारों में चौड़ी दरारें आ गई हैं। घर के सामने की उपजाऊ जमीन भी पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
पीड़ित बचे सिंह ने इस समस्या को लेकर खनन पट्टा मालिक को भी कई बार अवगत कराया। इसके बावजूद खनन संचालक ने कोई सुध नही ली। बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके कारण वह स्वयं मकान की मरम्मत कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने प्रशासन को मकान को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने या पुनर्वास कराने में सहायता प्रदान की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को दिए ज्ञापन में पीड़ित बचे सिंह नगरकोटी ने बताया कि उनका पुस्तैनी मकान लोहारखेत गांव में स्थित है। घर वर्तमान में चल रहे खड़िया खनन क्षेत्र में आता है। कहा कि स्थानीय खड़िया खनन के कारण उनका पूरा मकान बुरी तरह टूट चुका है। मकान का आंगन पूरी तरह धंस गया है और कमरों की दीवारों में चौड़ी दरारें आ गई हैं। घर के सामने की उपजाऊ जमीन भी पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
विज्ञापन
पीड़ित बचे सिंह ने इस समस्या को लेकर खनन पट्टा मालिक को भी कई बार अवगत कराया। इसके बावजूद खनन संचालक ने कोई सुध नही ली। बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जिसके कारण वह स्वयं मकान की मरम्मत कराने में असमर्थ हैं। उन्होंने प्रशासन को मकान को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने या पुनर्वास कराने में सहायता प्रदान की मांग की है।
विज्ञापन