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जल संकट में प्रेरणा : दो जांबाजों ने सूखते जलस्रोतों को लौटाया जीवन

संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Sat, 21 Mar 2026 10:38 PM IST
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Inspiration in the water crisis: Two bravehearts bring life back to drying water sources
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बागेश्वर। ग्लोबल वार्मिंग और बदलते मौसम चक्र का प्रकृति पर सीधा असर पड़ रहा है। इससे भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और कई प्राकृतिक जल स्रोत सूखते जा रहे हैं। नदियां, गधेरे, नौले और धारों का अस्तित्व भी संकट में है। अधिकांश लोग इस गंभीर पेयजल संकट से अभी भी अनजान हैं। वहीं कुछ जागरूक व्यक्तियों ने समय रहते भविष्य के जल संकट को भांप लिया है। वे इन महत्वपूर्ण स्रोतों की रक्षा के लिए मुहिम में जुट गए हैं। जिले के मंडलसेरा निवासी किशन सिंह मलड़ा और गरुड़ के सिरकोट निवासी जगदीश कुनियाल ऐसे ही दो प्रेरणादायक व्यक्ति हैं।
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मलड़ा ने तीन जलस्रोतों को सूखने से बचाया
वृक्ष पुरुष के नाम से विख्यात किशन सिंह मलड़ा ने अपनी 12 साल की अथक मेहनत से मंडलसेरा के तीन सूखते जलस्रोतों को नया जीवन दिया है। ये जलस्रोत, जिनमें दुगाड़ गधेरा, नौला गधेरा और एक प्राकृतिक नौला शामिल हैं, 1990 के आसपास सूखने की कगार पर थे। मलड़ा ने ग्रामीणों को साथ लेकर करीब 12 साल तक अथक मेहनत की। उन्होंने छोटी-छोटी खंतियां बनाईं और चौड़ीपत्तीदार पौधे रोपे। धीरे-धीरे क्षेत्र में नमी बढ़ी और जलस्रोतों में पानी का स्तर बढ़ने लगा। 2004 के आसपास से इन जलस्रोतों में पानी का प्रवाह शुरू हुआ। 2009-10 में वन विभाग ने भी चाल-खाल बनाकर इस कार्य में सहयोग किया। वर्तमान में दोनों गधेरे सदानीरा हैं और नौले में भी भरपूर पानी रहता है।
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कुनियाल ने सूखे सिम गधेरे को पुनर्जीवित किया

गरुड़। सिरकोट गांव के पर्यावरण प्रेमी जगदीश कुनियाल की अथक मेहनत से लगभग सूख चुके सिम गधेरे से अब दो पेयजल योजनाएं संचालित हो रही हैं।

यह गधेरा वर्ष 1992 में लगभग सूख गया था। कुनियाल ने इसके किनारे व्यापक पौधरोपण शुरू किया। उन्होंने करीब आठ साल तक स्रोत से लेकर चौड़ी पत्तीदार स्थानीय पौधे रोपे, जिनमें बांज और देवदार प्रमुख थे। वर्षा जल संरक्षण के लिए छोटे रिचार्ज पिट भी बनाए गए। इन प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने में मदद मिली। आठ साल की मेहनत के बाद, वर्ष 2000 में गधेरे को नया जीवन मिला। वर्तमान में, यह गधेरा अपने पुराने स्वरुप में लौट आया है और साल भर पानी से भरा रहता है।
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