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Bageshwar News: 2016 में बने पुल से आगे 10 साल में एक मीटर भी सड़क नहीं बनी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:39 PM IST
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Not even a meter of road has been built beyond the bridge built in 2016 in 10 years.
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कपकोट (बागेश्वर)। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच कपकोट तहसील का वाछम गांव आज भी अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। लगभग 1500 की आबादी वाला यह सीमांत गांव आजादी के दशकों बाद भी सड़क सुविधा से महरूम है। सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण कई बार विधानसभा और लोकसभा चुनावों का सामूहिक बहिष्कार भी कर चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीण दिनेश दानू, चंदन, कमल, दीपा और कमला आदि ने बताया कि गांव के तोक खरकिया तक वर्ष 2016 में सड़क पहुंच गई थी। उसी दौरान पिंडर नदी के ऊपर शरणी नामक स्थान पर वैली ब्रिज का निर्माण भी पूरा कर लिया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके गांव तक गाड़ी पहुंचेगी, लेकिन विडंबना देखिए कि इस पुल से आगे पिछले 10 वर्षों में एक मीटर भी सड़क नहीं काटी जा सकी है। वाछम के मल्ला और तल्ला गांव के अलावा यहां से 14 किलोमीटर दूर जांतोली तोक भी है।
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जातोली से होकर ही प्रसिद्ध सुंदरढूंगा ग्लेशियर का ट्रैक रूट गुजरता है। यदि यह सड़क बन जाती तो ग्रामीणों की राह आसान होती, क्षेत्र में पर्यटन और स्वरोजगार को भी बड़े पंख लगते। सड़क न होने से आज भी ग्रामीणों को रोजमर्रा के सामान के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है। मरीजों और गर्भवती महिलाओं को डोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
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हम लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। साल 2016 में जब पिंडर नदी पर वैली ब्रिज बना, तो लगा कि हमारे दिन बहुरने वाले हैं। लेकिन प्रशासन की सुस्ती के कारण 10 साल में सड़क पुल से आगे नहीं बढ़ पाई। हर बार चुनाव में हमें सिर्फ आश्वासन मिलता है, जबकि धरातल पर आज भी हम डोली के सहारे जिंदगी काटने को मजबूर हैं।

-देवेंद्र दानू, ग्रामीण, वाछम,


वाछम और जांतोली तोक के ग्रामीणों के साथ यह सरासर अन्याय है। सुंदरढूंगा ग्लेशियर ट्रैक रूट होने के बावजूद सरकार इस क्षेत्र की उपेक्षा कर रही है। कई बार सर्वे की टीमें आईं और चली गईं, लेकिन नतीजा शून्य रहा।

-भगवत दानू, ग्रामीण

.......कोट
वाछम गांव में सड़क के लिए डीपीआर केंद्र सरकार में भेजी गई है। वन भूमि स्वीकृति मिलने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

-सुरेश गढि़या, विधायक कपकोट
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