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Bageshwar News: 10 केंद्रों में अदरक-हल्दी के बीजों का वितरण शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:48 PM IST
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बागेश्वर। खेती-किसानी के सीजन को देखते हुए उद्यान विभाग ने जिले के काश्तकारों के लिए अदरक और हल्दी के बीजों का वितरण शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत किसानों को हल्दी और अदरक के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक कुलदीप जोशी ने बताया कि जिले के 10 सचल केंद्रों के माध्यम से बीजों का वितरण किया जा रहा है। विभाग ने इस बार अदरक के 475 क्विंटल और हल्दी के 108 क्विंटल बीज मंगाए हैं। जिन किसानों ने पहले से डिमांड दी है वह अपनी डिमांड के अनुसार अपने नजदीकी केंद्रों से बीज प्राप्त कर सकते हैं। जिन किसानों ने डिमांड नहीं दी है उन्हें भी उपलब्धता के आधार पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कांडा, काफलीगैर, शामा, गरुड़, कपकोट, वज्यूला, पिंग्लो और कौसानी केंद्रों में वितरण प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने काश्तकारों से अपील की है कि वे समय पर बीज लेकर बुवाई का कार्य संपन्न करें। जिला मुख्यालय में सचल केंद्र प्रभारी शैलेश तिवारी और कांडा के प्रभारी कमल पंत ने बताया कि बीज खरीदने के लिए किसानों की भीड़ जुट रही है।
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खाने में न करें बीज वाले अदरक का प्रयोग
उद्यान विभाग ने किसानों को विशेष चेतावनी जारी की है कि वितरित किए जा रहे अदरक के बीजों में रसायनों और कीटनाशकों का प्रयोग किया गया है। यह रसायन बीजों को सड़ने और रोगों से बचाने के लिए लगाए जाते हैं। इस अदरक का उपयोग किसी भी स्थिति में खाने और चाय आदि में न करें। इसके सेवन से बीमारी भी हो सकती है।
कोट
जिले के किसानों को उन्नत किस्म के अदरक और हल्दी के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत किसानों को लागत का आधा ही भुगतान करना होगा। हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक काश्तकार योजना का लाभ उठाकर अपनी आजीविका को सुदृढ़ करें।
-हरीश चंद्र आर्या, डीएचओ, बागेश्वर
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वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक कुलदीप जोशी ने बताया कि जिले के 10 सचल केंद्रों के माध्यम से बीजों का वितरण किया जा रहा है। विभाग ने इस बार अदरक के 475 क्विंटल और हल्दी के 108 क्विंटल बीज मंगाए हैं। जिन किसानों ने पहले से डिमांड दी है वह अपनी डिमांड के अनुसार अपने नजदीकी केंद्रों से बीज प्राप्त कर सकते हैं। जिन किसानों ने डिमांड नहीं दी है उन्हें भी उपलब्धता के आधार पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कांडा, काफलीगैर, शामा, गरुड़, कपकोट, वज्यूला, पिंग्लो और कौसानी केंद्रों में वितरण प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने काश्तकारों से अपील की है कि वे समय पर बीज लेकर बुवाई का कार्य संपन्न करें। जिला मुख्यालय में सचल केंद्र प्रभारी शैलेश तिवारी और कांडा के प्रभारी कमल पंत ने बताया कि बीज खरीदने के लिए किसानों की भीड़ जुट रही है।
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खाने में न करें बीज वाले अदरक का प्रयोग
उद्यान विभाग ने किसानों को विशेष चेतावनी जारी की है कि वितरित किए जा रहे अदरक के बीजों में रसायनों और कीटनाशकों का प्रयोग किया गया है। यह रसायन बीजों को सड़ने और रोगों से बचाने के लिए लगाए जाते हैं। इस अदरक का उपयोग किसी भी स्थिति में खाने और चाय आदि में न करें। इसके सेवन से बीमारी भी हो सकती है।
कोट
जिले के किसानों को उन्नत किस्म के अदरक और हल्दी के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत किसानों को लागत का आधा ही भुगतान करना होगा। हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक काश्तकार योजना का लाभ उठाकर अपनी आजीविका को सुदृढ़ करें।
-हरीश चंद्र आर्या, डीएचओ, बागेश्वर